नायब तहसीलदार भी नहीं बची घरेलू हिंसा से: 6 साल से पति कर रहा मारपीट, सरकारी लेपटॉप छीना
समझें पूरा मामला...
- शादी की पहली रात से मिले ताने और जुल्म।
- पूरी सैलरी छीन लेता था आरोपी पति।
- दांत तोड़े, हाथ मरोड़े, जमीन पर पटका।
- सरकारी लैपटॉप और जेवरात छीनकर फरार।
- BNS धाराओं में FIR दर्ज, जांच शुरू।
मध्य प्रदेश के गुना जिले से महिला उत्पीड़न का मामला सामने आया है। गुना में पदस्थ नायब तहसीलदार आरती गौतम से उनके पति विजेंद्र उचाड़िया ने बेरहमी से मारपीट की।
घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और दहेज प्रताड़ना (Dowry Harassment) का यह मामला बताता है कि सरकारी पद भी महिलाओं को घर के जुल्म से नहीं बचा सकता। अब नायब तहसीलदार ने पति के खिलाफ कैंट थाने में मारपीट, प्रताड़ना और लूटपाट का केस दर्ज कराया है।
गुना में नायब तहसीलदार पर जुल्म
मध्य प्रदेश के गुना जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। गुना में पदस्थ नायब तहसीलदार आरती गौतम (Naib Tehsildar Aarti Gautam) ने अपने पति विजेंद्र उचाड़िया के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
यह मामला घरेलू हिंसा (Domestic Violence) और दहेज प्रताड़ना (Dowry Harassment) से जुड़ा है। पुलिस ने कैंट थाने में BNS की धाराओं के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।
शादी की पहली रात से उत्पीड़न शुरू
आरती गौतम की शादी 21 जनवरी 2020 को मुरैना निवासी विजेंद्र उचाड़िया से हुई थी। शादी के अगले दिन ही ससुराल में पति ने गंदी गालियां दीं। शादी की पहली रात को ही आरोपी ने सभी गिफ्ट्स गुस्से में फेंक दिए। उसने ताना मारते हुए कहा कि 'तुझे तो नौकरी वाला पति चाहिए था।' पदस्थ महिला अधिकारी (Woman Officer) के लिए यह शुरुआत बेहद दर्दनाक थी।
सैलरी और त्योहारों पर भी लगाई पाबंदी
आरोपी पति जबरन पत्नी की पूरी सैलरी (Salary) छीन लेता था। होली और दीवाली जैसे त्योहारों पर भी मायके जाने की इजाजत नहीं दी जाती थी। पीड़ित महिला अधिकारी ने बताया कि पति लगातार दहेज प्रताड़ना (Dowry Harassment) देता रहा। वह बार-बार कहता था कि 'तेरे बाप ने दहेज में कुछ नहीं दिया।' इंदौर के एक हॉस्टल का लोन चुकाने के लिए भी रुपयों की मांग की जाती थी।
भिंड पोस्टिंग में भी नहीं मिली राहत
जब नायब तहसीलदार आरती गौतम की पोस्टिंग भिंड जिले में हुई, तब भी जुल्म जारी रहा। आरोपी पति वहां भी साथ रहा और प्रताड़ना (Harassment) जारी रखी।
महिला अधिकारी (Woman Officer) का आरोप है कि पति उन्हें मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से तोड़ता रहा। सैलरी छीनने के साथ-साथ और पैसों की मांग भी लगातार बढ़ती रही। पीड़िता बच्चों के भविष्य के डर से सब कुछ सहती रहीं।
गुना में हुई बेरहम मारपीट
गुना में ट्रांसफर के बाद भी पति यहां भी साथ रहने लगा। 12 मई को आरोपी ने पैसों और ज्वेलरी की मांग को लेकर विवाद शुरू किया। विरोध करने पर उसने आरती गौतम का हाथ मरोड़ा और जमीन पर पटक दिया। इस मारपीट (Assault) में उनके मुंह, हाथ और दांतों में गंभीर चोटें आईं। आरोपी ने उनका मोबाइल तोड़ दिया और फरार हो गया।
सरकारी लैपटॉप और जेवरात छीने
मारपीट के बाद आरोपी पति ने पीड़िता का सरकारी लैपटॉप (Government Laptop) छीन लिया। सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी लूटकर फरार हो गया।
यह लैपटॉप सरकारी काम में उपयोग किया जाता था। इससे मामला घरेलू हिंसा के साथ-साथ सरकारी संपत्ति की लूट का भी बन गया। पुलिस ने BNS धाराओं (BNS Sections) के तहत FIR दर्ज की है।
बच्चों की खातिर सहती रहीं, अब मांगा इंसाफ
नायब तहसीलदार आरती गौतम ने बताया कि उन्होंने बच्चों के भविष्य की खातिर सालों तक सब कुछ सहा। समाज और परिवार के डर से वे चुप रहीं। लेकिन जब प्रताड़ना (Harassment) बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो उन्होंने कानून का दरवाजा खटखटाया।
ASP गुना मानसिंह ठाकुर ने कहा कि पति के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। यह मामला महिला सशक्तीकरण (Women Empowerment) की एक अहम परीक्षा है।
महिला सुरक्षा का सवाल फिर उठा
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा (Domestic Violence) के खिलाफ सख्त कानून की जरूरत उठाई है। जब एक पढ़ी-लिखी और सशक्त महिला अधिकारी भी घर में सुरक्षित नहीं, तो आम महिलाओं की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
दहेज प्रताड़ना (Dowry Harassment) आज भी समाज का एक बड़ा दर्द है। इस मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है। पीड़िता का साहस अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन सकता है।
ये खबरें भी पढ़ें...
सिंहस्थ 2028: नहीं बिछड़ेंगे बुजुर्ग और बच्चे, RFID बैंड से श्रद्धालुओं पर रखेंगे नजर
MP के जंगलों में 1000 साल पुराने पदचिन्हों की खोज,'नागरी लिपि' में लिखा शिलालेख भी मिला
बुदनी रेल प्रोजेक्ट से इंदौर से सीधे जुड़ेंगे भोपाल-जबलपुर, 2 घंटे की दूरी कम, 10 नए क्रॉसिंग
एमपी के शहडोल में 400 करोड़ का जमीन घोटाला : पटवारी और अफसरों की सांठगांठ उजागर