चालबाज चपरासी ने बैंक मैनेजर के साथ कर दिया 10 करोड़ का गबन

Raj Singh | Dec 08, 2024, 14:07 IST
10 CRORE
भोपाल में राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के चपरासी और बैंक मैनेजर ने मिलकर 10 करोड़ रुपए का घोटाला किया। फर्जी एफडी तोड़कर रकम जमीन खरीदने में लगाई गई।

भोपाल में राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था के एक चपरासी और बैंक मैनेजर ने मिलकर 10 करोड़ रुपए का घोटाला कर डाला। इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि सेंट्रल बैंक का तत्कालीन मैनेजर फरार है। आरोपियों ने सरकारी योजना की एफडी तोड़कर रकम अपने खातों में ट्रांसफर की और जमीन खरीदी। उनका प्लान था कि जमीन पर लोन लेकर गबन की रकम को वापस चुकाया जाएगा, लेकिन ऑडिट में हेराफेरी पकड़ में आ गई।



एफडी तोड़कर 10 करोड़ रुपए का गबन

गिरफ्तारी और रिकवरी

पुलिस ने चपरासी, यस बैंक मैनेजर और अन्य 4 लोगों को गिरफ्तार कर 9 करोड़ रुपए रिकवर कर लिए हैं। मामले में सेंट्रल बैंक का तत्कालीन मैनेजर नोएल सिंह फरार है।



फर्जी अकाउंट्स और दस्तावेज

50 से अधिक फर्जी बैंक अकाउंट खोले गए, जिसमें गबन की रकम ट्रांसफर की जाती थी। इसके लिए फर्जी कागजात और संस्था की सील का उपयोग किया गया।



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आरोपियों की भूमिकाएं

  • बृजेंद्र दास नामदेव (चपरासी): संस्था की फर्जी सील और दस्तावेजों के जरिए एफडी तोड़ी। रकम फर्जी खातों में ट्रांसफर की।
  • दीपक पंथी (सहायक ग्रेड-3): संस्था की बैंकिंग जानकारी और दस्तावेज गबन के लिए साझा किए।
  • धनंजय गिरी (पूर्व बैंक कर्मचारी): बिना सत्यापन के फर्जी खातों को खोलने में मदद की।
  • शैलेंद्र प्रधान (ज्योतिषाचार्य): अपने केंद्र पर लोगों को गुमराह कर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार की और चालू खाते खुलवाए।
  • राजेश शर्मा और पीयूष शर्मा: फर्जी बिलों के जरिए गबन की रकम को अपने खातों में ट्रांसफर किया और कमीशन काटकर कैश में दिया।

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सोशल मीडिया पर वायरल मामला

यह मामला ऑडिट के दौरान उजागर हुआ। डीसीपी रियाज इकबाल ने बताया कि केस सितंबर में दर्ज हुआ। जांच के लिए एसीपी निहित उपाध्याय और टीआई अवधेश भदौरिया की अगुवाई में 10 सदस्यीय एसआईटी बनाई गई है।



FAQ

  1. यह घोटाला कहां हुआ?
    भोपाल में राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में यह घोटाला हुआ।
  2. घोटाले में कौन-कौन शामिल थे?
    चपरासी, बैंक मैनेजर और अन्य 5 लोग शामिल थे।
  3. कितनी रकम का गबन किया गया?
    ₹10 करोड़ का गबन किया गया।
  4. एफडी कैसे तोड़ी गई?
    फर्जी दस्तावेजों और सील का इस्तेमाल कर एफडी तोड़ी गई।
  5. क्या रकम रिकवर हुई है?
    पुलिस ने ₹9 करोड़ की रिकवरी कर ली है।

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