ICICI Bank के मैनेजर ने साइबर ठगों के साथ मिलकर की 53 लाख की धोखाधड़ी
इंदौर में ICICI Bank के एक रिलेशनशिप मैनेजर की करतूत ने सबको चौंका दिया है। बैंक के अंदरुनी जांच के बाद पता चला कि कमल कुमावत नामक कर्मचारी साइबर अपराधियों के साथ मिलकर ग्राहकों के बैंक खातों से लाखों रुपए निकाल रहा था। यह मामला तब सामने आया जब पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत की, जिसके बाद आईसीआईसीआई बैंक ने जांच शुरू की। इस धोखाधड़ी में बैंक की लापरवाही और सुरक्षा कमजोरियों की भी पुष्टि हुई है।
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साइबर अपराधियों से मिलीभगत
ई-गोल्ड और ज्वेलरी की खरीदारी में धोखाधड़ी
कमल कुमावत ने धोखाधड़ी के जरिए ग्राहकों के खातों से पैसे निकालने के बाद इन पैसों को ई-गोल्ड में निवेश किया और फिर उसे बेचकर नकद में बदल लिया। उसने यह सारे काम अपनी पहचान से बनाए गए ज्वेलरी ब्रांड के खाते के माध्यम से किए, ताकि कोई शक न हो।
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बैंक की लापरवाही और सुरक्षा में चूक
इस मामले में बैंक की सुरक्षा में भी बड़ी चूक सामने आई है। पासवर्ड भूलने के बाद ओटीपी सीधे बैंक के सिस्टम में भेजे जाते थे, जिससे अपराधियों को ग्राहकों के खातों तक आसानी से पहुंचने में मदद मिली। बैंक की लापरवाही के कारण इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस जांच और साइबर एक्सपर्ट की मदद
इस धोखाधड़ी के बाद पुलिस ने मामले की गहरी जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से इस मामले की तहकीकात की जा रही है। अब तक पुलिस ने सात खातों से 53 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टि की है।
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