इंदौर एडीजे कोर्ट के फैसलों पर संदेह, हाईकोर्ट में शिकायत के बाद जांच शुरू
इंदौर एडीजे उमेश पटेल द्वारा अंग्रेजी में टाइप कर दिए गए कुछ फैसलों को लेकर संदेह जताया जा रहा है। इसे लेकर हाईकोर्ट जबलपुर में शिकायत हुई। इसके बाद प्रिंसिपल रजिस्ट्रार इंदौर पहुंचे और कोर्ट के कंप्यूटर व अन्य सिस्टम को जांच में लिया गया है। खासकर 12 फैसलों को लेकर संदेह जताया गया है।
जांच में यह भी सामने आया
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एडीजे के फैसलों के अंग्रेजी में टाइप होने की जांच हो रही है। इसमें साइबर एक्सपर्ट को और जिला जज (विजिलेंस) राजीव अयाची को भी साथ में लिया गया है। तकनीकी जांच के लिए साइबर एक्सपर्ट भी हैं। टीम ने कोर्ट में पहुंचकर कंप्यूटर सिस्टम की जांच कर ली है।
इस तरह अंग्रेजी में टाइप हुए आदेश के कारण संदेह-
इन फैसलों पर नजरें
जांच में मुख्य रूप से कंपनियों से जुड़े कुछ फैसले हैं। इसमें मेसर्स अंबर विरुद्ध न्यूटन, वेल्मिक इंडिया विरुद्ध किशोर, वेल्मिक इंडिया विरुद्ध अशोक कुमार, अंबर विरुद्ध मीना, किशन विरुद्ध कोहीनूर, प्रताप स्नैक्स विरुद्ध मालती इंडस्ट्रीज, दमानी ब्रदर्स विरुद्ध सुरेश गुल्वानी, प्रताप स्नैक्स विरुद्ध अभिनव फूड, संपत इंटरनेशनल विरुद्ध सत्यम टी कंपनी, सांघी ब्रदर्स विरुद्ध चंदा प्रोटेको, डीपी भूषण विरुद्ध हेमंत कटारिया केस हैं।
जांच हाईकोर्ट पहुंचाई गई
वहीं जांच से जुड़े एक व्यक्ति से बात करने पर उन्होंने कहा कि जांच कर हमने हाईकोर्ट को दे दी है। इस मामले में जो भी फैसला होना है वहीं से होना है। हमने तथ्य उच्च स्तर पर बता दिए हैं। उधर जांच के बीच में एडीजे पटेल का ट्रांसफर हो गया है।
इंदौर में संतोष वर्मा केस में पहले दो उलझे
इसके पहले इंदौर में ही आईएएस संतोष वर्मा के फर्जी आदेश में पूर्व जज उलझ चुके हैं। पुलिस ने जांच कर तत्कालीन स्पेशल जज विजेंद्र सिंह रावत और अमन सिंह भूरिया की भूमिका पाते हुए कोर्ट में रिपोर्ट भी पेश की हुई है।
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