आखिर मिल ही गए आईजी डॉ. आशीष के दोनों फोन, लुटेरे के प्लान को जानकर रह जाएंगे दंग

Dablu Kumar | Sept 27, 2025, 13:13 IST
ig shab phone
हबीबगंज पुलिस ने 23 सितंबर को आईजी का लूटा गया मोबाइल तीन दिन बाद बरामद किया। 45 घंटे तक चले ऑपरेशन में कई सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जिसके बाद सफलता मिली।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष से 23 सितंबर की रात लूटा गया मोबाइल फोन हबीबगंज पुलिस ने तीन दिन बाद बरामद कर लिया। पुलिस ने दो लुटेरों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक नाबालिग है। तीसरे नाबालिग लुटेरे की तलाश जारी है। अपराधियों ने फोन को स्वर्ण जयंती पार्क में तीन फीट गहरे गड्ढे में छिपा दिया था।



45 घंटे तक लगातार चला ऑपरेशन

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पूछताछ में आरोपियों ने उगल दी सच्चाई

कड़ाई से पूछताछ करने पर नाबालिग अपराधी ने सारी जानकारी उगल दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने आदित्य कंजरिया (18) को गिरफ्तार किया। दोनों ने खुलासा किया कि एक मोबाइल गिर गया था, जबकि दूसरा स्वर्ण जयंती पार्क के गड्ढे में छिपाया गया था। पुलिस ने आरोपियों की बाइक भी बरामद की है। साथ ही, दोनों मोबाइलों को भी जब्त कर लिया।



आईजी के फोन लूटपाट वाली खबर पर एक नजर

  1. हबीबगंज पुलिस ने 23 सितंबर की रात लूटा गया मोबाइल फोन तीन दिन बाद बरामद किया, और दो लुटेरों को गिरफ्तार किया, जिनमें से एक नाबालिग है।
  2. पुलिस ने 45 घंटे तक ऑपरेशन चलाया, और 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद अपराधियों तक पहुंची।
  3. लुटेरों ने फोन को स्वर्ण जयंती पार्क में 3 फीट गहरे गड्ढे में छिपाया था, जिसे पुलिस ने बरामद किया।
  4. नाबालिग अपराधी की गिरफ्तारी के बाद आदित्य कंजरिया (18) को भी गिरफ्तार किया, और दोनों मोबाइल फोन जब्त किए गए।
  5. लुटेरों ने सुनसान सड़क पर पैदल जा रहे व्यक्ति से दो मोबाइल फोन लूटे, जिनमें एक आईफोन और दूसरा सैमसंग था।

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जानें पूरे मामला

बीते मंगलवार रात को आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आशीष और उनकी पत्नी खाना खाने के बाद टहलने निकले थे। इस दौरान बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनके दो मोबाइल लूट लिए। इसके बाद घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें बाइक सवार तीन बदमाश नजर आए।



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कैसे आरोपियों ने दिया घटना का अंजाम

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उस रात वे बाइक पर घूमने निकले थे। बातचीत के दौरान वे यह चर्चा कर रहे थे कि जल्दी से जल्दी अमीर कैसे बने। इसी दौरान उनकी नजर एक व्यक्ति पर पड़ी, जो पैदल जा रहा था। उसके हाथ में दो मोबाइल फोन देख कर उन्हें लगा कि सुनसान सड़क पर उसे लूट सकते हैं। फिर उन्होंने लूट की योजना बनाई और उस व्यक्ति से दोनों मोबाइल फोन छीन लिए। इनमें से एक आईफोन था, जबकि दूसरा सैमसंग का था। आईफोन रास्ते में गिर गया, जबकि सैमसंग फोन को पन्नी और कागज में लपेट कर गड्ढे में छिपा दिया।



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सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

थाना प्रभारी संजीव चौकसे ने बताया कि वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। इसमें घटनास्थल से लगभग 200 मीटर दूर तीन युवक बाइक पर जाते हुए नजर आए। इस बाइक के बारे में जानकारी जुटाते हुए भोपाल पुलिस ने करीब 100 कैमरों की फुटेज चेक की और आखिरी लोकेशन दुर्गा नगर के पास मिली। यहां पूछताछ के बाद नाबालिग को उसके घर से पकड़ा गया। उसने बताया कि वह और उसके दो साथी लंबे समय से एक-दूसरे को जानते हैं और आदित्य पर पहले भी एक चोरी का मामला दर्ज है। पुलिस मुख्यालय भोपाल तक यह बात पहुंची थी। जिसके बाद जांच तेज हो गई।



सितंबर महीने में लूट की कुछ बड़ी वारदातें इस तरह हुईं है-

  • 9 सितंबर: पिपलानी में 52 साल की महिला से सोने की चेन लूटी गई।
  • 9 सितंबर: अयोध्या नगर में 28 साल की सीमा का फोन लूटा गया।
  • 11 सितंबर: अवधपुरी में 77 साल की महिला से चेन लूटी गई।
  • 12 सितंबर: कोलार में 28 साल की महिला का मंगलसूत्र छीना गया।
  • 20 सितंबर: 26 साल के सचिन कंसाना से मोबाइल फोन लूटा गया।

फोन चोरी या ऐसी घटना का शिकार होने से कैसे बचें



पुलिस में शिकायत दर्ज करें: नजदीकी पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज करें। मोबाइल का IMEI नंबर, मॉडल, और चोरी का विवरण प्रदान करें।

सिम कार्ड ब्लॉक करें: अपने नेटवर्क प्रदाता से संपर्क करके सिम कार्ड को ब्लॉक करवाएं ताकि कोई इसका दुरुपयोग न कर सके।

IMEI नंबर के जरिए ट्रैक करें: पुलिस को IMEI नंबर दें, जिससे मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिल सकती है। IMEI नंबर (*#06# डायल करके या मोबाइल के बॉक्स पर) मिलता है।

ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत करें: भारत में CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर जाकर मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज करें। वेबसाइट: ceir.gov.in

डिवाइस लॉक/डेटा मिटाएं: अगर आपके फोन में Find My Device (Android) या Find My iPhone (iOS) सक्रिय है, तो डिवाइस को लॉक करें या डेटा रिमोटली मिटाएं।

बैंक और ऐप्स को सूचित करें: बैंक, UPI, और अन्य संवेदनशील ऐप्स को सूचित करें ताकि कोई अनधिकृत लेनदेन न हो। पासवर्ड बदलें।

सोशल मीडिया/अकाउंट सिक्योर करें: अपने Google, Apple, या अन्य अकाउंट के पासवर्ड बदलें और 2FA (Two-Factor Authentication) सक्रिय करें।

दोस्तों/परिवार को सूचित करें: चोर आपके नंबर का दुरुपयोग करके ठगी कर सकता है, इसलिए अपनों को सतर्क करें।

सुझाव: भविष्य में मोबाइल का डेटा बैकअप रखें, ट्रैकिंग ऐप्स इंस्टॉल करें, और स्क्रीन लॉक/पासवर्ड का उपयोग करें।यदि आपको और सहायता चाहिए, तो विशिष्ट जानकारी प्रदान करें, जैसे फोन का प्रकार या स्थान।

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