सोना-चांदी के भाव में भारी कमी, जानें कब तक चलेगी ये गिरावट

Jitendra Shrivastava | Jul 23, 2026, 16:54 IST
Photograph: (THESOOTR)
BUSINESS DESK। आज सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई है। चांदी 4419 रुपए और सोना 1350 रुपए सस्ता हो गया। जानें गिरावट की वजह और आगे का अनुमान।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सोना-चांदी धड़ाम, चांदी 4419 रुपए सस्ती हुई आज।
  • गोल्ड 1350 रुपए टूटा, जानिए आज का ताजा भाव।
  • सर्राफा बाजार में हलचल, चांदी 2।22 लाख के करीब।
  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ी, सोने-चांदी पर दिखा असर।
  • 2026 तक 6000 डॉलर तक जा सकता है सोना: जेपी मॉर्गन।

आज सोने और चांदी के दाम में तेज गिरावट आई है। MCX पर चांदी 4419 रुपए सस्ती होकर 222579 रुपए प्रति किलो पर आ गई। सोना भी 1350 रुपए गिरकर 144330 रुपए पर ट्रेड कर रहा है।



अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने और कच्चे तेल के महंगा होने से यह गिरावट आई है। लॉन्ग टर्म में एक्सपर्ट्स अब भी सोने में तेजी की उम्मीद जता रहे हैं।



सोना-चांदी क्यों टूटे

आज सर्राफा बाजार में बड़ी हलचल देखने को मिली। सोने और चांदी दोनों के दाम में भारी गिरावट आई। यह गिरावट अचानक और तेज रफ्तार से आई। दोपहर करीब पौने दो बजे MCX (Multi Commodity Exchange – मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने का भाव 1350 रुपए गिरा। यह गिरकर 144330 रुपए पर आ गया।



चांदी की चाल इससे भी तेज रही। चांदी 4419 रुपए टूटकर 222579 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। निवेशकों के लिए यह गिरावट किसी झटके से कम नहीं थी।



इंटरनेशनल मार्केट में भी यही ट्रेंड दिखा। वहां सोना 1.45 फीसदी गिरकर 4092 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। चांदी 2 फीसदी लुढ़ककर 59.125 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही थी। पिछले कुछ दिनों में दोनों मेटल्स में हल्की तेजी देखी गई थी, लेकिन आज की गिरावट ने उस तेजी पर ब्रेक लगा दिया।



बॉन्ड यील्ड का असर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस गिरावट के पीछे कई वजहें हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। इसकी वजह से कच्चा तेल फिर महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमत 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई है।



इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी बढ़ गई। यह 0.38 फीसदी बढ़कर 4.675 फीसदी पर पहुंच गई। बॉन्ड यील्ड बढ़ने पर निवेशक अक्सर सुरक्षित निवेश से दूर हो जाते हैं। यही वजह है कि सोने को इस बार सपोर्ट नहीं मिल पाया।



gold silver price crash


मुनाफावसूली की वजह

एक बड़ी वजह मुनाफावसूली भी बताई जा रही है। इन्वेस्टिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक सोने में लगातार तीन कारोबारी सेशन तक तेजी रही थी। इसके बाद भाव ऐसे स्तर पर पहुंच गए, जहां कई ट्रेडरों ने मुनाफा काटना बेहतर समझा।



जब बड़ी संख्या में निवेशक मुनाफा बुक करते हैं, तो कीमतों पर दबाव बनता है। यही पैटर्न आज सोने और चांदी दोनों में दिखा। आने वाले दिनों में भी हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।



आगे क्या रहेगा असर

सोने की आगे की चाल कई ग्लोबल फैक्टर पर टिकी है। सबसे बड़ा फैक्टर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले हैं। अगर फेड आगे ब्याज दरों में कटौती करता है, तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है।



इसके अलावा दुनिया भर में चल रहा जियो-पॉलिटिकल तनाव भी अहम रोल निभाएगा। तनाव बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश की तरफ भागते हैं। इससे सोने की मांग बढ़ जाती है। इसके उलट अगर तनाव कम होता है, तो सोने पर दबाव और बढ़ सकता है।



पिछले एक साल में सेंट्रल बैंकों ने भी सोना खूब खरीदा था। इससे कीमतों को मजबूती मिली थी। हालांकि अब उनकी खरीदारी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ी है। फिर भी एक्सपर्ट्स का मानना है कि आगे सेंट्रल बैंक फिर से खरीदारी बढ़ा सकते हैं।



लंबी अवधि में तेजी संभव

इसका मतलब है कि मौजूदा गिरावट को अस्थायी करेक्शन के तौर पर देखा जा रहा है। रिकॉर्ड हाई लेवल तक दोबारा पहुंचना आसान नहीं होगा। लेकिन बड़ी तस्वीर अब भी सोने के पक्ष में झुकी हुई है।



निवेशकों के लिए इस समय सतर्क रहना जरूरी है। कीमतों में उतार-चढ़ाव आगे भी जारी रह सकता है। किसी भी बड़े फैसले से पहले मार्केट के ताजा हालात पर नजर रखना बेहतर रहेगा।



आम खरीदारों पर असर

हालांकि, ज्वेलर्स यह भी सलाह देते हैं कि सिर्फ एक दिन की गिरावट देखकर बड़ा फैसला न लें। कीमतों में अभी और उतार-चढ़ाव आ सकता है। जरूरत पड़ने पर ही खरीदारी करना बेहतर रहता है।



बाजार पर नजर रखने वाले जानकारों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में ग्लोबल घटनाक्रम पर सबकी निगाह रहेगी। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली बैठक और ईरान-अमेरिका तनाव की दिशा, दोनों ही सोने-चांदी की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसलिए फिलहाल कीमतों में स्थिरता की उम्मीद कम ही है।



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