स्कीम 171 के 6 हजार प्लाटधारक IDA से होंगे मुक्त, सीएम से हो गई चर्चा, आंदोलन टला
दरअसल, इन प्लॉटधारकों ने अपनी मांग को लेकर 15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया था। इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मामले में बातचीत हुई है। इसके बाद प्लॉटधारकों को उम्मीद जगी है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान निकलेगा।
जाते-जाते सीईओ कर गए बात
आईडीए की स्कीम 171 से परेशान प्लॉटधारकों ने 15 अक्टूबर से आंदोलन करने का ऐलान किया था। इससे पहले पिछले महीने भी उन्होंने आंदोलन किया था। उस समय अधिकारियों ने लिखित में भरोसा दिया था कि एक महीने के भीतर बोर्ड की बैठक बुलाई जाएगी।
इसी मामले को लेकर मंगलवार को आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े भोपाल पहुंचे। वहां उन्होंने विभागीय अधिकारियों को पूरी स्थिति बताई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक भी मामले की पूरी जानकारी पहुंचाई गई।
इसके बाद तय हुआ कि मुख्यमंत्री जल्द ही इस मामले में फैसला लेंगे। वे इंदौर में किसी कार्यक्रम के दौरान इसकी घोषणा भी कर सकते हैं। इसी बीच बुधवार रात परीक्षित झाड़े का तबादला शाजापुर कलेक्टर के पद पर कर दिया गया है।
हां, सीएम से हो गई बात
इस मामले में विधायक महेंद्र हार्डिया ने आईडीए के सीईओ परीक्षित झाड़े और प्लॉटधारक संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बताया गया कि भोपाल में जल्द ही इस मामले पर फैसला हो सकता है। इसलिए फिलहाल आंदोलन रोक दिया जाए। इस बात पर प्लॉटधारक संघ भी सहमत हो गया है।
विधायक महेंद्र हार्डिया ने द सूत्र से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। मुख्यमंत्री जल्द इंदौर आएंगे तो उनसे मुलाकात की जाएगी। जरूरत पड़ी तो भोपाल जाकर भी मिलेंगे। इस मुलाकात के बाद मामले में आगे की कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। हार्डिया ने उम्मीद जताई कि जल्द ही प्लॉटधारकों को उनका हक मिल जाएगा।
सोसायटी भर चुकी है राशि
इस मामले में स्कीम से मुक्ति के लिए अक्टूबर 2024 में 5.89 करोड़ राशि भरने का ड्राफ्ट जारी हुआ था। इसके बाद राशि भी दिसंबर में भर दी गई थी। लेकिन इसके बाद दो साल से स्कीम मुक्ति का इंतजार हो रहा है। इसमें 13 सोसायटी के साथ निजी भूस्वामी भी शामिल हैं।
यह संस्थाएं हैं प्रभावित
इनमें देवी अहिल्या श्रमिक, न्याय विभाग कर्मचारी, इंदौर विकास गृह निर्माण, मजदूर पंचायत, लक्ष्मण, सूर्या, मारुति, सन्नी को-ऑपरेटिव हाउसिंग, रजत, त्रिशाला, संजना, श्रीकृपा और अप्सरा गृह निर्माण संस्थाएं शामिल हैं।