छात्राओं की बोतल में भर दिया पेशाब, प्राचार्य बोले- मुंह खराब हुआ तो चॉकलेट खा लो
Pawan Modiya | Aug 19, 2026, 24:04 IST
गुना का स्कूल
गुना के आरोन क्षेत्र में पांचवीं की 10 छात्राओं की बोतलों में पेशाब मिलाने का आरोप है। छात्राओं ने अनजाने में वही पानी पी लिया। प्राचार्य के कथित जवाब पर परिजन भड़के। SDM ने दो दिन में जांच रिपोर्ट मांगी है।
समझें क्या है पूरा मामला
- आरोन के सरकारी स्कूल में पांचवीं की 10 छात्राओं की बोतलें दूषित हुईं।
- कुछ सहपाठियों पर बोतलों में पेशाब मिलाने का आरोप लगा है।
- छात्राओं ने जानकारी मिलने से पहले वही पानी पी लिया।
- प्राचार्य के कथित जवाब से परिजन और ग्रामीण नाराज हुए।
- एसडीएम ने दो दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
छात्राओं ने जानकारी मिलने से पहले बोतलों का पानी पी लिया। घटना सोमवार सुबह स्कूल समय के दौरान हुई। मामला सामने आने के बाद छात्राएं रोते हुए प्राचार्य के पास पहुंचीं। प्राचार्य की कथित प्रतिक्रिया से विवाद और बढ़ गया। मंगलवार सुबह परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे। उन्होंने विरोध करते हुए स्कूल के दरवाजे पर ताला लगा दिया।
घटना कैसे सामने आई
छात्राओं के अनुसार उनकी अनुपस्थिति में बोतलें दूषित की गईं। बोतलों में कथित रूप से पेशाब मिलाया गया। कक्षा में लौटने के बाद छात्राओं ने बोतलों से पानी पिया। उस समय उन्हें बोतलों से हुई छेड़छाड़ की जानकारी नहीं थी।
कुछ देर बाद छात्राओं को पानी में गड़बड़ी का संदेह हुआ। बोतलों से असामान्य गंध आने की बात भी सामने आई। इसके बाद छात्राओं ने सहपाठियों से जानकारी जुटाई। उन्हें बोतलों में पेशाब मिलाने की बात पता चली। इस जानकारी से बच्चियां डर गईं और रोने लगीं। इसके बाद उन्होंने स्कूल प्राचार्य से शिकायत करने का फैसला किया।
प्राचार्य के जवाब पर सवाल
आरोप है कि प्राचार्य ने चॉकलेट खाने की सलाह दी। उन्होंने मुंह खराब होने पर चॉकलेट खाने की बात कही। रिपोर्ट के अनुसार प्राचार्य ने दस रुपए वाली चॉकलेट का जिक्र किया। यह कथित जवाब छात्राओं को असंवेदनशील लगा।
घर पहुंचकर बताई आपबीती
परिजनों ने दूसरे अभिभावकों से भी संपर्क किया। इसके बाद गांव में घटना की जानकारी तेजी से फैल गई। अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि शिकायत पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए थी।
स्कूल में विरोध और ताला
परिजनों ने आरोपी प्राचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई मांगी। उन्होंने प्राचार्य पर मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में नारेबाजी भी की। हंगामा बढ़ने के बाद प्रशासन को सूचना दी गई। स्थिति संभालने के लिए भारी पुलिस बल बुलाया गया। अधिकारियों ने परिजनों को शांत कराने का प्रयास किया।
प्रशासन ने क्या किया
अधिकारियों ने पीड़ित छात्राओं के अलग-अलग बयान दर्ज किए। उनके परिजनों से भी घटना की जानकारी ली गई। जिन छात्रों पर आरोप लगा है, उनके बयान भी लिए गए। प्रशासन ने स्कूल स्टाफ से भी पूछताछ की।
अधिकारियों ने घटना के पूरे समयक्रम की जानकारी जुटाई। छात्राएं कक्षा से कब बाहर गईं, यह भी पूछा गया। बोतलों तक किसकी पहुंच थी, इसकी जांच हो रही है। स्कूल में निगरानी व्यवस्था की जानकारी भी मांगी गई। एसडीएम ने बीईओ को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा। जांच रिपोर्ट तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
दो दिन में आएगी रिपोर्ट
प्राचार्य को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनके लिखित जवाब को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा। जांच में छात्राओं और उनके परिजनों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। आरोपी बताए गए छात्रों का पक्ष भी दर्ज होगा।
स्कूल के शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से भी जानकारी ली जाएगी। घटना के समय उनकी मौजूदगी की जांच होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। दोष साबित होने पर विभागीय कदम उठाए जा सकते हैं।
जरूरी FAQ
यह घटना गुना जिले के आरोन क्षेत्र के सरकारी स्कूल में हुई। पांचवीं कक्षा की 10 छात्राओं की बोतलों में पेशाब मिलाने का आरोप है। स्कूल का विस्तृत नाम उपलब्ध रिपोर्ट में सार्वजनिक नहीं किया गया है।
प्रशासन ने मामले में क्या कार्रवाई की?
एसडीएम मंजूषा खत्री ने तहसीलदार और बीईओ को मौके पर भेजा। छात्राओं, परिजनों और आरोपी बताए गए छात्रों के बयान लिए गए। बीईओ को दो दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश मिले हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
कॉकरोच जनता पार्टी करेगी सरकारी स्कूलों की जांच! ग्वालियर कलेक्टर से मांगी इजाजत
NEWS STRIKE: सरकारी स्कूलों की पोल खोलेगा नया मिशन, पंचायत चुनाव पर पड़ेगा असर?
सरकारी स्कूलों में प्रवेश पर रोक, अब CJP का 9 जिलों में स्कूल ठीक करो अभियान
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava