ACS की सख्ती: HPV टीकाकरण में भोपाल लक्ष्य से काफी पीछे, लापरवाही पर CMHO को नोटिस

Ramanand Tiwari | Apr 07, 2026, 23:13 IST
hpv vaccination
मध्य प्रदेश में HPV टीकाकरण अभियान में लापरवाही सामने आई है। इसके बाद सरकार ने भोपाल के CMHO डॉ. मनीष शर्मा को नोटिस जारी किया और सात दिन के भीतर जवाब मांगा।

मध्यप्रदेश में किशोरियों के HPV टीकाकरण अभियान में लापरवाही सामने आई है। सरकार अब इस मामले में एक्शन मोड में है। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य की सख्ती के बाद कार्रवाई शुरू हुई। भोपाल के CMHO डॉ. मनीष शर्मा को नोटिस जारी किया गया। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हलचल बढ़ी है। कई जिलों में लक्ष्य के मुकाबले कम टीकाकरण हुआ है।



भोपाल सबसे पीछे क्यों?

प्रदेश सरकार ने 28 फरवरी 2026 से 90 दिनों का विशेष HPV टीकाकरण अभियान शुरू किया था। इसका मकसद 14–15 साल की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा देना है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि कई जिलों में यह अभियान अपेक्षित गति नहीं पकड़ पाया। भोपाल जैसे बड़े जिले में भी प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा।



भोपाल का प्रदर्शन चौंकाने वाला

भोपाल जिले के लिए 28 हजार 963 किशोरियों का टीकाकरण लक्ष्य तय किया गया। एक महीने से अधिक समय बीत चुका है। अब तक केवल 4,278 बालिकाओं को टीका लगाया गया। यह कुल लक्ष्य का लगभग 14.77 प्रतिशत है।



सरकारी निर्देशों की अनदेखी

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद भोपाल में न तो मॉनिटरिंग सही रही, न ही सुपरविजन और समीक्षा पर ध्यान दिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक यह सीधे तौर पर निर्देशों की अवहेलना और स्वेच्छाचारिता का मामला है।



नोटिस में क्या कहा गया?

अपर मुख्य सचिव के अनुमोदन से जारी नोटिस में CMHO डॉ. मनीष शर्मा पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। उन्हें 7 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए वेतन वृद्धि रोकने जैसी सजा दी जा सकती है।



कानूनी प्रावधान भी लगाए गए

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 का उल्लंघन है। इसे कदाचार की श्रेणी में रखते हुए आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़ा है मामला

HPV वैक्सीन सर्वाइकल कैंसर से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे में इस अभियान में लापरवाही सिर्फ आंकड़ों की नहीं, बल्कि किशोरियों के भविष्य और स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।



90 दिन का एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रदेशभर में जारी


लक्ष्य: 14–15 साल की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव


भोपाल में लक्ष्य 28 हजार 963, टीकाकरण सिर्फ 4,278


उपलब्धि मात्र 14.77%


CMHO डॉ. मनीष शर्मा को कारण बताओ नोटिस



सात दिन में जवाब नहीं देने पर कार्रवाई तय

एमपी सरकार अब इस मामले में सख्त रुख में है। सरकार ने संकेत दिया कि किशोरियों के स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में लापरवाही नहीं होगी। NSUI के रवि परमार ने कहा, भोपाल में टीकाकरण की यह स्थिति है, तो अन्य जिलों की स्थिति समझी जा सकती है। उन्होंने कहा कि CMHO को जिम्मेदारी तय करते हुए तुरंत सस्पेंड किया जाना चाहिए।



एचपीवी टीकाकरण क्या है?

एचपीवी (HPV) वैक्सीन एक महत्वपूर्ण टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस से होने वाले संक्रमण से सुरक्षा प्रदान करता है। यह सर्वाइकल कैंसर, योनि, वल्वा, लिंग, गुदा और गले के कैंसर, साथ ही जननांगों पर होने वाले मस्सों को रोकता है। यह टीका 9-26 वर्ष की उम्र के बीच विशेष रूप से 9-14 वर्ष में लगवाने की सलाह दी जाती है।



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