वरिष्ठ BJP नेता सत्यनारायण सत्तन की कुर्सी के बहाने पार्टी में डैमेज करने की पॉलिटिक्स

Sanjay Gupta | Mar 31, 2026, 16:09 IST
Share
indore bjp sattan chair controversy
indore bjp sattan chair controversy

इंदौर में BJP नेता सत्यनारायण सत्तन को मंच पर कुर्सी नहीं मिली। घटना के बाद मामला बढ़ा और पार्टी में सियासत तेज हो गई। डैमेज कंट्रोल की जगह विवाद बढ़ा। अब यह मुद्दा पार्टी की छवि पर असर डाल रहा है।

News In Short

  • इंदौर में BJP कार्यक्रम में सत्तन को कुर्सी नहीं मिली।
  • उनका नाम सूची में होने के बावजूद गड़बड़ी हुई।
  • सत्तन नाराज होकर कार्यक्रम से लौट गए।
  • बाद में मामला मीडिया में खुलकर सामने आया है।
  • डैमेज कंट्रोल की जगह विवाद और बढ़ गया है।

News In Detail

कुर्सी विवाद से कैसे शुरू हुआ पूरा मामला

इंदौर में 29 मार्च को बड़ा कार्यक्रम हुआ था। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मौजूद थे। कार्यक्रम में कई वरिष्ठ नेता मंच पर थे। वरिष्ठ नेता सत्यनारायण सत्तन भी पहुंचे थे। लेकिन उन्हें मंच पर कुर्सी नहीं मिली। उन्हें बताया गया कि नाम सूची में नहीं है। यह सुनकर सत्तन कार्यक्रम से लौट गए। यहीं से पूरा विवाद शुरू हुआ।

क्या आमंत्रितों की सूची में नहीं थे सत्तन

द सूत्र के पास मंचासीन अतिथियों की पूरी सूची मौजूद है। इस सूची में कुल 69 अतिथियों को मंच पर बैठाने की लिस्ट को मंजूर किया गया था। यह सूची बीजेपी इंदौर पार्टी दफ्तर से ही मंजूर हुई और इसे सीएम हाउस और प्रशासन के पास भेजा गया। इस सूची में 26वें नंबर पर सत्तन गुरु का नाम मौजूद है। उनके ऊपर बाबूसिंह रघुवंशी का और उनके नीचे 27वें नंबर पर जिलाध्यक्ष ग्रामीण श्रवण चावड़ा का नाम है।

f7965719-08b
f7965719-08b

सूची में थे तो फिर गफलत कहां हुई

सूची में नाम मौजूद था और सत्तन के लिए कुर्सी भी मंच पर थी। कारण है कि नर्मदा के चतुर्थ चरण का ऐतिहासिक आयोजन था। इसलिए इसमें सभी पूर्व महापौर, निगम के पूर्व सभापति, पार्टी के सभी वरिष्ठों को आमंत्रित किया गया था। ताई सुमित्रा महाजन को भी (वह इंदौर से बाहर थीं, इसलिए नहीं आईं)।

इसके लिए खुद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सभी को फोन कर आमंत्रित किया। लेकिन सत्तन गुरु जब मंच पर पहुंचे तो उनकी कुर्सी तो लगी थी लेकिन उस पर नाम की पर्ची लगना बाकी रह गया था। इसके चलते गफलत हुई और वहां मंच पर मौजूद एक कार्यकर्ता ने उन्हें कह दिया कि आप आमंत्रित सूची में नहीं हैं और वह लौट गए।

a8a64677-e7f
a8a64677-e7f

मंच पर व्यवस्था तो पार्टी दफ्तर से इनकी लगी

अब इसकी जिम्मेदारी किसकी थी? तो पार्टी दफ्तर से मंच व्यवस्था संभालने के लिए चार पदाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसमें नगर उपाध्यक्ष हरप्रीत सिंह बक्शी, कार्यालय मंत्री विशाल यादव, सह कार्यालय मंत्री आकाश उर्फ रानू गर्ग और महापौर प्रतिनिधि विधानसभा चार रमेश खत्री थे।

वहीं मंच के नीचे की व्यवस्था, मीडिया व्यवस्था और संत व्यवस्था के लिए भी कुल 20 लोगों की ड्यूटी लगी थी। यानी मंच के लिए जिन चार लोगों की जिम्मेदारी थी, वे इस मामले को मौके पर ही नहीं सुलझा सके। कायदे से इन चारों को ही सत्तन गुरु से बात कर बताना था कि सूची में आपका नाम है और कुर्सी बताना थी, जो यह नहीं कर सके।

सुमित मिश्रा पहुंचे घर, खुले कमरे में बात

यह तो किस्सा कुर्सी का हुआ लेकिन इसके बाद जो डैमेज कंट्रोल करना था उसकी जगह उलटी राजनीति हुई। इसमें नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा के लिए पार्टी दफ्तर से ही मीडिया के लिए मैसेज चला कि वह सत्तन गुरु के घर मिलने जा रहे हैं। इसके बाद मीडिया उनके घर पहुंच गया।

वहीं जो बात उनके और सत्तन गुरु के बीच बंद कमरे में होना थी वह उलटे मीडिया के कैमरों के बीच में खुले कमरे में की गई। इसी वीडियो ने पार्टी की भद पिटवा दी। इसमें गुरु खुलकर पार्टी को घेरते हुए दिख रहे हैं और कह रहे हैं कि अब पार्टी जिन लोगों के इशारे पर चल रही है, उनके कतिपय लोग ही पार्टी के धुरंधर हैं। जो लोग माई-बाप बनकर बैठे हैं, उनके इशारे पर नियुक्ति होती है, उन्हीं के इशारे पर यह सारा खेल हुआ। सत्तन की बातों ने पार्टी को जमकर घेर दिया।

62ff0cdf-902
62ff0cdf-902

महापौर तो पहले ही बात कर चुके थे

इस मामले में सत्तन गुरु जब कार्यक्रम से लौटे तभी महापौर ने उनसे बात कर लौटने का आग्रह किया था और माफी मांगी थी। इसके बाद फिर अगले दिन वीडियो जारी किया और खेद जताते हुए कहा कि कुर्सी थी लेकिन पर्ची नहीं लगी थी जिसके असमंजस के कारण यह हुआ, वह हमारे वरिष्ठ हैं हम खेद जताते हैं। बात खत्म हो चुकीथी लेकिन मिश्रा घर गए और सब कुछ कैमरों के सामने हो गया, जिसने पार्टी की भद पिटवा दी।

1a9f9657-5e1
1a9f9657-5e1

क्या महापौर, निगम का मजमा लूटना भारी पड़ा

यह पूरा कार्यक्रम नगर निगम का था और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी नर्मदा के चतुर्थ चरण के लिए हुए आयोजन को भविष्य के इंदौर के लिए ऐतिहासिक बताया। सीएम मोहन यादव ने भी इसकी प्रशंसा की और बाद में एक फोटो और वायरल हुई जिसमें सीएम भार्गव को सीने से लगा रहे हैं।

यानी इस आयोजन ने भार्गव को राजनीतिक तौर पर मजबूत किया और मजमा लूट लिया था। लेकिन इस पूरे मजमे के बाद बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन की कुर्सी के किस्से की राजनीति हो गई। अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा है कि यह मजमा लूटना ही डैमेज करने की राजनीति की वजह बन गई।

ये खबर भी पढ़िए...

इंदौर में किन्नरों के लिए पुलिस पर दलाली के आरोप, 5 लाख मांगे, 81 हजार दिलवा दिए

इंदौर नगर निगम के MIC मेंबर ने ही अधिकारियों पर लगाए विज्ञापन घोटाले के आरोप

इंदौर विकास प्राधिकरण IDA के पास 1000 करोड़ की एफडी, लेकिन विकास योजनाएं ठप

MP बनेगा देश का आयुष हब, भोपाल या इंदौर में खुलेगा पहला आयुष विश्वविद्यालय

Tags:
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
  • सीएम मोहन यादव
  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
  • इंदौर
  • BJP
  • महापौर पुष्यमित्र भार्गव
  • सुमित्रा महाजन
  • बीजेपी नेता सत्यनारायण सत्तन
  • सत्यनारायण सत्तन
  • ताई सुमित्रा महाजन
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा