मोहन सरकार पर कांग्रेस का चौतरफा हमला, किसान की मौत का है मामला
मध्य प्रदेश के गुना जिले में किसान की मौत का मामला गरमाता जा रहा है। इस पर प्रदेश के नेताओं के साथ-साथ अब केंद्रीय नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व सीएम कमल नाथ, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी के बाद कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी ने मोहन सरकार पर हमला बोला है।
प्रियंका ने बोला हमला
प्रियंका गांधी ने अपने अधिकारिक एक्स हैंडल से ट्वीट कर लिखा कि यह रबी फसलों की बोवाई का पीक सीजन है और हमेशा की तरह फिर से पूरे देश में उर्वरक खाद का संकट पैदा हो गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में खाद के लिए लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। किसान अपने खेतों में काम छोड़कर इधर-उधर भटक रहे हैं और जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। वो आगे लिखती हैं कि भाजपा राज में हर सीजन में खाद का संकट के चलते किसानों की यह परेशानी अब आम हो गई है। क्या भाजपा सरकार दस साल में यह अंदाजा ही नहीं लगा सकी कि देश में कुल कितनी खाद की जरूरत होती है? चाहे फसलों का दाम हो या खाद-बीज की उपलब्धता, बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा खुद किसानों के लिए संकट बन चुकी है।
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बीजेपी पर कांग्रेस का आरोप
प्रियंका गांधी से पहले मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और छिंदवाड़ा से लोकसभा सांसद रहे कमलनाथ ने कहा था कि मध्यप्रदेश के गुना जिले के झागर गांव के किसान भगवत किरार की दिन भर खाद की लाइन में खड़े रहने के बाद शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर विचलित करती है। मृतक किसान ने खाद न मिलने पर दिन में एक वीडियो जारी कर खाद वितरण व्यवस्था में भारी गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की बात कही थी। एक किसान का बीजेपी सरकार पर खुलेआम भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के कुछ ही घंटे बाद उसकी मृत्यु की खबर कई सवालों और संदेहों को जन्म देती है।
कमलनाथ आगे लिखते हैं कि बताया जाता है कि मृतक किसान का पोस्टमार्टम कराए बिना ही आनन फानन में अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, इससे मृत्यु की असली वजह भी सामने नहीं आ सकी है। कुछ लोग इसे दबी ज़ुबान में खाद न मिलने से त्रस्त होकर किसान द्वारा आत्महत्या करने का मामला भी बता रहे हैं।
एमपी में तालिबानी शासन- कमलनाथ
कमलनाथ ने आगे सीएम मोहन यादव का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी, मध्यप्रदेश में खाद बीज की किल्लत विकराल रूप ले चुकी है, सरकार पता नहीं किस नशे में मदमस्त होकर किसानों को रौंद रही है। अन्नदाता सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, तो शाम को उसकी मृत्यु की खबर आ जाती है। मध्यप्रदेश में ये कौन सा तालिबानी शासन चल रहा है?
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'मोहन यादव तोड़ेंगे चुप्पी'
वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी किसान की मौत को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मैं छोटा किसान हूं। मेरा कानून, सरकार से निवेदन है मेरे पास कम से कम जमीन है। मुझे एक भी दाना खाद का नहीं मिला! पांच-पांच साल, एक-एक साल के बच्चे का आधार कार्ड बन रहा है। अगर आधार कार्ड से खाद दिया जाएगा तो हमारे तो बस की ही नहीं है कि दो-दो बीघा वाले किसान उन कट्टों को खरीद लें। उन्होंने आगे लिखा कि यह बयान इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि यही पीड़ित किसान का अंतिम बयान बन गया है! क्या सिस्टम से हारे एक और किसान की इस सरकारी हत्या पर मोहन यादव जी चुप्पी तोड़ेंगे? बार-बार सरकारी दरवाजा खटखटाने के बाद भी जो खाद नहीं दे पाए, ऐसी हत्यारी सरकार अब नहीं चाहिए।
FAQ
- गुना जिले में क्या हुआ है ?
मध्य प्रदेश के गुना जिले में एक किसान की मौत हो गई, जिसके पीछे डीएपी खाद की कमी को कारण बताया जा रहा है। - किसान ने अपनी मौत से पहले क्या कहा था?
किसान ने एक वीडियो में खाद संकट और सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताई थी। - प्रियंका गांधी ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
प्रियंका गांधी ने खाद संकट के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि किसानों की परेशानियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। - कमलनाथ ने इस मामले पर क्या बयान दिया?
कमलनाथ ने इसे हत्या का मामला बताते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। - मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अभी तक इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा है, जबकि विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं।
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