भोपाल एम्स की लापरवाही: नर्स ने बच्चे को लगाया शव वाला इंजेक्शन, मौत
Amresh Kushwaha | Jun 13, 2026, 13:27 IST
भोपाल एम्स की लापरवाही
भोपाल एम्स में 3 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे को दवा की जगह फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया गया। पिता ने तीन बार चेताया, फिर भी नर्स नहीं मानी। बच्चे की मौत हो गई। जांच में लापरवाही साबित हुई और दो नर्सों पर एफआईआर दर्ज की गई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोपाल एम्स में 3 साल के कैंसर पीड़ित बच्चे की मौत हुई।
- नर्स ने दवा की जगह लाश को लगाने वाला फॉर्मेलिन इंजेक्ट कर दिया।
- फॉर्मेलिन वह रसायन है जो शवों और बायोप्सी सैंपल को सुरक्षित रखने में काम आता है।
- बच्चे के पिता ने तीन बार चेताया, लेकिन नर्स ने एक न सुनी।
- जांच में लापरवाही साबित हुई और दो नर्सिंग ऑफिसर पर केस दर्ज हुआ।
भोपाल एम्स में क्या हुआ था?
इसमें असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इलाज के लिए उसे 15 दिसंबर 2025 को एम्स भोपाल के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराया गया था।
जानलेवा लापरवाही की शुरुआत यहां से हुई
पिता ने तीन बार चेताया, नर्स नहीं मानी
परिजनों के मुताबिक, बच्चे के पिता ने तीन बार स्पष्ट रूप से कहा कि सिरिंज में दवा नहीं है। वहीं, नर्स ने हर बार उनकी बात अनसुनी कर दी।
इंजेक्शन लगते ही छिन गई जिंदगी
जांच रिपोर्ट ने सब साफ कर दिया
दोनों नर्सों पर एफआईआर दर्ज
नर्स अनुका गुजराती पर खतरनाक रसायन को असुरक्षित तरीके से रखने का मामला दर्ज हुआ है। दोनों के खिलाफ जांच जारी है।
फॉर्मेलिन होता क्या है?
यह रसायन इंसानी शरीर के लिए बेहद जहरीला है। नस के जरिए शरीर में पहुंचने पर यह अंदर से टिश्यू को जला देता है। इससे शॉक लग सकता है, एक या एक से ज्यादा अंग फेल हो सकते हैं और मौत तक हो सकती है। यह वही रसायन है जिसे अस्पतालों में जीवित मरीजों के बिल्कुल पास कभी नहीं रखा जाना चाहिए।
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