लोको पायलट के डेमू ट्रेन रोककर समोसे लाने का सच आया सामने, रेलवे ने की जांच

Sanjay Gupta | Jul 09, 2026, 11:30 IST
indore loco pilot samosa video
इंदौर में राऊ-रंगवासा के बीच में डेमू ट्रेन रोककर लोको पायलट द्वारा समोसे लेने के वीडियो का सच सामने आ गया है। रेलवे विभाग द्वारा की गई जांच के बाद इस वायरल वीडियो का खुलासा हुआ है।

7 जुलाई को इंदौर के राऊ-रंगवासा के बीच ट्रेन रुकने और लोको पायलट के समोसे लेने जाने का वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दावा किया गया था कि भूख लगने के कारण लोको पायलट ने ट्रेन रोक दी। इस मामले ने काफी चर्चा बटोरी, जिसके बाद रेलवे ने जांच के आदेश दिए। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले की असली तस्वीर सामने आ गई है।



bb74f84e-ce0


इन बिंदुओं पर की गई जांच

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि वायरल वीडियो में दिखाई गई ट्रेन कौन सी थी। ट्रेन से उतरने वाला व्यक्ति कौन था और वह क्यों उतरा था। इसके अलावा यह भी जांच की गई कि ट्रेन किस वजह से रुकी थी, क्या उसे समोसे या किसी खाद्य सामग्री खरीदने के लिए रोका गया था। क्या उस जगह पर ट्रेन को अक्सर रोका जाता है।



जांच में ये बिंदु सामने आए

पीआरओ रेलवे मुकेश कुमार ने बताया कि जांच के बाद कई तथ्य सामने आए हैं।



  • इसमें यह ट्रेन डेमू ट्रेन नहीं होकर मालगाड़ी है। Viral Video में डेमू ट्रेन का दावा गलत है।
  • ट्रेन अक्सर नहीं रुकती है। जहां ट्रेन रुकी है, राऊ-रंगवासा में वहां क्रॉसिंग है और सिग्नल है। ऐसे में सिग्नल होने पर ट्रेन को रोका जाता है।
  • जो ट्रेन से उतरा, वह लोको पायलट है, लेकिन उस मालगाड़ी का नहीं है। उसे अन्य गंतव्य तक जाना था और यह मालगाड़ी उसी ओर जा रही थी, इसलिए उसे उस मालगाड़ी में बैठाकर भेजा गया था।
  • समोसे लेने जाना सही है। मालगाड़ी ज्यादा रुकती नहीं है। वहां सिग्नल पर रुकी थी, तो साथ में जा रहे अन्य ट्रेन के लोको पायलट ने उतरकर समोसे खरीद लिए। ट्रेन के लोको पायलट को तो उतरने की मंजूरी ही नहीं होती है।

विभाग को बदनाम करने के लिए चलाया वीडियो

पीआरओ ने कहा कि वीडियो को इस तरह से पेश किया गया, जिससे रेलवे विभाग की छवि खराब हो। वीडियो (Indore News) में ट्रेन का पिछला हिस्सा नहीं दिखाया गया। इसे गलत तरीके से डेमू ट्रेन (इंदौर-महू के बीच चल रही डेमू ट्रेन) बताया गया। रेलवे का कहना है कि वायरल वीडियो में किए गए दावे सही नहीं हैं।





नियम क्या कहते हैं

भारतीय रेलवे में ट्रेनों का संचालन तय नियमों के हिसाब से होता है। किसी भी ट्रेन को बिना वजह नहीं रोका जा सकता। ट्रेन को सिर्फ सिग्नल, सुरक्षा, तकनीकी या किसी जरूरी परिचालन कारण से ही रोका जाता है।



अगर कोई कर्मचारी निजी कारणों से नियम तोड़ता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, किसी भी मामले में पहले जांच की जाती है और उसके बाद ही जिम्मेदारी तय होती है। इसी वजह से रेलवे ने इस मामले में भी पहले जांच कर पूरी स्थिति साफ करने का फैसला लिया।



ये खबर भी पढ़ें...

समोसे खरीदने के लिए रुकी इंदौर-महू डेमू ट्रेन, वायरल वीडियो पर जांच शुरू



इंदौर का राऊ-देवास बायपास 10 घंटे जाम, डायरेक्टर-ठेकेदार को कलेक्टर की लताड़, अब जाम हुआ तो कराएंगे FIR



छुट्टी के लिए लोको पायलट को उतारनी पड़ी पैंट, जानें पूरा मामला



RRB ALP Vacancy 2026 में लोको पायलट के 11 हजार पदों पर भर्ती, कब होंगे आवेदन शुरू



Tags:
  • Indore News
  • Viral Video
  • लोको पायलट
  • इंदौर-महू के बीच चल रही डेमू ट्रेन