विदेशी फंड पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, जबलपुर समेत कई शहरों में रेड

Neel Tiwari | Aug 18, 2026, 23:54 IST
आयकर विभाग की कार्रवाई
आयकर विभाग ने विदेशी धन भेजने के मामलों की देशभर में जांच शुरू की है। इसी कड़ी में जबलपुर में तीन सीए और एक कंपनी जांच के दायरे में हैं। भोपाल और सतना में भी कार्रवाई जारी है। विभाग 394 संस्थाओं और 36 प्रोफेशनल्स की जांच कर रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला

1. आयकर विभाग ने विदेशी खातों में भेजे धन की जांच शुरू की है।


2. जांच में कई लेनदेन विभाग की नजर में आए हैं।


3. जबलपुर में तीन सीए और एक कंपनी जांच में हैं।


4. भोपाल और सतना में भी विभाग की कार्रवाई जारी है।


5. विभाग ने 394 संस्थाओं और 36 प्रोफेशनल्स की जांच शुरू की है।



विदेश भेजे गए धन पर IT की नजर

विदेशी खातों में भेजे गए बड़े धन को लेकर विभाग सक्रिय है। आयकर विभाग ने 18 अगस्त को देशभर में जांच शुरू की। इसी कड़ी में जबलपुर, भोपाल और सतना में कार्रवाई की जानकारी है। जबलपुर में तीन सीए के दफ्तर जांच के दायरे में हैं। एक कंपनी भी इस कार्रवाई में शामिल बताई जा रही है। विभाग की टीमें विदेशी धन भेजने से जुड़े दस्तावेज देख रही हैं। जांच का मकसद लेनदेन की असली वजह समझना है।



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जबलपुर के तीन इलाकों में टीमों की कार्रवाई

जबलपुर में कार्रवाई शहर के तीन प्रमुख इलाकों तक पहुंची है। टीमों ने विजय नगर में दस्तावेजों की जांच की है। मुस्कान सिटी और नेपियर टाउन भी कार्रवाई में शामिल हैं। इन जगहों पर सीए से जुड़े दफ्तर जांच में हैं। एक कंपनी भी जांच के घेरे में बताई गई है। कार्रवाई में कागजात और लेनदेन रिकॉर्ड देखे जा रहे हैं। जांच पूरी होने पर तस्वीर ज्यादा साफ होगी।



तीन सीए और एक कंपनी पर क्यों टिकी नजर

स्थानीय जानकारी के अनुसार तीन सीए जांच के केंद्र में हैं। इनके जरिए विदेशी धन भेजने से जुड़े कागज सामने आए हैं। विभाग अब इन कागजों के आधार पर लेनदेन देख रहा है। एक कंपनी से जुड़े विदेशी भुगतान भी जांच में शामिल हैं। फिलहाल विभाग ने किसी को दोषी घोषित नहीं किया है। इसलिए इस कार्रवाई को जांच के तौर पर देखना जरूरी है। आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।



देशभर में 394 संस्थाओं तक पहुंची जांच

आयकर विभाग के प्रेस नोट में बड़ी जांच की जानकारी दी गई। विभाग ने करीब 394 संस्थाओं (NGO) को जांच में शामिल किया है। इनमें सीमा से लगे राज्यों की 117 संस्थाएं भी हैं। जांच में 36 प्रोफेशनल्स को भी शामिल किया गया है। विभाग ने विदेशी धन भेजने के तरीके भी देखे हैं। इसके बाद कई जगहों पर जमीनी जांच शुरू हुई। विभाग का कहना है कि जांच अभी जारी है।



फिर भी विदेश भेजी गई बड़ी रकम

विभाग को कुछ संस्थाओं के कारोबार पर सवाल मिले हैं। कुछ संस्थाएं आयकर रिटर्न दाखिल नहीं कर रही थीं। कुछ का कारोबार बेहद कम दिख रहा था। इसके बावजूद विदेश भेजी गई रकम काफी ज्यादा थी। विभाग को घोषित पते पर काम नहीं मिलने की बात मिली। कुछ भुगतान के कारण भी सवालों में आए हैं। इनमें माल ढुलाई, सॉफ्टवेयर और सलाह से जुड़े भुगतान शामिल हैं। विभाग अब इन दावों की असलियत जांच रहा है।



फॉर्म 15CB ने भी जांच को नया मोड़ दिया

विदेशी धन भेजने में फॉर्म 15CB अहम भूमिका निभाता है। यह फॉर्म सीए की ओर से जारी किया जाता है। विभाग ने ऐसे प्रमाणपत्रों के आंकड़ों का अध्ययन किया। बड़ी संख्या में फॉर्म 15CB कुछ प्रोफेशनल्स ने जारी किए। इससे विभाग ने अतिरिक्त जांच की जरूरत महसूस की। अब इन प्रमाणपत्रों से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे जा रहे हैं। विभाग यह समझना चाहता है कि जरूरी जांच हुई थी या नहीं।



असली वजह की होगी जांच

विदेश भेजी गई रकम का मकसद जांच का अहम हिस्सा है। विभाग रकम और बताए गए कारणों का मिलान कर रहा है। किसी भुगतान को केवल कागजों से सही नहीं माना जाएगा। जमीन पर संस्था की मौजूदगी भी देखी जा रही है। घोषित पते और वास्तविक कामकाज की तुलना होगी। कारोबार और भेजी गई रकम के बीच संबंध भी देखा जाएगा। इससे पूरे लेनदेन की तस्वीर सामने आ सकती है।



जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी तस्वीर

जबलपुर की कार्रवाई अभी जांच के चरण में है। भोपाल और सतना की कार्रवाई भी इसी जांच से जुड़ी बताई गई है। स्थानीय जानकारी के अनुसार कार्रवाई दो-तीन दिन चल सकती है। इस दौरान दस्तावेज और लेनदेन रिकॉर्ड खंगाले जा सकते हैं। विभाग ने प्रेस नोट में जांच जारी रहने की बात कही। इसलिए अभी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद आगे की स्थिति साफ होगी।



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