इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे: 300 करोड़ का हाईवे जो सड़क के साथ पानी भी बचाएगा
समझें क्या है पूरा मामला...
- इंदौर बैतूल हाईवे: देश का पहला जल संरक्षण मॉडल
- इंदौर बैतूल हाईवे बनेगा देश का पहला जल संरक्षण मॉडल।
- सड़क बनी तो पानी भी बचेगा, 300 करोड़ की अनोखी परियोजना।
- हाईवे किनारे पांच तालाब, हर बूंद धरती में समाएगी।
- 26 किमी रोड पर 100% वर्षा जल संरक्षण की व्यवस्था।
इंदौर-बैतूल राष्ट्रीय राजमार्ग सिर्फ एक सड़क नहीं बनने जा रहा। यह देश का पहला ऐसा हाईवे होगा जो जल संरक्षण को भी अपनी बुनियाद में समेटे हुए है।
करीब 300 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस राजमार्ग पर वर्षा जल के 100 प्रतिशत संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण की खास व्यवस्था की गई है। सड़क किनारे पांच बड़े तालाब बनाए गए हैं। सांसद शंकर लालवानी ने सांवेर विधानसभा क्षेत्र में इस राजमार्ग का निरीक्षण किया और इसे राष्ट्रीय स्तर का आदर्श मॉडल बताया।
कैसे आया यह अनूठा विचार
यह परियोजना महज सड़क निर्माण की योजना से नहीं बनी। सांसद शंकर लालवानी ने सड़क की प्लानिंग के वक्त ही केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के सामने एक खास प्रस्ताव रखा था।
उन्होंने मांग की थी कि इस हाईवे पर जल संरक्षण और पहाड़ियों के संरक्षण को भी शामिल किया जाए। गडकरी ने इस नवाचार को परियोजना में जोड़ने के निर्देश दे दिए। इसके बाद हाईवे का पूरा डिजाइन इस सोच के साथ तैयार हुआ।
हर बूंद बचाने की व्यवस्था
इंदौर संसदीय क्षेत्र में आने वाले करीब 26 किलोमीटर लंबे हाईवे पर खास इंतजाम किए गए हैं। सड़क के दोनों तरफ जल निकासी तंत्र, रिचार्ज प्वाइंट और वैज्ञानिक जल प्रबंधन संरचनाएं बनाई गई हैं।
आधुनिक स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के जरिए वर्षा जल को सीधे रिचार्ज चैंबरों तक पहुंचाया जाएगा। इसका मकसद है कि बारिश की हर बूंद धरती में समाए और भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रहे।
पांच बड़े तालाब, 100 बीघा में जल संरक्षण
हाईवे के किनारे पांच बड़े तालाब बनाए गए हैं। इनमें 100 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में जल संरक्षण होगा। इससे क्षेत्र का भू-जल स्तर बढ़ेगा। इसका सीधा फायदा किसानों को भी मिलेगा। जल संरक्षण से खेती के लिए पानी की उपलब्धता लंबे समय तक बनी रहेगी।
सड़क की बाकी खासियतें
300 करोड़ रुपए की यह परियोजना अपने अंतिम चरण में है। ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधा के लिए सड़क के दोनों ओर सर्विस रोड बनाई गई हैं। गांवों के बीच सुरक्षित आवाजाही के लिए करीब 12 बड़े अंडरपास बनाए गए हैं। इनकी चौड़ाई लगभग 100 फीट रखी गई है। इसके अलावा छह बड़े पुल और 25 से ज्यादा पुलियों का भी निर्माण हुआ है।
मालवा के विकास का नया दरवाजा
सांसद लालवानी ने कहा कि यह हाईवे पूरा होने के बाद सांवेर विधानसभा क्षेत्र और पूरे इंदौर का आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक विकास तेज होगा। यह मार्ग मालवा क्षेत्र के विकास का नया द्वार साबित होगा।
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