मंत्री गोविंद सिंह राजपूत पर 100 करोड़ की संपत्ति छिपाने का आरोप, HC में याचिका दायर
समझें क्या है पूरा मामला
- मंत्री गोविंद राजपूत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर।
- चुनावी हलफनामे में संपत्ति छिपाने का आरोप।
- करीब 100 करोड़ की संपत्ति का दावा।
- चुनाव आयोग में पहले शिकायत हुई थी।
- हाईकोर्ट में 4 अगस्त को सुनवाई होगी।
राजपूत के खिलाफ याचिका दायर
एमपी सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे में करीब 100 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों का पूरा विवरण नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है।
हाईकोर्ट पहुंचा हलफनामा विवाद
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (Madhya Pradesh High Court) में विधायक गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) के चुनावी हलफनामे को लेकर याचिका दायर की गई है। यह याचिका वर्ष 2023 विधानसभा चुनाव से जुड़े दस्तावेजों पर को लेकर दायर की गई है।
याचिका में दावा किया गया है कि नामांकन के समय दाखिल हलफनामे में कुछ संपत्तियों की जानकारी नहीं दी गई। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि करीब 100 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों का विवरण छिपाया गया। हालांकि यह आरोप याचिका में लगाए गए हैं। इन आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया और सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।
संपत्तियों को लेकर लगाए आरोप
सागर जिले के रहली विधानसभा क्षेत्र निवासी राजकुमार सिंह ने जनहित याचिका दायर की है। याचिका में विधायक गोविंद सिंह राजपूत, उनकी पत्नी सविता गोविंद और ज्ञानवीर सेवा समिति से जुड़ी संपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि इन संपत्तियों की जानकारी चुनाव आयोग के सामने पूरी तरह प्रस्तुत नहीं की गई। उन्होंने इसे चुनावी हलफनामे से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी का मामला बताया है। याचिका में मांग की गई है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
चुनाव आयोग में हुई थी शिकायत
याचिकाकर्ता के अनुसार, इस मामले में पहले चुनाव आयोग के सामने शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत 21 मार्च 2025 को की गई थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि शिकायत के बाद भी कोई प्रभावी आदेश जारी नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में चुनाव आयोग की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने तय की तारीख
मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस प्रदीप मित्तल की युगलपीठ में हुई। हाईकोर्ट ने मामले को प्रारंभिक सुनवाई के लिए 4 अगस्त को सूचीबद्ध किया है। कोर्ट अब याचिकाकर्ता के तर्क और दस्तावेजों पर विचार करेगा। आगे की कार्रवाई सुनवाई के दौरान तय होगी।
वरिष्ठ अधिवक्ता रखेंगे पक्ष
याचिकाकर्ता की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत पक्ष रखेंगे। मामले में याचिकाकर्ता ने चुनावी पारदर्शिता और संपत्ति विवरण से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। अब सभी की नजर 4 अगस्त को होने वाली सुनवाई पर है। कोर्ट के सामने याचिका की स्वीकार्यता और आगे की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा
चुनावी हलफनामा (Election Affidavit) उम्मीदवारों की संपत्ति, देनदारी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी का आधिकारिक दस्तावेज होता है। उम्मीदवारों को नामांकन के समय निर्धारित प्रारूप में जानकारी देनी होती है। इसी प्रक्रिया को लेकर यह विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा है।
यदि किसी हलफनामे में जानकारी छिपाने का आरोप साबित होता है तो कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान हो सकता है। फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और आगे की स्थिति सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।
FAQ
- गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर हुई?
गोविंद सिंह राजपूत के खिलाफ हाईकोर्ट में चुनावी हलफनामे को लेकर जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि 2023 विधानसभा चुनाव के दौरान करीब 100 करोड़ रुपए की संपत्तियों का विवरण नहीं दिया गया। - . गोविंद सिंह राजपूत मामले में हाईकोर्ट में अगली सुनवाई कब होगी?
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले में प्रारंभिक सुनवाई के लिए 4 अगस्त की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत पक्ष रखेंगे।
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