नर्सिंग कॉलेज, पॉक्सो एक्ट समेत कई अहम मामलों पर आज जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई

Neel Tiwari | Mar 28, 2025, 07:45 IST
mp jablpur high court
जबलपुर हाईकोर्ट में आज कई अहम मामलों पर सुनवाई होगी। इनमें नर्सिंग कॉलेज से जुड़ी याचिकाएं, मध्य प्रदेश में पॉक्सो एक्ट के नियमों का पालन न होने का मामला और होमगार्ड सैनिकों की नियमित नियुक्ति की मांग शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के जबलपुर हाईकोर्ट में आज यानी 28 मार्च 2025 को कई अहम मामलों पर सुनवाई होने वाली है। इन मामलों में नर्सिंग कॉलेज से जुड़े मुद्दे, पॉक्सो एक्ट के तहत मध्य प्रदेश में पालन न होने के मुद्दे और होमगार्ड सैनिकों की नियमित नियुक्ति की मांग शामिल हैं। आइए, जानते हैं इन मामलों के बारे में विस्तार से...



नर्सिंग कॉलेज से जुड़े मामले की सुनवाई

ये भी खबर पढ़ें... व्यापम घोटाला, शिक्षक भर्ती समेत कई मामलों पर जबलपुर हाईकोर्ट में आज सुनवाई



पॉक्सो एक्ट के तहत मध्य प्रदेश में नियमों का पालन न होने का मामला

बाल यौन शोषण के खिलाफ जन जागरण के लिए मीडिया और अन्य माध्यमों का उपयोग कर सरकार को व्यापक प्रचार करने की आवश्यकता है। पॉक्सो एक्ट के सेक्शन 43 के पालन में हो रही लापरवाही को लेकर एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिस पर चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत की डिविजनल बेंच में सुनवाई होगी।



ये भी खबर पढ़ें... कर्मचारी को प्रमोट करने के बजाय फिर से अदालत पहुंचा नगर निगम, जबलपुर हाईकोर्ट ने लगा दिया जुर्माना



होमगार्ड सैनिकों के कॉल ऑफ और नियमित कर्मचारी बनाने की मांग

होमगार्ड सैनिकों को कॉल ऑफ दिए जाने के विरोध में और उन्हें नियमित कर्मचारियों का दर्जा दिए जाने के लिए कई याचिकाएं दायर की गई हैं। इस मामले की सुनवाई जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की कोर्ट में होगी।



बता दें कि इन मामलों में कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है, जो न केवल संबंधित पक्षों, बल्कि प्रदेश के कानून व्यवस्था और प्रशासन पर भी असर डाल सकते हैं।



thesootr links

हमारे न्यूज़लेटर की सदस्यता लें! विशेष ऑफ़र और नवीनतम समाचार प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति बनें



Tags:
  • MP News
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • MP
  • जबलपुर समाचार
  • पॉक्सो एक्ट
  • नर्सिंग कॉलेज
  • मध्य प्रदेश समाचार
  • जस्टिस संजय द्विवेदी
  • चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा
  • जस्टिस विनय सराफ
  • जस्टिस सुरेश कुमार कैत
  • बाल यौन शोषण