इंदौर EOW ने नगर निगम के 2 करोड़ के डामर घोटाले की शुरू की जांच, चिंटू ने खोला 12 लाख का सड़क घोटाला

Sanjay Gupta | Apr 15, 2026, 22:09 IST
Indore Municipal Corporation
Indore: इंदौर नगर निगम में 2 करोड़ के डामर घोटाले की ईओडब्ल्यू ने जांच शुरू कर दी है। पूर्व पार्षद की शिकायत पर अधिकारियों पर आरोप लगे हैं। वहीं, नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने 12 लाख की सड़क घोटाले का नया मामला उठाया।

News in Short

  • नगर निगम में 2 करोड़ के डामर घोटाले की जांच शुरू
  • पूर्व पार्षद की शिकायत पर ईओडब्ल्यू सक्रिय
  • कई अधिकारियों और ठेकेदारों पर आरोप
  • घटिया डामर से सड़कें उखड़ने का दावा
  • चिंटू चौकसे ने 12 लाख के नए घोटाले का आरोप लगाया

News in Detail

इंदौर नगर निगम में 150 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले की आंच थमी नहीं कि अब नए घोटाले की जांच शुरू हो गई है। पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने ईओडब्ल्यू पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन और एसपी रामेश्वर यादव को डामर घोटाले को लेकर शिकायत की थी। इसमें कई अधिकारियों के नाम थे। इसकी जांच शुरू हो गई है। इसमें शिकायतकर्ता को अब 22 अप्रैल को सभी दस्तावेज के साथ बयान के लिए बुलाया गया है।



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इन सभी अधिकारियों के खिलाफ शिकायत

यह शिकायत इंदौर में अपर आयुक्त देवधर दरवाई, अभय राजनगांवकर के साथ अधीक्षण यंत्री डीआर लोधी, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री असित खरे, सहायक यंत्री सत्येंद्र राजपूत, उपयंत्री उद्देश्य तिवारी, तत्कालीन कार्यालय अधीक्षक प्रशांत दिघे, मेसर्स एप्रेन टेस्ट लेब्स, राजेंद्र कुमार मंत्री व बिल भुगतान को मंजूर करने वाले के खिलाफ है।



यह है मामला

कौशल और रवि गुरनानी ने बताया कि निगम द्वारा शहर की सड़कों के पेंचवर्क काम के लिए पांच हिस्सों में बांटकर पैकेज तैयार हुए। यह 15 करोड़ के थे। लेकिन ठेका देने में पीडब्ल्यूडी के नियमों को ताक पर रखा गया। ठेकेदार ने घटिया डामर का उपयोग किया और सड़कें उखड़ गईं। इसके बाद भी ठेकेदार को दो करोड़ का भुगतान किया गया। यह खुला भ्रष्टाचार था और इसके चलते टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किया गया।



चिंटू चौकसे ने 12 लाख के घोटाले के आरोप लगाए

उधर, निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे ने भी बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए सड़क घोटाले के आरोप लगाए। चिंटू ने कहा कि एक रोड को बिना बनाए ही उसका 12 लाख का भुगतान ठेकेदार को हो गया। साथ ही अब दोबारा टेंडर लगा दिया गया है, वह भी 22 लाख का। चिंटू ने इसकी शिकायत लोकायुक्त को करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यादवनंद नगर गली नंबर दो रोड वार्ड 12 जोन 4 की प्रेम परमार गली में सीसी रोड के लिए 13.54 लाख का टेंडर हुआ, लेकिन वहां मौके पर काम ही नहीं हुआ। इसके बाद भी बिल भुगतान हो गया। चिंटू ने निगम को भ्रष्टाचार की जन्मस्थली बताया।



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