इंदौर की अनिका शर्मा को 9 करोड़ के इंजेक्शन के लिए दान की घोषणा, फिर पलटे नेता, अब फोन भी नहीं उठाते
इंदौर की करीब साढ़े तीन साल की बच्ची अनिका शर्मा को SMA टाइप-2 (स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी) नाम की एक रेयर बीमारी है। इसके इलाज के लिए करीब 9 करोड़ रुपए के इंजेक्शन Zolgensma की जरूरत पड़ती है।
पिछले करीब 8 महीनों से बच्ची के माता-पिता, सरिता और प्रवीण शर्मा, इलाज के लिए लोगों से मदद जुटा रहे हैं। अब तक करीब 7 करोड़ 65 लाख रुपए इकट्ठे हो चुके हैं।
मामला अब इंदौर हाईकोर्ट तक पहुंच गया है, जहां आगे की सुनवाई चल रही है।
अब फोन भी नहीं उठाते नेताजी
अगर इंदौर के कुछ नेताओं ने अपने वादे पूरे कर दिए होते, तो यह राशि पहले ही पूरी हो जाती। दरअसल, कई नेताओं ने मदद देने की घोषणा की थी और बड़े-बड़े वादे भी किए थे, लेकिन बाद में उनमें से कई पीछे हट गए।
कुछ नेताओं का तो यह हाल रहा कि दिया गया चेक भी बाउंस हो गया। कुछ ने बाद में पैसे देने की बात कहकर टाल दिया। वहीं, अब स्थिति यह है कि कई नेता बच्ची के माता-पिता के फोन तक उठाना बंद कर चुके हैं।
सांसद, महापौर और मंत्री ने यह किया
- पूर्व सांसद और स्पीकर सुमित्रा महाजन ने 1 लाख का चेक देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक वह राशि नहीं मिली है।
- सांसद शंकर लालवानी ने खुद पैसे नहीं दिए, लेकिन संस्थाओं और केंद्रीय मंत्री नड्डा से मिलवाया था। नड्डा ने 75 लाख देने का वादा किया था, लेकिन वह पैसा अभी तक नहीं आया और अब मिलने की उम्मीद भी कम है। सभी ने हाथ खड़े कर दिए हैं।
- महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अपनी तरफ से पैसा नहीं दिया, लेकिन संस्थाओं के जरिए मदद जुटाई गई।
- सांसद और महापौर के माध्यम से मिलाकर करीब 17 लाख रुपए की मदद हो चुकी है।
- मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मौके पर ही 5 लाख रुपये की मदद दी थी।
- मंत्री तुलसीराम सिलावट की तरफ से अभी कोई मदद नहीं मिली है, हालांकि उनके समर्थकों ने मदद का भरोसा जरूर दिया था।
इंदौर के विधायकों ने यह किया
| जनप्रतिनिधि | मदद/स्थिति |
|---|---|
| विधायक रमेश मेंदोला | एक लाख की मदद मिल गई |
| विधायक मनोज पटेल | 5.51 लाख की मदद दी |
| विधायक उषा ठाकुर | ढाई लाख की मदद |
| विधायक गोलू शुक्ला | 5 लाख का वादा, लेकिन कहा कि एम्स जाने पर देंगे |
| विधायक मालिनी गौड़ | व्यक्तिगत राशि नहीं दी, दानदाताओं से 10 लाख की मदद कराई |
| विधायक महेंद्र हार्डिया | राशि नहीं मिली, कहा था 25 हजार देंगे |
| विधायक मधु वर्मा | 20 हजार की राशि दी |
| बीजेपी जिलाध्यक्ष श्रवण चावड़ा | 25 हजार का वादा, अब फोन नहीं उठाते |
पार्षद का चेक ही बाउंस, अब फोन नहीं उठाते
एमपी बीजेपीके पार्षद पुत्र अंकित चौधरी ने 51 हजार रुपए का चेक दिया था, लेकिन वह चेक बाउंस हो गया। अनिका के पिता प्रवीण शर्मा ने बताया कि उन्होंने कई बार फोन कर चेक की जानकारी दी और पैसे देने की बात याद दिलाई, लेकिन सामने से हर बार दे देंगे कहकर टाल दिया गया। इसके बाद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया। परिवार का यह भी कहना है कि वे कई बार उनके घर भी गए, लेकिन वहां भी कोई नहीं मिला।
वहीं पार्षद जीतू यादव ने 1 लाख रुपए की मदद दी है, जबकि पार्षद कमलेश कालरा ने 51 हजार रुपए की सहायता की है।
कांग्रेस नेताओं के हाल
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने 1 लाख की राशि का आश्वासन दिया था, अभी 50 हजार मिले हैं। शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे ने 11 हजार मदद की और उनकी टीम के कुछ साथियों द्वारा आर्थिक मदद की गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी से दान राशि नहीं मिली है। वहीं करोड़पति कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक सत्यनारायण पटेल से 25 हजार की मदद मिली है।
वादा 30 लाख का, मिले 7.50 लाख
इसी तरह बीजेपी युवा मोर्चा के नेता अक्षत चौधरी ने कहा था कि 30 लाख की मदद कराएंगे लेकिन साढ़े सात लाख की ही मदद इनके जरिए मिली है।
हाईकोर्ट ने पूछा था कि क्या यह लाड़ली नहीं
हाईकोर्ट में माता-पिता की याचिका पर 5 मई को जस्टिस प्रणय वर्मा ने आदेश दिया था। इसमें कहा था कि केंद्र, राज्य, एम्स आपस में बात करके देखें कि किस तरह से बच्ची की अधिक से अधिक मदद हो सकती है। मानवीय आधार पर इसमें मदद के लिए हाईकोर्ट ने सभी पक्षकारों से कहा था।
फिर 16 जून को जस्टिस सुबोध अभ्यंकर की बेंच में सुनवाई हुई। इसमें शासन पक्ष ने बताया कि केंद्र की रेयर डिसीज योजना के तहत राशि दे रहे हैं लेकिन इसमें अधिकतम 50 लाख ही दे सकते हैं।
इसे अधिक बढ़ाने के लिए मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर पालक की ओर से अधिवक्ता चंचल गुप्ता ने कहा कि बच्ची की जान खतरे में है। शासन लाड़ली बहना के लिए हर माह सवा करोड़ हितग्राहियों को 1500-1500 रुपए देता है। हर महिला को केवल एक माह की किश्त में मात्र दो रुपए भी कम दिए जाएं तो ढाई करोड़ रुपए हो जाते हैं और बच्ची का इंजेक्शन आ जाएगा। इस पर जस्टिस ने शासन पक्ष से पूछा कि क्या यह सरकार के लिए लाड़ली नहीं है। इस पर शासन पक्ष जवाब नहीं दे पाया और पॉलिसी की बात कही।
बच्ची को लिक्विड डाइट पर रखा गया है
समस्या यह है कि इंदौर की अनिका शर्माका इलाज जल्द शुरू करना बहुत जरूरी है। जिस इंजेक्शन की जरूरत है, वह तभी असर करता है जब बच्चे का वजन 13 किलो से कम हो।
इसी वजह से माता-पिता बच्ची को फिलहाल लिक्विड डाइट पर रख रहे हैं, ताकि उसका वजन ज्यादा न बढ़े। अभी बच्ची का वजन करीब साढ़े 11 किलो है।
हाईकोर्ट में बच्ची के माता-पिता की ओर से अधिवक्ता गुप्ता ने यह भी कहा कि एम्स को निर्देश दिए जाएं ताकि जल्द से जल्द इलाज शुरू हो सके, क्योंकि बच्ची को 1 से 2 महीने तक ऑब्जर्वेशन में रखना भी जरूरी है।
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