क्राइम रेटिंग में योगी का यूपी टॉप पर, एमपी तीसरे और छत्तीसगढ़ निचले पायदान पर
Arun Tiwari | Aug 12, 2026, 19:46 IST
राज्यों की क्राइम रैंकिंग
लोकसभा में पेश अपराध के आंकड़ों ने राज्यों की तस्वीर को लेकर नई बहस छेड़ दी है। उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है, जबकि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और राजस्थान भी टॉप-5 में शामिल हैं।
अपराधों के मामले में योगी बाबा का यूपी पूरे देश में पहले नंबर पर है। लोकसभा में यह क्राइम रैंकिंग आई है। इस सूत्री में मध्य प्रदेश तीसरे और राजस्थान पांचवें नंबर पर है। छत्तीसगढ़ की स्थिति बेहतर है। उसका नंबर निचले पायदानों में आता है।
उत्तर प्रदेश में अपराधों की संख्या चार लाख के पार है तो मध्यप्रदेश और राजस्थान में क्राइम 2 लाख से ज्यादा हैं। छत्तीसगढ़ में 72 हजार अपराध हुए हैं। गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में 2022-2024 के आंकड़े पेश किए। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और चौथे नंबर पर बिहार आता है।
देश में दर्ज अपराधों के आंकड़ों में उत्तर प्रदेश एक बार फिर सबसे ऊपर नजर आ रहा है। लोकसभा में केंद्र सरकार की ओर से पेश किए गए 2022 से 2024 के अपराध संबंधी आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक अपराध उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं।
इस सूची में महाराष्ट्र दूसरे, मध्य प्रदेश तीसरे, बिहार चौथे और राजस्थान पांचवें स्थान पर है। वहीं छत्तीसगढ़ की स्थिति इन राज्यों की तुलना में बेहतर बताई गई है और वह अपराध के कुल मामलों के लिहाज से निचले पायदान पर है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में देश में दर्ज अपराधों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। इन आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में दर्ज अपराधों की संख्या चार लाख से अधिक रही।
यानी देश के सबसे अधिक आबादी वाले इस राज्य में अपराध के कुल मामलों का आंकड़ा अन्य राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। अपराध के कुल मामलों के लिहाज से महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है।
इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है, जहां अपराध के मामले दो लाख से अधिक बताए गए हैं। राजस्थान भी दो लाख से अधिक अपराधों के साथ पांचवें स्थान पर है। बिहार इस सूची में चौथे स्थान पर है।
![राज्यों की क्राइम रैंकिंग]()
छत्तीसगढ़ के लिए आंकड़े अपेक्षाकृत राहत देने वाले हैं। राज्य में 2022 से 2024 के बीच 72 हजार 410 अपराध दर्ज किए गए। अपराधों की कुल संख्या के लिहाज से यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों की तुलना में काफी कम है।
इसी वजह से छत्तीसगढ़ की रैंकिंग सूची के निचले हिस्से में आती है। हालांकि, अपराध के आंकड़ों की तुलना करते समय राज्यों की आबादी, क्षेत्रफल और पुलिस में दर्ज शिकायतों की संख्या जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
केवल कुल मामलों की संख्या के आधार पर किसी राज्य को अधिक या कम अपराध वाला बताना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। आबादी के अनुपात में अपराध दर और अलग-अलग अपराधों की श्रेणी के आंकड़े भी महत्वपूर्ण होते हैं।
लोकसभा में सामने आए इन आंकड़ों के बाद राज्यों में अपराध और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है। खासतौर पर विपक्षी दल इन आंकड़ों के आधार पर सरकारों पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा सकते हैं।
वहीं सरकारें यह तर्क दे सकती हैं कि अपराध के कुल आंकड़ों को आबादी और रिपोर्टिंग पैटर्न के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। कुल मिलाकर लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे अधिक अपराध के मामलों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र दूसरे, मध्यप्रदेश तीसरे, बिहार चौथे और राजस्थान पांचवें स्थान पर हैं।
छत्तीसगढ़ में करीब 72 हजार अपराध दर्ज होने के साथ उसकी स्थिति इन प्रमुख राज्यों की तुलना में निचले पायदान पर है।
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उत्तर प्रदेश में अपराधों की संख्या चार लाख के पार है तो मध्यप्रदेश और राजस्थान में क्राइम 2 लाख से ज्यादा हैं। छत्तीसगढ़ में 72 हजार अपराध हुए हैं। गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में 2022-2024 के आंकड़े पेश किए। इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र और चौथे नंबर पर बिहार आता है।
राज्यों की क्राइम रेटिंग :
इस सूची में महाराष्ट्र दूसरे, मध्य प्रदेश तीसरे, बिहार चौथे और राजस्थान पांचवें स्थान पर है। वहीं छत्तीसगढ़ की स्थिति इन राज्यों की तुलना में बेहतर बताई गई है और वह अपराध के कुल मामलों के लिहाज से निचले पायदान पर है।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री ने लोकसभा में देश में दर्ज अपराधों से संबंधित आंकड़े प्रस्तुत किए। इन आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में दर्ज अपराधों की संख्या चार लाख से अधिक रही।
यानी देश के सबसे अधिक आबादी वाले इस राज्य में अपराध के कुल मामलों का आंकड़ा अन्य राज्यों की तुलना में काफी ज्यादा है। अपराध के कुल मामलों के लिहाज से महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है।
इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है, जहां अपराध के मामले दो लाख से अधिक बताए गए हैं। राजस्थान भी दो लाख से अधिक अपराधों के साथ पांचवें स्थान पर है। बिहार इस सूची में चौथे स्थान पर है।
राज्यों की क्राइम रैंकिंग
छत्तीसगढ़ में 72 हजार से अधिक मामले :
इसी वजह से छत्तीसगढ़ की रैंकिंग सूची के निचले हिस्से में आती है। हालांकि, अपराध के आंकड़ों की तुलना करते समय राज्यों की आबादी, क्षेत्रफल और पुलिस में दर्ज शिकायतों की संख्या जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
केवल कुल मामलों की संख्या के आधार पर किसी राज्य को अधिक या कम अपराध वाला बताना पूरी तस्वीर नहीं दिखाता। आबादी के अनुपात में अपराध दर और अलग-अलग अपराधों की श्रेणी के आंकड़े भी महत्वपूर्ण होते हैं।
राजनीतिक बहस तेज :
वहीं सरकारें यह तर्क दे सकती हैं कि अपराध के कुल आंकड़ों को आबादी और रिपोर्टिंग पैटर्न के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। कुल मिलाकर लोकसभा में प्रस्तुत आंकड़ों में उत्तर प्रदेश सबसे अधिक अपराध के मामलों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि महाराष्ट्र दूसरे, मध्यप्रदेश तीसरे, बिहार चौथे और राजस्थान पांचवें स्थान पर हैं।
छत्तीसगढ़ में करीब 72 हजार अपराध दर्ज होने के साथ उसकी स्थिति इन प्रमुख राज्यों की तुलना में निचले पायदान पर है।
FAQ
- किस राज्य में सबसे ज्यादा अपराध होते हैं?
लोकसभा में पेश 2022 से 2024 के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा अपराध दर्ज हुए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश का नंबर आता है। - अपराध के आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की रैंक क्या है?
कुल दर्ज अपराधों की संख्या के आधार पर छत्तीसगढ़ टॉप-5 राज्यों में शामिल नहीं है और उसकी स्थिति निचले पायदानों में आती है।
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