ग्वालियर की सब्जी मंडी होगी शिफ्ट? व्यापारियों की मांग पर साडा ने खोले रास्ते
समझें क्या है पूरा मामला
- लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी को साडा में शिफ्ट करने की मांग उठी है।
- व्यापारियों ने 15 दिन पहले साडा अध्यक्ष से मुलाकात की।
- साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा ने जमीन देने पर सहमति दी।
- नो एंट्री के कारण बड़े वाहनों को परेशानी होती है।
- अब मंडी प्रशासन की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
नो एंट्री बनी सबसे बड़ी परेशानी
लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी नो एंट्री क्षेत्र में स्थित है। इस वजह से सब्जी से भरे ट्रक दिन में मंडी तक नहीं पहुंच पाते। शहर में नो एंट्री रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक ही खुलती है।जबकि सब्जी मंडी शाम 6 बजे से ही शुरू हो जाती है। इस समय अंतर के कारण व्यापारियों को रोज नुकसान झेलना पड़ता है।
पुलिस को देनी पड़ती है रिश्वत
व्यापारियों ने बताया कि नो एंट्री में ट्रकों को रोका जाता है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मियों को रिश्वत देनी पड़ती है। इसका सीधा असर सब्जी के दामों पर पड़ता है। रिश्वत का बोझ अंततः सब्जी महंगी बेचकर पूरा किया जाता है।
दिनभर लगा रहता है जाम
लक्ष्मीगंज मंडी में रोज सैकड़ों ट्रक दिल्ली, मुंबई और अन्य राज्यों से सब्जियां लेकर आते हैं। यहां से आगे भिंड, मुरैना, शिवपुरी, श्योपुर, गुना, अशोकनगर, दतिया और सेवढ़ा जैसे शहरों को सब्जी भेजी जाती है। इतने वाहनों की आवाजाही से लक्ष्मीगंज रोड पर दिनभर जाम की स्थिति रहती है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पूरे शहर को परेशानी होती है।
साडा में बस रही है नई कॉलोनी
काउंटर मैग्नेट सिटी यानी साडा को बसाने की तैयारी चल रही है। यहां एलआईजी, एमआईजी, एचआईजी (LIG, MIG, HIG – Low, Middle, High Income Group) के अलावा गरीब तबके के लिए भी फ्लैट बनाए गए हैं।
अब तक करीब 5200 लोग यहां फ्लैट और प्लॉट खरीद चुके हैं। साडा प्रबंधन चाहता है कि ये लोग जल्द वहां रहने आएं, जिससे इलाके में बसाहट शुरू हो सके।
साडा में बनेगा टेलीकम्युनिकेशन जोन
साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा के मुताबिक साडा क्षेत्र में एक टेलीकम्युनिकेशन जोन बनाया जाएगा। कई कंपनियों को यहां प्लांट लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके अलावा पैरामिलिट्री फोर्सेस के लिए भी यहां जगह दी जाएगी। उनके क्वार्टर भी इसी क्षेत्र में बनाए जाएंगे।
बसाहट के बाद बनेंगी दुकानें
साडा अध्यक्ष ने बताया कि पैरामिलिट्री फोर्स के अधिकारियों और जवानों के बसने के बाद क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानें आवंटित की जाएंगी। मंडी को यहीं जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
व्यापारी बोले, सिंधिया और कलेक्टर से भी मिलेंगे
व्यापार संघ ग्वालियर के अध्यक्ष आशू पाठक ने बताया कि व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल साडा अध्यक्ष से मिल चुका है। उनका कहना है कि मंडी को साडा में ट्रांसफर करने से नो एंट्री की समस्या से राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि अभी नो एंट्री के कारण मजबूरी में पैसे देकर ट्रक मंडी में लाने पड़ते हैं। इसका सीधा भार किसानों की जेब पर पड़ता है। व्यापारी जल्द ही केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।
मंडी सचिव बोले, अभी जानकारी नहीं
लक्ष्मीगंज मंडी सचिव केदार लाल धाकड़ ने कहा कि व्यापारी साडा अध्यक्ष से जरूर मिले होंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें मंडी में आए अभी सिर्फ 20 दिन हुए हैं, इसलिए इस पूरे मामले की जानकारी उनके पास नहीं है।
साडा अध्यक्ष बोले, लीज रेंट दो, जमीन लो
साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि 15 दिन पहले लक्ष्मीगंज मंडी के व्यापारियों का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला था। उन्होंने मंडी को साडा में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा था। साडा अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारी लीज रेंट देने के लिए तैयार हो जाएं, इसके बाद उन्हें जमीन दे दी जाएगी।
FAQ
- साडा अध्यक्ष ने क्या शर्त रखी है?
साडा अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा है कि व्यापारी लीज रेंट देने के लिए तैयार हों। इसके बदले उन्हें जमीन आवंटित कर दी जाएगी। अभी अंतिम फैसला प्रशासन को लेना बाकी है। - लक्ष्मीगंज मंडी को साडा में क्यों शिफ्ट करना चाहते हैं व्यापारी?
मंडी नो एंट्री क्षेत्र में होने से बड़े वाहन दिन में शहर में नहीं घुस पाते। इससे व्यापारियों को रोज नुकसान होता है। साडा में शिफ्ट होने से यह समस्या खत्म हो सकती है।
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