इंदौर हाईकोर्ट के जज पहुंचे भोजशाला, 53 मिनट तक किया निरीक्षण

Sandeep Kumar | Mar 28, 2026, 16:58 IST
bhojshala
Dhar : इंदौर खंडपीठ के न्यायाधीश विजय कुमार शुक्ला ने भोजशाला परिसर का 53 मिनट तक निरीक्षण किया। 2 अप्रैल की सुनवाई से पहले इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

News in Short

  • जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने भोजशाला का निरीक्षण किया।
  • निरीक्षण 2 अप्रैल की सुनवाई से पहले किया गया।
  • कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और SP मयंक अवस्थी साथ थे।
  • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की गई।
  • आगामी सुनवाई में भोजशाला विवाद पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा।

News in Detail

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ के जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने भोजशाला का दौरा किया। यह दौरा 2 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से पहले बेहद अहम माना जा रहा है। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला के साथ कलेक्टर प्रियंक मिश्रा और पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी भी मौजूद थे। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच जज ने भोजशाला परिसर का 53 मिनट तक निरीक्षण किया। साथ ही वहां के विभिन्न हिस्सों, स्तंभों, शिलालेखों और संरचनाओं का बारीकी से मुआयना किया।



इस निरीक्षण का उद्देश्य भोजशाला के ऐतिहासिक महत्व को समझना था। इससे आगामी सुनवाई में उचित निर्णय लिया जा सके। जस्टिस ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने वर्तमान व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया।



भोजशाला विवाद में जैन समाज की एंट्री, यक्षिणी अंबिका मूर्ति पर दावा



भोजशाला पर ASI रिपोर्ट में लिखा पूर्व संरचना मंदिर की, जल्दबाजी में तोड़कर बनी मस्जिद



ASI सर्वे रिपोर्ट और आगामी सुनवाई

इस निरीक्षण से पहले, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भोजशाला पर 98 दिन तक सर्वे किया था। इसकी रिपोर्ट उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। रिपोर्ट की प्रतियां सभी पक्षकारों को भी दी गई हैं। 16 मार्च 2026 को हुई सुनवाई में पक्षकारों से दावे और आपत्तियां मांगी गई थीं। इसी दौरान जस्टिस ने स्थल का निरीक्षण करने का निर्णय लिया था।



सुनवाई पर टिकी निगाहें

अब इस निरीक्षण के बाद सभी की निगाहें 2 अप्रैल 2026 को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं। इस सुनवाई में उच्च न्यायालय भोजशाला को लेकर चल रहे कानूनी विवाद और सर्वेक्षण की मांगों पर महत्वपूर्ण दिशा देने का प्रयास करेगा। इस दिन का निर्णय भोजशाला की भविष्यवाणी और उसकी संरचना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी की कुंजी हो सकता है।



धार की भोजशाला पर अधिकार जताने जैन समाज की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सुनवाई के लिए मंजूर



भोजशाला विवाद का कानूनी पक्ष

भोजशाला के कानूनी विवाद में कई दावे और आपत्तियां उठाई गई हैं। विवाद का मुख्य कारण ऐतिहासिक धरोहर और उसका संरक्षण है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा किए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट अहम है। यह रिपोर्ट उच्च न्यायालय की 2 अप्रैल की सुनवाई में उपयोगी होगी। इस सुनवाई से महत्वपूर्ण फैसला आने की उम्मीद है।



इंदौर हाईकोर्ट में धार एडीएम संजीव केशव पांडे तलब, SDM रहते कांग्रेस कार्यकर्ता को भेजा था जेल



भोजशाला का ऐतिहासिक महत्व

भोजशाला मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह स्थल 11वीं सदी का है और अत्यधिक महत्व रखता है। यहां कई महत्वपूर्ण शिलालेख और वास्तुकला के नमूने पाए गए हैं। भोजशाला का इतिहास और संरचना स्थानीय संस्कृति का अहम हिस्सा हैं।



Tags:
  • इंदौर हाईकोर्ट
  • मध्यप्रदेश हाईकोर्ट
  • धार की भोजशाला
  • मयंक अवस्थी
  • भोजशाला
  • जस्टिस विजय कुमार शुक्ला
  • कलेक्टर प्रियंक मिश्रा