बीजेपी नेता सत्तन के कुर्सी कांड को कांग्रेस में शामिल बेटी ने बताया साजिश

Sanjay Gupta | Apr 02, 2026, 16:51 IST
Satyanarayan Sattan
Indore:इंदौर के कुर्सी कांड ने सियासत गरमा दी है। बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन को मंच पर कुर्सी नहीं मिली थी। अब उनकी कांग्रेस में शामिल हुई बेटी ने साजिश बताया है। पीएम को पत्र भेजकर जांच की मांग की गई है।

News in Short

  • इंदौर में कार्यक्रम में नेता को कुर्सी नहीं मिली।
  • बीजेपी नेता सत्तन नाराज होकर लौट गए।
  • बाद में इस घटना पर विवाद बढ़ गया।
  • अब उनकी बेटी ने साजिश का आरोप लगाया है।
  • मामले की जांच की मांग की गई है।

News in Detail

इंदौर में सीएम कार्यक्रम में बीजेपी नेता का कुर्सी कांड विवाद में अब उनकी बेटी भी मैदान में आई है। अब इस मुद्दे पर नए आरोप सामने आए हैं।



क्या हुआ था कार्यक्रम में पूरा मामला

इंदौर में नर्मदा चौथे चरण को लेकर 29 मार्च को बड़ा सरकारी कार्यक्रम हुआ था। इसमें सीएम मोहन यादव मौजूद थे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई बड़े नेता मंच पर मौजूद थे। कार्यक्रम के लिए सत्यनारायण सत्तन भी कार्यक्रम में पहुंचे थे। लेकिन उन्हें मंच पर कुर्सी नहीं मिली। उन्हें बताया गया कि नाम सूची में नहीं है। यह सुनकर सत्तन नाराज होकर लौट गए। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ।



Satyanarayan Sattan


क्या सच में सूची में था सत्तन का नाम

इस मामले में 'द सूत्र' ने खुलासा किया कि सूची में सत्तन का नाम मौजूद था। कुल 69 लोगों को मंच पर बैठना था। इस सूची में सत्तन का नाम 26वें नंबर पर था। इससे सवाल खड़े हुए कि गलती कहां हुई। जानकारी में सामने आया कि कुर्सी लगी थी। लेकिन उस पर नाम की पर्ची नहीं थी। मंच पर मौजूद एक कार्यकर्ता ने मना किया। उन्होंने कहा कि आप सूची में नहीं हैं। इसी वजह से सत्तन वापस लौट गए।



Satyanarayan Sattan


अब बेटी ने क्यों उठाया साजिश का मुद्दा

सत्तन की बेटी कनुप्रिया ने नया आरोप लगाया है। वह हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुई हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने साजिश की आशंका जताई है। उनका कहना है कि यह जानबूझकर किया गया। ताकि सीएम के गरिमामय कार्यक्रम में व्यवधान हो और विवाद हो।



पत्र में क्या लिखा गया है

पत्र में घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया गया है। उन्होंने कहा कि सत्तनजी का नाम सूची में था। फिर भी कुर्सी से पर्ची हटाई गई। यह एक सोची समझी चाल लगती है। उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।



पार्टी और नेताओं की क्या रही प्रतिक्रिया

घटना के अगले दिन नेता सत्तन से मिलने बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा उनके घर पहुंचे। उन्होंने इस पर कहा कि वह 25 बार माफी मांगते हैं। वहीं, महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने वीडियो जारी कर खेद जताया और कहा कि गलती से पर्ची नहीं लग पाई। इसी वजह से भ्रम की स्थिति बनी।



मंच व्यवस्था में कहां हुई चूक

मंच व्यवस्था के लिए चार लोग जिम्मेदार थे। इनकी ड्यूटी पार्टी दफ्तर से तय हुई थी। इनमें हरप्रीत सिंह बक्शी, विशाल यादव और अन्य शामिल थे। लेकिन मौके पर स्थिति संभाली नहीं गई। अगर तुरंत बात होती तो मामला रुक सकता था।



सत्तन की नाराजगी क्यों बढ़ी

सत्तन ने इस घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अब पार्टी बदल गई है। कुछ लोग ही फैसले ले रहे हैं। उन्होंने अपनी अहमियत पर भी सवाल उठाए और कहा कि अब पार्टी में उनकी प्रासंगिता नहीं रही।



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