गन लाइसेंस रिन्यूअल के नए नियम: जमीन विवाद है तो सरकार छीन लेगी आपकी बंदूक!
Sanjay Dhiman | Jun 26, 2026, 22:45 IST
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जमीन विवाद या कब्जे की प्रतिकूल रिपोर्ट मिलने पर शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण प्रभावित हो सकता है। पटवारी और पुलिस वेरिफिकेशन के बाद जिला मजिस्ट्रेट अंतिम निर्णय लेंगे। हालांकि केवल विवाद दर्ज होने से लाइसेंस अपने आप रद्द नहीं होगा।
मध्यप्रदेश में शस्त्र लाइसेंस नवीनीकरण के नियम बदल गए हैं। अब पटवारी यह जांचेंगे कि आवेदक पर जमीन कब्जे का कोई मामला तो नहीं है। अकेले भोपाल जिले में कुल 7716 लाइसेंस हैं, जिनमें से 2127 को इसी साल रिन्यू कराना है। बिजली का बकाया न चुकाने पर भी लाइसेंस खतरे में पड़ सकता है। आर्म्स एक्ट 1959 के तहत जिला मजिस्ट्रेट को लाइसेंस रद्द करने का अधिकार है।
बंदूक का लाइसेंस हर पांच साल में रिन्यू कराना होता है। पहले यह काम काफी आसान था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। नवीनीकरण के लिए पटवारी वेरिफिकेशन जरूरी हो गई है। पटवारी जांचेंगे कि लाइसेंसधारक पर किसी की जमीन पर कब्जे का कोई मामला तो नहीं चल रहा। अगर जमीन से जुड़ा कोई विवाद सामने आया, तो लाइसेंस रिन्यू नहीं होगा। और गंभीर मामलों में बंदूक सरेंडर तक करनी पड़ सकती है।
भोपाल जिले में इस वक्त कुल 7716 शस्त्र लाइसेंस हैं। इनमें से करीब 30 फीसदी यानी 2127 लोगों को इसी साल नवीनीकरण कराना है।
ये सभी नई जांच प्रक्रिया से गुजरेंगे। पटवारी रिपोर्ट में अगर कोई गड़बड़ी मिली, तो लाइसेंस पर संकट आ सकता है। इसके अलावा स्पोर्ट्स कोटे वाले लाइसेंसों की जांच पहले ही हो चुकी है। उसमें 40 लाइसेंस रद्द किए गए थे। ये वे लोग थे जो लंबे समय से खेल गतिविधियों से दूर थे।
सिर्फ जमीन विवाद ही नहीं, बिजली का बकाया भी मुसीबत बन सकता है। बिजली कंपनी ने प्रशासन को 35 ऐसे लाइसेंसधारकों की सूची दी है जिन्होंने बिल नहीं चुकाया है।
कंपनी ने अनुरोध किया है कि बकाया जमा न होने पर इनके लाइसेंस रद्द किए जाएं। साल के आखिर तक इस सूची को अपडेट भी किया जाएगा। यानी बिजली का बिल बकाया छोड़ा, तो बंदूक भी जा सकती है।
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त आठ नजूल क्षेत्र की 25 तहसीलदार कोर्ट में 2200 जमीन कब्जे के मामले चल रहे हैं। इन सभी में पटवारी रिपोर्ट लगती है।
जो लोग इन मामलों में लाइसेंसधारक होंगे, उनसे पूछताछ होगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो लाइसेंस पर कार्रवाई हो सकती है। रसूखदार लोग जिन्होंने जमीन कब्जाने की कोशिश की है, उनके लिए यह नियम सबसे बड़ी मुसीबत है।
आर्म्स एक्ट (Arms Act – 1959) के तहत गन लाइसेंस जारी करने और रद्द करने का अधिकार जिला मजिस्ट्रेट को मिला हुआ है। कानून कहता है कि अगर किसी व्यक्ति के आचरण से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा दिखे, या लाइसेंस के लिए दी गई जानकारी गलत निकले, तो मजिस्ट्रेट नवीनीकरण रोक सकते हैं।
जरूरत पड़ने पर लाइसेंस पूरी तरह निरस्त भी किया जा सकता है। यानी कानून पहले से ही यह अधिकार देता है। अब बस इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है।
जिले में लाइसेंस का काम देख रहे अधिकारी इकबाल मोहम्मद के तबादले के बाद अब नए अधिकारी को प्रभार दिया जाएगा। उसके बाद रिपोर्ट पर काम शुरू होगा। यानी वेरिफिकेशन प्रक्रिया अभी पूरी तरह शुरू नहीं हुई है। लेकिन जो भी लाइसेंसधारक इस दायरे में आते हैं, उनके लिए यह सतर्क रहने का वक्त है।
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नया नियम क्या कहता है
कितने लाइसेंसधारक हैं जिले में
ये सभी नई जांच प्रक्रिया से गुजरेंगे। पटवारी रिपोर्ट में अगर कोई गड़बड़ी मिली, तो लाइसेंस पर संकट आ सकता है। इसके अलावा स्पोर्ट्स कोटे वाले लाइसेंसों की जांच पहले ही हो चुकी है। उसमें 40 लाइसेंस रद्द किए गए थे। ये वे लोग थे जो लंबे समय से खेल गतिविधियों से दूर थे।
बिजली बकाया पर भी जाएगी बंदूक
कंपनी ने अनुरोध किया है कि बकाया जमा न होने पर इनके लाइसेंस रद्द किए जाएं। साल के आखिर तक इस सूची को अपडेट भी किया जाएगा। यानी बिजली का बिल बकाया छोड़ा, तो बंदूक भी जा सकती है।
2200 जमीन विवाद के मामले लंबित
जो लोग इन मामलों में लाइसेंसधारक होंगे, उनसे पूछताछ होगी। जवाब संतोषजनक नहीं मिला, तो लाइसेंस पर कार्रवाई हो सकती है। रसूखदार लोग जिन्होंने जमीन कब्जाने की कोशिश की है, उनके लिए यह नियम सबसे बड़ी मुसीबत है।
आर्म्स एक्ट क्या कहता है
जरूरत पड़ने पर लाइसेंस पूरी तरह निरस्त भी किया जा सकता है। यानी कानून पहले से ही यह अधिकार देता है। अब बस इसे सख्ती से लागू किया जा रहा है।
वेरिफिकेशन का काम कहां तक पहुंचा
FAQ
- जमीन विवाद होने पर क्या गन लाइसेंस रद्द हो जाता है?
जरूरी नहीं कि तुरंत रद्द हो। पहले पटवारी रिपोर्ट में मामला सामने आएगा। फिर लाइसेंसधारक से पूछताछ होगी और संतोषजनक जवाब न मिलने पर जिला मजिस्ट्रेट लाइसेंस रद्द कर सकते हैं। - गन लाइसेंस का नवीनीकरण कितने साल में होता है?
गन लाइसेंस हर पांच साल में रिन्यू कराना जरूरी होता है। नवीनीकरण के लिए अब पटवारी सहित सभी स्तरों पर वेरिफिकेशन अनिवार्य है। नई प्रक्रिया में जमीन, बिजली बकाया और आचरण सभी की जांच होती है। - बिजली बकाया होने पर क्या गन लाइसेंस जा सकता है?
हां, बिजली कंपनी ने 35 बकायादारों की सूची प्रशासन को सौंपी है। अगर बकाया जमा नहीं किया गया, तो प्रशासन इनके लाइसेंस रद्द करने पर विचार करेगा। साल के आखिर तक यह सूची अपडेट भी होगी।
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