महंगे सोने-चांदी ने बदला राखी का ट्रेंड, बाजार में कस्टमाइज्ड राखियों का बढ़ा क्रेज

Kaushiki | Jul 23, 2026, 14:17 IST
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सोने-चांदी के रिकॉर्ड ऊंचे दामों ने रक्षाबंधन के बाजार को पूरी तरह बदल दिया है। इस बार भारी राखियों की जगह लाइटवेट और सिल्वर फिनिश राखियां खूब पसंद की जा रही हैं। यह राखियां त्योहार के बाद पेंडेंट या ब्रेसलेट बन जाती हैं।

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन का त्योहार जल्द ही आने वाला है। बहनों ने अपने भाइयों की कलाई सजाने की तैयारी शुरू कर दी है। सराफा बाजार में सोने और चांदी की राखियों की दुकानें सज गई हैं। लेकिन इस बार बाजार में एक नया और अनोखा बदलाव दिख रहा है। सोने-चांदी के रिकॉर्ड ऊंचे दामों ने लोगों की पसंद बदल दी है। अब लोग भारी और पारंपरिक राखियां खरीदना कम पसंद कर रहे हैं।

बहनें अब अपने भाइयों के लिए हल्की और स्लीक राखियां चुन रही हैं। बाजार में मखमली, धागे और इको-फ्रेंडली राखियों का क्रेज काफी बढ़ गया है। इस बार मार्केट में लाइटवेट और सिल्वर फिनिश का नया ट्रेंड आया है।

लोग ऐसी राखियां चुन रहे हैं जिनका बाद में भी इस्तेमाल हो सके। यह राखियां कलाई से उतरकर लॉकेट या ब्रेसलेट बन जाती हैं। युवाओं को यह नया स्टाइल और आइडिया बहुत पसंद आ रहा है।आइए जानते हैं कि इस बार सराफा बाजार में क्या खास चल रहा है।

Raksha Bandhan | Hindu Festival, Rakhi, Origins, Family, & Variations |  Britannica
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रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त

साल 2026 में रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार 28 अगस्त, शुक्रवार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के मुताबिक, इस दिन भद्रा काल का साया नहीं रहेगा, जो बेहद शुभ है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र सुबह से ही बांध सकेंगी।

राखी बांधने का सबसे शुभ मुहूर्त: सुबह 05:57 बजे से लेकर सुबह 09:48 बजे तक रहेगा। इस समय पर पूजा की थाली सजाकर भाइयों को तिलक लगाएं और उनकी लंबी उम्र की कामना करें।

राखी का महत्व » Brahma Kumaris
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रक्षाबंधन पर क्यों बदला राखी का ट्रेंड

देश के प्रमुख शहरों से यह खास राखियां मंगवाई जाती हैं। जयपुर, राजकोट, सूरत और मुंबई से इनकी आवक होती है। दिल्ली और कोलकाता के कारीगर भी इन्हें बहुत अच्छे से बनाते हैं। सजावटी सामग्री चीन और थाईलैंड जैसे देशों से आती है।

इन सभी जगहों के कारीगर नए-नए क्रिएशंस तैयार करते हैं। दाम बढ़ने के बावजूद परंपरा निभाने वाला वर्ग पीछे नहीं है। विशेष सोने-चांदी की राखियां खरीदने वाले ग्राहक अभी भी आ रहे हैं।

वे हर साल की तरह इस बार भी खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि वे भी भारी की जगह नए डिजाइन्स चुन रहे हैं।इससे सराफा व्यापारियों के चेहरे पर काफी खुशी नजर आ रही है। अगर आप भी सोने या चांदी की राखी खरीद रहे हैं।

तो हमेशा हॉलमार्क और शुद्धता की जांच जरूर कर लें। ऐसा डिजाइन चुनें जिसे बाद में आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। इससे आपका पैसा भी सही जगह लगेगा और खुशी भी मिलेगी। सही चुनाव से रक्षाबंधन का त्योहार और भी यादगार बनेगा।

पहले लोग भारी और चौड़े डिजाइन वाली राखियां बहुत पसंद करते थे। अब भारी राखियों का फैशन धीरे-धीरे पीछे छूटता जा रहा है। बहनें अब ऐसी राखियां चुन रही हैं जो हाथ पर हल्की दिखें।

लाइटवेट राखियां देखने में बहुत सुंदर और आधुनिक नजर आती हैं। इन्हें पूरे दिन हाथ पर बांधना भी काफी आसान रहता है। भाई भी अब भारी राखी की जगह हल्की राखी पसंद कर रहे हैं। इसी वजह से दुकानदारों ने भी नया स्टॉक जमा कर लिया है।

Raksha Bandhan - Significance of Rakhi festival, Rakhi celebrated – Eshwar  Bhakti
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मखमली और धागे वाली राखियों का क्रेज

इस बार बाजार में मखमली राखियों की मांग सबसे ज्यादा है। रेशमी धागों से बनी राखियां भी लोगों को बहुत लुभा रही हैं। इन राखियों पर की गई बारीक कारीगरी देखने लायक होती है।

यह राखियां त्वचा के लिए पूरी तरह आरामदायक मानी जाती हैं। इनकी कीमत भी आम इंसान के बजट में आसानी से आ जाती है। सॉफ्ट फैब्रिक वाली राखियां बच्चों को भी खूब पसंद आ रही हैं। इनका रंग और लुक बहुत आकर्षक और प्रीमियम लगता है।

इको-फ्रेंडली और प्लांटेबल राखियों का जादू

पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता का असर त्योहारों पर भी दिख रहा है। लोग अब इको-फ्रेंडली राखियों को बहुत ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। इन राखियों को बनाने में बीज और प्राकृतिक चीजों का उपयोग होता है।

राखी का त्योहार खत्म होने के बाद इन्हें गमले में रोप सकते हैं। कुछ ही दिनों में इनमें से एक सुंदर पौधा निकल आता है। यह राखियां प्रकृति की रक्षा का एक अच्छा संदेश भी देती हैं। युवा पीढ़ी इस नए विचार को बहुत खुशी से अपना रही है।

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पर्सनल टच वाली कस्टमाइज्ड राखियों की धूम

आजकल कस्टमाइज्ड राखियों का ट्रेंड भी काफी तेजी से बढ़ा है। बहनें अपने भाई के नाम वाली राखियां अलग से बनवा रही हैं। राखी पर भाई-बहन की पुरानी फोटो भी प्रिंट कराई जा रही है। इसमें एक खास तरह का भावनात्मक लगाव महसूस होता है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर ऐसी राखियों की बिक्री बहुत ज्यादा हो रही है।

लोग पहले से ऑर्डर देकर ऐसी राखियां तैयार करवा रहे हैं। यह ट्रेंड रक्षाबंधन के त्योहार को और खास बना रहा है। युवाओं के बीच कस्टमाइज्ड डिजाइन्स का काफी अच्छा क्रेज दिख रहा है।

लोग अपने भाई के नाम वाली राखियां बनवा रहे हैं। धार्मिक प्रतीकों वाले चिह्नों की मांग भी बहुत ज्यादा है। ओम, स्वास्तिक, गणेश और त्रिशूल वाले डिजाइन काफी पसंद किए जा रहे हैं। राशि के चिह्नों वाली राखियां भी बाजार में धूम मचा रही हैं।

ब्रेसलेट स्टाइल राखियों का बढ़ता फैशन

आज के युवा ब्रेसलेट वाली राखियों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। यह राखियां त्योहार के बाद भी हाथ में बांधी जा सकती हैं। इन्हें घड़ी या ब्रेसलेट की तरह रोज पहना जा सकता है। धातु, लेदर और मोतियों के ब्रेसलेट बहुत पसंद किए जा रहे हैं।

भाई इन राखियों को महीनों तक अपनी कलाई पर सजाते हैं। फैशन और परंपरा का यह मेल बहुत पसंद किया जा रहा है। दुकानों पर ब्रेसलेट राखियों की बिक्री काफी तेज हो गई है।

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ऑनलाइन बाजार और सोशल मीडिया का असर

सोशल मीडिया ने भी राखी के इस नए ट्रेंड को बढ़ाया है। इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर नए-नए डिजाइन वायरल हो रहे हैं। घर बैठे लोग आसानी से मनपसंद राखी चुन रहे हैं। गांव और छोटे शहरों तक भी नए डिजाइन पहुंच रहे हैं।

डिजिटल पेमेंट ने खरीदारी को और ज्यादा आसान बना दिया है। दुकानदार भी अब सोशल मीडिया के जरिए ऑर्डर ले रहे हैं। इससे नए ट्रेंड की राखियां तेजी से घर-घर पहुंच रही हैं।

भारतीय बाजार में दुकानदारों की तैयारी

त्योहार को देखते हुए बाजार में पूरी तरह रौनक आ चुकी है। दुकानदारों ने ग्राहकों की पसंद के हिसाब से तैयारी की है। उन्होंने सस्ते और टिकाऊ सामान का ज्यादा स्टॉक रखा है।

महंगे सामान के बजाय नए स्टाइल पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। छोटों से लेकर बड़ों तक के लिए अलग-अलग वैरायटी उपलब्ध हैं। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ती ही जा रही है। हर कोई इस खास त्योहार को खुशी से मनाना चाहता है।

बहनें अब केवल सजावट नहीं, बल्कि उपयोगिता भी देख रही हैं। वे ऐसी राखी चाहती हैं जो भाई को हर दिन याद दिलाए। भाई भी अब सिंपल और स्टाइलिश लुक को पसंद कर रहे हैं।

बचपन की यादों को समेटने वाली राखियां सबसे आगे हैं। प्यार और सुरक्षा का यह बंधन अब नए रूप में दिख रहा है। महंगाई के बावजूद त्योहार का उत्साह बिल्कुल कम नहीं हुआ है। नए ट्रेंड्स ने रक्षाबंधन की खुशी को और बढ़ा दिया है।

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