भागीरथपुरा दूषित कांड की रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं, सुनवाई आगे बढ़ी
भागीरथपुरा दूषित पानी कांड की सुनवाई मंगलवार को तय थी, लेकिन यह सुनवाई सिर्फ एक मिनट चली और आगे बढ़ा दी गई। इसकी वजह यह रही कि जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस आलोक अवस्थी की नियमित बेंच मौजूद नहीं थी।
जस्टिस अभ्यंकर के अवकाश पर होने के कारण इस मामले की सुनवाई जस्टिस संदीप एन भट्ट और जस्टिस गजेंद्र सिंह की बेंच कर रही है।
इंटरविनर याचिका में रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
याचिकाकर्ता महेश गर्ग और प्रमोद द्विवेदी की ओर से अधिवक्ता मनीष यादव, रितेश ईनानी, अनस मकरानी और शोभित गुप्ता ने कोर्ट में दलील दी कि मामले की जांच रिपोर्ट पहले ही पेश की जा चुकी है। इसलिए उसकी कॉपी उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मांग की कि रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए और सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग भी की जाए, ताकि जनता और पीड़ित पक्ष को पता चल सके कि मामले के लिए जिम्मेदार कौन है।
इसी मुद्दे पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन रेगुलर बेंच नहीं होने के कारण मामले को अगले सप्ताह 21 सितंबर के लिए रख दिया गया।
इस पर अधिवक्ताओं ने कहा कि सामने वाले पक्ष से जवाब अभी ले लिया जाए, ताकि अगले सप्ताह सीधे मामले की सुनवाई हो सके, नहीं तो फिर यह जवाब के लिए समय मांगेंगे। इस पर पक्षकारों से जवाब मांगा गया है।
रिपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट यह दे चुका है आदेश
इसके पहले 25 अगस्त को हाईकोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी (रिटायर जस्टिस सुशील गुप्ता) की रिपोर्ट पेश हो गई थी। इसमें शासकीय पक्ष ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने पर रोक की मांग की। इस पर बेंच ने फैसला दिया कि रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होगी और जो भी याचिका से जुड़े पक्षकार हैं, वे रजिस्ट्रार के पास रिपोर्ट देख सकते हैं और उनके बिंदु नोट कर सकते हैं।
द सूत्र कर चुका है रिपोर्ट का खुलासा
उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट पेश होते ही सबसे पहले द सूत्र ने ही खबर दी थी कि 600 पन्नों की रिपोर्ट जमा हो गई है। इसके बाद द सूत्र ने रिपोर्ट के मुख्य बिंदु प्रकाशित किए और फिर सोमवार 7 सितंबर को लगभग पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक कर दी।
रिपोर्ट में मुख्य रूप से अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही को जिम्मेदार माना गया है। इसमें कहा गया है कि इस घटना को टाला जा सकता था, लेकिन काम में लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। इसके लिए अधिकारी, कर्मचारी और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े लोगों को जिम्मेदार बताया गया है।
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