मध्यप्रदेश सरकार फिर लेगी तीन हजार करोड़ का कर्ज, पूंजीगत व्यय और बुनियादी विकास पर होगा खर्च!
एमपी सरकार ले रही 3 हजार करोड़ का कर्ज
मध्य प्रदेश सरकार ने एक बार फिर बाजार से तीन हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज उठाने का फैसला किया है। यह कदम पूरी तरह से तय नियमों के तहत ही उठाया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए उधार लेने की जो सीमा तय की है, यह कर्ज पूरी तरह से उसी दायरे में आता है।
बता दें कि यह कर्ज प्रदेश के सकल घरेलू उत्पाद (Gross State Domestic Product - GSDP) की निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर ही है। इसका सीधा मतलब यह है कि राज्य सरकार भारत सरकार के वित्तीय नियमों और दिशा-निर्देशों का पूरा पालन कर रही है।
आरबीआई से मिली मंजूरी
इस तीन हजार करोड़ रुपए के कर्ज को भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को आयोजित नीलामी प्रक्रिया के जरिए अपनी मंजूरी दे दी है। खास बात यह है कि बाजार में सबसे कम ब्याज दर पर यह कर्ज फाइनल हुआ है।
तुलनात्मक रूप से ब्याज दर काफी कम होने के कारण राज्य सरकार के खजाने पर ब्याज चुकाने का कोई अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। इसके अलावा सरकार एक साथ सारा पैसा लेने के बजाय इसे 1,000-1,000 करोड़ रुपए के तीन चरणों में जुटा रही है।
कहां खर्च होगा यह पैसा?
जानकारी के अनुसार सरकार इस पूरे पैसे का इस्तेमाल पूंजीगत व्यय के रूप में करने जा रही है। इसका मतलब है कि यह रकम रोजमर्रा के छोटे-मोटे खर्चों में नहीं, बल्कि ऐसे बड़े कामों में लगेगी जो लंबे समय तक राज्य को फायदा पहुंचाएंगे।
- राज्य में चल रही महत्वपूर्ण बुनियादी विकास योजनाओं (Infrastructure Development Projects) को पूरा करने में।
- आम जनता की भलाई से जुड़े जरूरी जनहित कार्यों (Public Welfare Works) को तेजी से आगे बढ़ाने में।
कर्ज से जुड़े खास आंकड़े और मुख्य बातें
- कुल कर्ज राशि (Total Loan Amount): राज्य सरकार कुल तीन हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है।
- कर्ज लेने का तरीका (Loan Process): यह राशि एक साथ न लेकर 1,000-1,000 करोड़ रुपए के तीन अलग-अलग चरणों में ली जाएगी।
- मंजूरी देने वाली संस्था (Approving Authority): इस वित्तीय प्रक्रिया को भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India- RBI) ने हरी झंडी दी है।
- मंजूरी का दिन व प्रक्रिया (Process): आरबीआई ने मंगलवार को एक नीलामी प्रक्रिया (Auction Process) के जरिए इसे अंतिम रूप दिया है।
- जीएसडीपी की सीमा (GSDP Limit): यह पूरा कर्ज कानूनन तय 3 फीसदी के तय दायरे में ही बना हुआ है।
- खर्च का स्वरूप (Expenditure Type): यह पूरी राशि पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के रूप में काम में लाई जाएगी।
FAQ
- मध्य प्रदेश सरकार ने कितना कर्ज लेने का निर्णय लिया है?
मध्य प्रदेश सरकार ने बाजार से तीन हजार करोड़ रुपए का नया कर्ज लेने का निर्णय लिया है। - मध्य प्रदेश सरकार कर्ज का उपयोग किस उद्देश्य के लिए करेगी?
यह कर्ज पूंजीगत व्यय के रूप में महत्वपूर्ण बुनियादी विकास योजनाओं और जनहित कार्यों को पूरा करने में प्रयोग किया जाएगा। - क्या मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लिए गए कर्ज की प्रक्रिया कानून के तहत है?
हां, यह कर्ज भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मंजूर किया गया है और यह प्रदेश के अर्थव्यवस्था के लिए निर्धारित 3 प्रतिशत GSDP सीमा के भीतर है।