इंदौर में अजाक्स को कार्यालय के लिए मिला सरकारी बंगला, खुल गई कचौड़ी-समोसे की दुकान

Vishwanath Singh | Apr 08, 2025, 21:56 IST
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वर्ष 2001–02 में मप्र सरकार से स्वीकृत होकर संभागायुक्त कार्यालय के आदेश के बाद पीडब्ल्यूडी ने अजाक्स के जिला व संभागीय कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध करवाई थी। यह मप्र का पहला अजाक्स कार्यालय है जो कि इंदौर में शुरू किया गया था।

इंदौर में पीडब्ल्यूडी ने जो बंगला अजाक्स को जिला व संभागीय कार्यालय के लिए अलॉट किया था, उसकी दीवार तोड़कर एक रेस्टोरेंट संचालक ने कब्जा कर लिया है। यहां पर जौहर कैफे के नाम से शुरू हुए रेस्टोरेंट से समोसे-कचौड़ी के साथ नाश्ता भी बेचा जा रहा है। वहीं, अजाक्स के पदाधिकारियों को इस कार्यालय के खोले जाने का होश तक नहीं है, क्योंकि जिलाध्यक्ष लंबे समय से कार्यालय पर गए ही नहीं हैं। हालांकि पीडब्ल्यूडी अफसरों ने शिकायत के बाद मौका मुआयना कर लिया है।



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मध्यप्रदेश का पहला अजाक्स कार्यालय है यह

वर्ष 2001-02 में मप्र सरकार से स्वीकृत होकर संभागायुक्त कार्यालय के आदेश के बाद पीडब्ल्यूडी ने अजाक्स के जिला व संभागीय कार्यालय के लिए जगह उपलब्ध करवाई थी। यह मप्र का पहला अजाक्स कार्यालय है जो कि इंदौर में शुरू किया गया था। पीडब्ल्यूडी से यह एफ टाईप क्वार्टर अजाक्स के लिए दिया गया था। यह कार्यालय एससी एसटी के अधिकारियों और कर्मचारियों की समस्या के समाधान और विचार विमर्श के लिए सरकार ने यह कार्यालय उपलब्ध करवाया था।



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पीडब्ल्यूडी निरस्त कर सकता है आवंटन

अजाक्स के जिला कार्यालय में अवैध रूप से शुरू किए गए कैफे की शिकायत पीडब्ल्यूडी के अफसरों को भी की गई है। इसमें पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने मौका मुआयना भी कर लिया है और उसकी रिपोर्ट तैयार करके वरिष्ठ अफसरों को भेजेंगे। अब इसमें पीडब्ल्यूडी के अफसर कार्रवाई करते हुए कार्यालय का आवंटन निरस्त कर सकता है। इसे शासन ने एससी एसटी के कर्मचारियों व अधिकारियों के कामकाज के लिए आवंटित किया था, लेकिन यहां पर गैर संवैधानिक काम हो गया है।



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रेस्टोरेंट संचालक बोला, करण भैया ने ही खुलवाया

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अवैध गुमटी की शिकायत कर चुके हैं, रेस्टोरेंट की जानकारी नहीं

अजाक्स के जिला अध्यक्ष करण भगत ने बताया कि कार्यालय के पीछे कुछ गुमटियां जरूर अवैध रूप से तन गई हैं। इसकी शिकायत नगर निगम के कमिश्नर कार्यालय में की जा चुकी हैं। हालांकि लंबे समय से कार्यालय पर नहीं गया हूं, तो मुझे दीवार के तोड़े जाने और कैफे शुरू करने को लेकर जानकारी नहीं हैं। इस कार्यालय पर अजाक्स द्वारा बच्चों को पशुपालन संबंधी जानकारी दी जाती है। इसे किसी भी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि के लिए नहीं दिया जा सकता है। अब यहां पर कैफे शुरू हो गया है तो फिर इसको मैं दिखवा लेता हूं।



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कार्यालय पर कब्जे को लेकर एफआईआर कराना चाहिए

अजाक्स के पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामलाल डेहरिया का कहना है कि शासकीय कार्यालय में कोई भी बाहरी व्यक्ति किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। अगर मेंटेनेंस भी किया जाता है तो उसे पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जाता है। शासकीय कार्यालय की दीवार तोड़कर अवैध रूप से रेस्टोरेंट शुरू कर देना असंवैधानिक है। इसके लिए किसी भी पदाधिकारी की सहमति नहीं ली गई है। इस पर वर्तमान जिलाध्यक्ष को संबंधित के खिलाफ एफआईआर कराई जानी चाहिए। अगर संगठन के पदाधिकारी ने इस कार्यालय को कैफे के लिए नहीं दिया गया है तो फिर उन्होंने इसका विरोध दर्ज क्यों नहीं करवाया। दो दिन से उन्हें इसकी जानकारी थी, लेकिन वे एक बार भी मौके पर देखने तक नहीं पहुंचे और ना ही इसकी शिकायत की।



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