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News in Short
- सर्जरी के बाद लोको पायलट ने मेडिकल छुट्टी मांगी।
- अधिकारी ने कर्मचारी की बात पर भरोसा नहीं किया।
- कर्मचारी को ऑपरेशन का निशान दिखाना पड़ा।
- वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
- रेलवे ने मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई।
News in Detail
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में रेलवे का एक लोको पायलट दिख रहा है। मामला स्वास्थ्य समस्या से जुड़ा बताया जा रहा है। लोको पायलट की हाल ही में सर्जरी हुई थी। डॉक्टरों ने कुछ दिन आराम की सलाह दी थी। कर्मचारी ने छुट्टी की मांग की। अधिकारी ने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया। कर्मचारी को स्थिति साबित करनी पड़ी। घटना ने कार्यस्थल व्यवहार पर बहस बढ़ाई। रेलवे कर्मचारियों की स्थिति पर सवाल उठे।
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क्या है पूरा मामला
वायरल वीडियो में एक लोको पायलट की घटना सामने आई। हाल ही में उनका बवासीर का ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी। डॉक्टरों ने बैठने से बचने को कहा था। लोको पायलट ने अधिकारियों को जानकारी दी। उन्होंने आराम की जरूरत बताई। अधिकारियों ने बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।
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पैंट उतारकर दिखाना पड़ा ऑपरेशन का निशान
वीडियो में लोको पायलट अधिकारी को स्थिति समझाते दिखते हैं। वह ऑपरेशन होने का सबूत दिखाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए उन्हें पैंट खोलनी पड़ती है। वह ऑपरेशन का निशान दिखाते हैं। यह दृश्य देखकर लोग हैरान रह जाते हैं। घटना ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। मामला रेलवे वर्क कल्चर पर चर्चा बढ़ा रहा है।
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ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ ने किया समर्थन
इस मामले में ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने लोको पायलट का समर्थन किया है। यूनियन के अनुसार, लोको पायलट राजेश मीना अनुसूचित जनजाति समुदाय से आते हैं और उन्होंने छुट्टी के लिए अपने वरिष्ठ अधिकारियों से कई बार अनुरोध किया था। लेकिन जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो उन्होंने मजबूरी में यह कदम उठाया।
AILRSA के महासचिव केसी जेम्स ने इस घटना को बेहद शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा यह दुखद है कि एक लोको पायलट को अपनी मेडिकल स्थिति साबित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारी के सामने पैंट उतारनी पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि लोको पायलट दिन-रात काम करके लोगों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाते हैं, लेकिन बदले में उन्हें सम्मानजनक व्यवहार नहीं मिलता।
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रेलवे प्रशासन ने बनाई जांच कमेटी
मामला तूल पकड़ने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। उत्तर रेलवे ने इस मामले की जांच के लिए तीन अधिकारियों की एक जांच कमेटी गठित की है। बताया जा रहा है कि लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन ने इस घटना का वीडियो डीआरएम सुनील कुमार वर्मा को भी भेजा था।
क्या बदल सकता है इस घटना के बाद?
यह घटना रेलवे प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी मानी जा रही है। अगर जांच में अधिकारियों की गलती सामने आती है, तो भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। रेलवे कर्मचारियों के संगठनों ने भी मांग की है कि कर्मचारियों के स्वास्थ्य अधिकार और कार्यस्थल सम्मान को प्राथमिकता दी जाए।
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