पुगलिया परिवार में शोक व्यक्त करने पहुंचे सीएम, जानें इंदौर अग्निकांड में रात से सुबह तक क्या हुआ
इंदौर की ग्रेटर बृजेशवरी कॉलोनी में पुगलिया भवन में ईवी कार के चार्जिंग पाइंट से हुए विस्फोट के बाद घर में आग लग गई थी। इसमें मनोज जैन पुगलिया, उनकी बहू सिमरन पति सौरभ की मौत हुई।
वहीं बिहार के किशनगंज से आए उनके साले विजय सेठिया, उनकी पत्नी सुमन सेठिया, बेटी रूचिका (टीनू) जैन, बेटा कार्तिक उर्फ छोटू सेठिया (16 साल), बेटी रूचिका की बेटी राशि (11 साल) और बेटे तनय जैन (8 साल) की मौत हो गई।
हादसे में मनोज पुगलिया की पत्नी सुनीता और तीनों बेटे सौरभ, सोमिल, हर्षित की जान बच गई। यह सभी समय पर जाली तोड़कर पड़ोस के मकान जा सके।
वहीं, गुरुवार, 19 मार्च की दोपहर में सीएम मोहन यादव इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए पुगलिया परिवार में हुए हादसे पर गहरा शोक जताया।
उस रात यह हुआ
सेठिया परिवार घर पर आया हुआ था। इसके चलते पुगलिया और सेठिया परिवार के सभी लोग देर रात तक घर में गपशप करते रहे। रात करीब डेढ़ बजे तक परिवार हंसी-मजाक करता रहा। इसके बाद सभी सोने चले गए।
मनोज के छोटे बेटे हर्षित ने ही सोने से पहले ईवी कार को चार्जिंग पर लगाया। कार पोर्च में ही खड़ी थी और इसके पास ही तीन मंजिला घर में आने-जाने का एक मुख्य दरवाजा था।
घर पूरी तरह जालियों से पैक है। सुरक्षा के लिए ऐसा पुगलिया परिवार ने किया हुआ था। रात को मनोज पुगलिया, उनकी पत्नी सुनीता, विजय सेठिया और उनकी पत्नी सुमन, बहन रूचिका और उनके दोनों बेटे तनय और राशि ग्राउंड फ्लोर पर थे।
ऊपर की मंजिल पर सौरभ और उनकी गर्भवती पत्नी सिमरन के साथ ही सोमिल व हर्षित के बेडरूम थे। रात 3.30 से 4 बजे के बीच में ईवी कार की बैटरी में ब्लास्ट हुआ और आग लगी। इसके चलते आग कार के पास ही मुख्य दरवाजे और घर में फैल गई।
बैटरी में ब्लास्ट की आवाज हुई। इससे मनोज के बड़े बेटे सौरभ की नींद खुली। पहले लगा कि बारिश हो रही है लेकिन फिर धुआं दिखा। पूरे कमरे में धुंआ फैलने लगा।
इधर पड़ोसियों ने चार बजकर एक मिनट पर आग लगते देख फायर ब्रिगेड को फोन किया, जहां से कहा गया कि 15 मिनट लगेंगे। हादसे के कारण ग्राउंड फ्लोर में सबसे पहले धुआं भर गया। यहां सो रहे अधिकांश लोगों, बच्चों को निकलने का समय तक नहीं मिला और फेफड़ों में धुआं भरने से मौत हो गई।
मनोज पुगलिया ने हिम्मत दिखाई और सभी को उठाने के लिए आवाज लगाई, लेकिन मुख्य द्वार पर ही आग होने से कोई वहां से निकल नहीं सका। सौरभ, सोमिल और हर्षित उठ गए, इन्होंने कांच फोड़े, कुछ पानी डालने की कोशिश की लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इनके नीचे जाने की भी स्थिति नहीं बनी।
इसके बाद इन्होंने पहली मंजिल की गैलरी में लगी जाली तोड़ी और पड़ोसियों ने भी मदद की और सीढ़ी लगाई। एक-एक कर तीनों भाई, उनकी मां यहां से निकले।
गर्भवती सिमरन कुछ सामान लेने में रुक गई। वह धुंए में घिर गई और छत की ओर भागी, लेकिन धुआं भरने से बच नहीं सकी। वह छत की चैनल गेट के पास मृत मिली। इन्हीं के साथ विजय सेठिया की बेटी रूचिका भी चैनल गेट के पास ही मृत मिली।
सुबह 5 बजे करीब रेस्क्यू टीम अंदर घुसने की स्थिति में आई और पहला शव बाहर निकाला गया। इसके बाद मोती तबेला, लक्ष्मीबाई, जीएनटी मार्केट और सांवेर रोड फायर स्टेशन से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आई। एक लाख 70 हजार लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सिलेंडर ब्लास्ट की चपेट में आया 8 साल का तनय
सबसे दुखद मौत 8 साल के तनय की हुई। वह बचने के लिए भागा लेकिन इसी दौरान एक सिलेंडर में ब्लास्ट हुआ और वह उसकी चपेट में आ गया। इससे उसके अंग बिखर गए। इन्हीं अंगों को फिर फायर ब्रिगेड की टीम चादर में लपेटकर लेकर आई थी।
फायर ब्रिगेड पर गुस्सा है परिवार
इस पूरे मामले में परिजनों का गुस्सा भी फायर ब्रिगेड पर है। परिजनों ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव को भी इसे लेकर गुस्सा जाहिर किया और कहा कि फायर ब्रिगेड देरी नहीं करता तो जान बच सकती थी।
रोते हुए सौरभ ने कहा कि दो मिनट और मिल जाते तो सभी को जाली तोड़कर निकाल लेते। सौरभ ने कहा कि फायर ब्रिगेड देरी से आई। मैंने आने के बाद कहा भी यहां पर पानी डालो लेकिन वह कहने लगे हमें मत सिखाओ। मैंने बताया कि वहां सिलेंडर है उधर ब्लास्ट हो जाएगा पहले वहां पानी डालो, लेकिन नहीं सुनी। इसके चलते दो सिलेंडर में ब्लास्ट हो गए। पुलिस और एंबुलेंस भी देरी से आई।
सभी ने जताया है शोक
इस घटना को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी, सीएम मोहन यादव सभी ने शोक जताया है। मौके पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री तुलसी सिलावट, महापौर भार्गव के साथ ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े व अन्य नेता भी पहुंचे और परिजनों को ढांढ़स बंधाया।
इस तरह आग तेजी से फैली
बिजली विभाग के जोन प्रभारी उमेश सिंह ने कहा कि ईवी चार्जिंग प्वाइंट की आग के बाद घर के पर्दों ने आग पकड़ी, फिर फर्नीचर और अन्य ज्वलनशील सामग्री से आग फैल गई। घर में हाल ही में रिनोवेशन में लकड़ी व केमिकल का इस्तेमाल किया गया था, जिससे आग तेजी से फैली। पोर्च में खड़ी सात लाख की हायबूसा बाइक भी चपेट में आ गई, इससे मुख्य गेट से बाहर निकलना संभव नहीं हुआ।
सीएम यादव बोले, इंदौर हादसे की होगी जांच
सीएम डॉ. मोहन यादव गुरुवार दोपहर में इंदौर पहुंचे। यहां उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए पुगलिया परिवार में हुए हादसे पर गहरा शोक जताया। साथ ही कहा कि ईवी चार्जिंग प्वाइंट और इलेक्ट्रिक लॉक की चुनौतियां हैं। देखना होगा कि भविष्य में कैसे बचा जा सके और कैसे अपनाया जाए।
सीएम ने आगे कहा कि एक भरा-पूरा परिवार हादसे का शिकार हो गया, यह बेहद कष्टदायक है। मैंने घटना का वीडियो भी देखा है कि किस तरह से आग लगी। इसकी विस्तृत जांच होगी, कल भी मैंने अधिकारियों को भोपाल से भेजा था। हमारे जनप्रतिनिधि भी लगे हुए थे। जांच में आईआईटी और एक्सपर्ट से भी कमेंट मांग रहे हैं।
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