जहरीली शराब कांड से भी नहीं लिया सबक, मंत्रालय के सामने ही बिक रही अवैध शराब

Amresh Kushwaha | Sept 13, 2026, 08:24 IST
भोपाल में मंत्रालय के सामने बेखौफ बिक रही अवैध शराब
सागर शराब कांड के बाद भी भोपाल में आबकारी विभाग निष्क्रियां दिख रहा है। मंत्रालय और आबकारी कंट्रोल रूम के पास भीमनगर समेत कई इलाकों में खुलेआम अवैध शराब बिक रही है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • सागर शराब कांड के सात दिन बाद भी भोपाल में सबक नहीं दिखा।
  • आबकारी विभाग ने भोपाल में 30 से ज्यादा इलाके अवैध शराब के लिए चिह्नित किए थे।
  • जांच में मंत्रालय के सामने ही खुलेआम शराब बिकती मिली।
  • भीमनगर बाजार में तीन पॉइंट पर सिर्फ 100 रुपए में क्वार्टर मिल रहे थे।
  • एक नाबालिग लड़का भी शराब बेचता मिला और होम डिलीवरी का भरोसा दे रहा था।

क्या है पूरा विवाद

मध्यप्रदेश के सागर में हुए जहरीली शराब कांड को सात दिन बीत चुके हैं। इसके बावजूद व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखा। भोपाल में अवैध शराब की बिक्री अब भी जारी है। आबकारी विभाग ने शहर में 30 से ज्यादा इलाके पहले से चिह्नित किए थे। इन जगहों पर अवैध शराब बिकने की शिकायतें मिली थीं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से 15 जगहों की जांच की गई।



जांच में हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई। कई जगहों पर देशी और अंग्रेजी शराब खुलेआम बिक रही थी। एजेंट ग्राहकों को जरूरत के हिसाब से शराब देने की बात करते मिले। कुछ लोग होम डिलीवरी की गारंटी भी दे रहे थे। सबसे चौंकाने वाली बात मंत्रालय के पास से जुड़ी है। यहां पुलिस और वीआईपी (Very Important Person) मूवमेंट लगातार होता रहता है। इसके बावजूद ठीक सामने भीमनगर बाजार में शराब खुलेआम बिक रही थी। यह इलाका राजधानी का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है।



भीमनगर बाजार में बिक्री

भीमनगर बाजार मंत्रालय के ठीक सामने स्थित है। यहां तीन अलग-अलग पॉइंट पर शराब आसानी से उपलब्ध मिली। एक युवक को सिर्फ इशारा करने पर शराब का इंतजाम हो गया। वह तुरंत क्वार्टर लेकर आ गया। सिर्फ 100 रुपए में देशी शराब की एक बोतल मिल गई। ज्यादा मात्रा मांगने पर युवक ने भरोसा दिलाया। उसने कहा कि जब चाहें आकर ले जाएं, शराब मिल जाएगी। जितनी मात्रा मांगी जाएगी, उतनी मंगवा दी जाएगी। अंग्रेजी शराब की मांग पर भी तुरंत हामी भरी गई। युवक ने कहा कि ऑन डिमांड घर तक शराब पहुंचाई जाती है।



नाबालिग बेच रहा शराब

कैंसर अस्पताल के पास राहगीरों से पूछताछ में एक नाम सामने आया, छोटू। छोटू एक होटल में काम करता है और उम्र में नाबालिग है। उसने सफेद रंग की देसी शराब का एक क्वार्टर 120 रुपए में देने की बात कही। हामी भरते ही वह पास वाली मल्टी में गया। वह दूसरे रास्ते से क्वार्टर लेकर वापस लौटा। ज्यादा मात्रा मांगने पर उसने पहले बताने की शर्त रखी। उसने 24 घंटे में दो क्वार्टर देने का भरोसा भी दिया।



मल्टी में महिला की दुकान

12 नंबर वाली मल्टी में एक शेड के नीचे पलंग पर एक महिला बैठी मिली। पलंग के नीचे 6 से 7 पेटी देशी-अंग्रेजी शराब छिपाकर रखी थी। ग्राहक खुलेआम तय रेट पर शराब खरीद रहे थे। इसी दौरान महिला से देशी शराब के तीन क्वार्टर खरीदे गए। इनमें से एक क्वार्टर खराब निकला। शिकायत करने पर महिला ने साफ जवाब दे दिया। उसने कहा कि जो मिला वही दिया, अब वापसी नहीं होगी। जब 100 रुपए अलग से दिए, तब नया क्वार्टर मिला। अंग्रेजी शराब मांगने पर महिला ने मंगवाकर देने का वादा किया।



बिक्री के 4 बड़े कारण

आबकारी विभाग ने भी अवैध शराब बिकने की वजहें मानी हैं। पहला कारण है कि कई इलाकों में शराब दुकान नहीं है या दूर है। दूसरा कारण स्लम और मजदूर बस्तियां बताई गई हैं। तीसरा कारण यह है कि कुछ इलाके सस्ती अवैध शराब बिकने के लिए जाने जाते हैं। चौथा कारण कई इलाकों में अवैध शराब बनाने की गतिविधि है। विभाग के मुताबिक इन्हीं वजहों से 30 से ज्यादा इलाके पहले से चिह्नित थे। फिर भी इन इलाकों में असरदार कार्रवाई होती नहीं दिख रही।



1766 जगह फिर भी बिक्री

सिर्फ भोपाल नहीं, पूरे प्रदेश में भी हालात एक जैसे हैं। आबकारी विभाग ने राज्यभर में 1766 ऐसी जगह चिह्नित की हैं। इन जगहों पर अवैध शराब बिकने की जानकारी विभाग को पहले से है। इसके बावजूद इन इलाकों में ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। सवाल यह उठता है कि ठिकाने पता होने पर भी छापेमारी क्यों नहीं होती। ईदगाह हिल्स और याजपोली नगर की मल्टियों में भी यही हाल है। हैरानी की बात यह है कि आबकारी कंट्रोल रूम यहां से महज एक किलोमीटर दूर है। इतने पास होने के बावजूद अवैध कारोबार बेरोकटोक चल रहा है।



15 लीटर शराब जब्त

हालांकि विभाग ने कुछ जगहों पर कार्रवाई भी की है। शनिवार, 12 सितंबर को आबकारी विभाग ने नीलबाग से सटे इलाकों में दबिश दी। रसूलिया भानपुर में टीम को दो चलती हुई हाथ भट्टियां मिलीं। वहीं बैरसिया के तरावली इलाके से 15 लीटर अवैध शराब जब्त की गई।



यह शराब सड़क किनारे रखी गई थी और हाथ भट्टी में बनाई गई थी। शराब ले जा रही एक महिला आबकारी टीम को देखकर मौके से भाग गई। सहायक आयुक्त आबकारी वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने इस कार्रवाई की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि जिलेभर में गश्त और निगरानी लगातार जारी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि दबिश आगे भी जारी रहेगी।



यह पूरा मामला दिखाता है कि जमीनी हकीकत सरकारी दावों से अलग है। मंत्रालय जैसे संवेदनशील इलाके के ठीक सामने अगर शराब बिक रही है, तो निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। नाबालिग का शराब बेचना मामले को और गंभीर बना देता है। आबकारी विभाग को चिह्नित इलाकों में तुरंत और सख्त कार्रवाई करनी होगी, तभी सागर जैसे हादसों को दोहराने से रोका जा सकेगा।



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