इंदौर भागीरथपुरा कांड के बाद नजर आए सांसद शंकर लालवानी, लड्डू खाए और खिलाए
News in short
- भागीरथपुरा में दूषित पानी से 25 लोगों की मौत हो चुकी है।
- बीजेपी नेताओं ने इस क्षेत्र से दूरी बनाए रखी है।
- कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव मौके पर पहुंचे थे।
- सांसद शंकर लालवानी बीजेपी दफ्तर में लड्डू वितरण समारोह में दिखे।
- लालवानी ने राहुल गांधी के विरोध में प्रदर्शन में भी भाग लिया।
News in detail
इंदौर भागीरथपुरा में दूषित पानी से अभी तक 25 लोगों की मौत हो गई है, और 450 पीड़ित अस्पताल में भर्ती हुए। इस जगह से बीजेपी नेताओं ने दूरी बनाकर रखी। मौके पर केवल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव नजर आए। बाकी स्थानीय बीजेपी नेताओं ने इस एरिया से दूरी बनाए रखी। इसमें एक नाम सांसद शंकर लालवानी का भी था। वो इंदौर में ही कम दिखे, लेकिन अब वो नजर आए हैं।
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बूंदी के लड्डू खाते और खिलाते नजर आए
सांसद शंकर लालवानी 20 जनवरी को बीजेपी दफ्तर में नजर आए। इस दिन बीजेपी को अपना नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के रूप में मिला था। इसी खुशी में इंदौर बीजेपी दफ्तर पर आतिशबाजी की गई और लड्डू का वितरण हुआ। इसी आयोजन में सांसद शंकर लालवानी भी शामिल हुए और लड्डू खाए और कार्यकर्ताओं को भी खिलाए। इस उत्सव में भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा व अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
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इसके पहले वनडे मैच में नजर आए थे
सांसद इसके पहले 18 जनवरी को इंदौर में हुए टीम इंडिया और न्यूजीलैंड के वनडे मैच के दौरान भी होलकर स्टेडियम में दिखे थे। यहां पर अपने बेटे मीत लालवानी के साथ पहुंचे थे। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और एमपीसीए के प्रेसिडेंट महानआर्यमन ने वीवीआईपी व्यवस्था में मैच का आनंद लिया था।
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राहुल गांधी के विरोध में तख्ती लेकर पहुंचे थे
लालवानी एक और मौके पर नजर आए थे। जब वह 17 जनवरी को राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान विरोध प्रदर्शन में पहुंचे। भाजपा नेताओं के साथ एयरपोर्ट कॉलोनी नगर पहुंचे थे। यहां पर राहुल गांधी और विधायक फूल सिंह बरैया का पुतला जलाया गया था। इस प्रदर्शन में लालवानी भी थोड़ी देर के लिए शामिल हुए थे।
क्यों निशाने पर आए थे सांसद
भागीरथपुरा की घटना 29 दिसंबर को सामने आई थी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दिल्ली दौरा छोड़ अस्पताल में पहुंचे थे।
इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा था इसके पहले भी चार-पांच मौत हो चुकी थी। फिर मौत लगातार जारी रही। अभी तक 25 मौत हो चुकी है। इस घटना के स्थानीय नेताओं विधायकों ने भागीरथपुरा जाने से कन्नी काटी और इंदौर सांसद भी इस पर नजर नहीं आए थे। हालांकि, सांसद ने बयान दिया था कि वह भागीरथपुरा गए थे। लेकिन कोई फोटो वगैरा नहीं डाली थी क्योंकि घटना दुखद थी।