इंदौर में शराब की सभी दुकान बिकी, सरकार को मिलेंगे 2184 करोड़ रुपए
आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रही मध्यप्रदेश सरकार को इंदौर आबकारी विभाग ने बड़ी राहत दी है। यहां की सभी 173 दुकानें आखिरकार बिक गई हैं। वहीं, विभाग ने मप्र शासन द्वारा तय राजस्व लक्ष्य को भी पार कर लिया है। दो हजार करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्त करने वाला इंदौर मप्र का पहला जिला बना है। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा विभाग को बोलकर नए सिरे से ग्रुपिंग कराई गई थी। सहायक आयुक्त अभिषेख तिवारी की मॉनीटरिंग में लगातार ऑफर बुलाए गए, इसके बाद यह दुकानें बिक गई।
इस तरह मिला राजस्व
साल 2025-26 में मप्र शासन को इंदौर जिले से आबकारी ठेके से 1752 करोड़ रुपए मिला था। इसमें 20 फीसदी अधिक का लक्ष्य तय कर 2102 करोड़ का टारगेट इंदौर को मिला था। इसके लिए नए सिरे से दुकान की ग्रुपिंग की गई और 77 ग्रुप में 173 दुकान को बांटा गया। इन सभी के टेंडर होने के बाद विभाग को कुल 2184 करोड़ 76 लाख रुपए का राजस्व तय हुआ है। यह तय लक्ष्य से भी करीब चार फीसदी अधिक है। वहीं बीते साल से तो यह 24.70 फीसदी अधिक राजस्व है।
मप्र में 2500 करोड़ पीछे
उधर मप्र की बात करें तो इस बार सरकार ने 19 हजार 960 करोड़ का लक्ष्य रखा था। लेकिन विभाग को 17 हजार 350 करोड़़ के करीब ही राजस्व मिला है। मार्च माह के अंत तक तो लक्ष्य से पांच हजार करोड़ पीछे था। बाद में बेस प्राइज से कम पर दुकान देने के बदलाव और बार-बार आफर बुलाने पर करीब ढाई हजार करोड़ और विभाग को मिल गए।
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