बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग करने गए इंदौर के अद्वैत पांच दिन से लापता
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर के अद्वैत उपाध्याय बेंगलुरु में ट्रैकिंग के दौरान लापता हो गए।
- वे शिवगंगे पहाड़ियों पर अकेले जाते हुए आखिरी बार दिखे थे।
- इसके बाद उनका कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिला।
- पुलिस और स्थानीय प्रशासन उनकी तलाश कर रहे हैं।
- मामले में CCTV फुटेज और दूसरी जानकारियां खंगाली जा रही हैं।
मंगेतर से हुई थी आखिरी बात
बेंगलुरु के नेलमंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रेकिंग पर गए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस और SDRF की टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।
शुक्रवार सुबह पहाड़ी पर जाने से पहले अद्वैत ने करीब 8:30 बजे अपनी मंगेतर से फोन पर बात की थी। इसके कुछ देर बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। तभी से परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
बाइक से तलहटी तक पहुंचे
पुलिस जांच में सामने आया है कि अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और पैदल पहाड़ी की तरफ चले गए। रास्ते में करीब 10 CCTV कैमरों में उन्हें पहाड़ी की ओर जाते देखा गया। इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
रविवार से स्थानीय पुलिस, SDRF, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से पहाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
बैग और स्वेटर मिला
तलाशी अभियान के दौरान रविवार को पुलिस को प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास अद्वैत का शोल्डर बैग और स्वेटर मिला। इसके बावजूद उनका अब तक पता नहीं चल सका है।
पहाड़ी की आखिरी लोकेशन
पुलिस के मुताबिक अद्वैत की आखिरी लोकेशन मुजराई विभाग के अंतर्गत आने वाले ईश्वर मंदिर के पास मिली थी। आशंका जताई जा रही है कि मंदिर में दर्शन के बाद वे शांताला पॉइंट की तरफ गए होंगे।
पथरीला और खतरनाक इलाका
शिवगंगे पहाड़ियों का इलाका पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है। यहां ग्रेनाइट की चट्टानों के बीच संकरे रास्ते और कई जगह खड़ी चढ़ाई है। बारिश के दौरान रास्तों पर फिसलन और बढ़ जाती है। इस वजह से पुलिस हादसे की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अद्वैत प्रतिबंधित शांताला पॉइंट तक कैसे पहुंचे और वहां क्या हुआ। फिलहाल किसी हादसे या अन्य घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
लैपटॉप में मिली सर्च हिस्ट्री
अद्वैत के लापता होने के बाद पुलिस ने उनके घर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच की। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में कुछ ऐसी जानकारी मिली है, जिसके आधार पर पुलिस ने आत्महत्या के एंगल को भी जांच में शामिल किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सिर्फ सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता। हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है।
जांच में जुटी पुलिस टीम
पुलिस अब मोबाइल, लैपटॉप, CCTV फुटेज, आखिरी लोकेशन और पहाड़ी से मिले सामान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि CCTV में पहाड़ी की ओर जाते दिखने के बाद अद्वैत आखिर कहां गए और प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास उनका बैग और स्वेटर कैसे पहुंचा।
परिवार में मां-बेटा ही, पिता की मौत
अद्वैत परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे। साल 2016 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु की एक फाइनेंस कंपनी में इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। इससे पहले वे सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल भी रह चुके हैं।
बेटे के लापता होने के बाद अद्वैत की मां बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के गायब होने के बाद से उन्हें लगातार उसकी चिंता सता रही है। उनका कहना है कि बेंगलुरु पुलिस के पास जितनी जानकारी है, उतनी ही जानकारी परिवार के पास भी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वे इस स्थिति में ज्यादा बात करने की स्थिति में नहीं हैं।
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