इंदौर के बिजली इंजीनियर पर लोकायुक्त का छापा, जांच में मिली 6.50 करोड़ की संपत्ति
समझें क्या है पूरा मामला...
- इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बिजली विभाग के इंजीनियर के घर छापा मारा।
- आरोपी शिवराम सेमिल पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अधीक्षण यंत्री हैं।
- नौकरी में कुल दो करोड़ रुपए वेतन मिला, लेकिन खर्च 6.50 करोड़ से ज्यादा मिला।
- परिवार के नाम पर पांच अलग-अलग फैक्ट्रियां मिली हैं।
- इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत 9 ठिकानों पर एक साथ सर्च चल रही है।
इंदौर में लोकायुक्त का छापा
यह कार्रवाई महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर की जा रही है। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे। इस पूरी कार्रवाई की अगुवाई पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय कर रहे हैं। कार्रवाई 21 जुलाई 2026 को शुरू की गई।
आरोपी शिवराम सेमिल मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर में अधीक्षण यंत्री (पारे एवं वित्त) के पद पर तैनात हैं। वे पॉलीग्राउंड इंदौर स्थित कार्यालय में काम करते हैं। वे इंदौर के सिलिकॉन सिटी निधिवन कॉलोनी में रहते हैं।
सूत्रों से मिली थी सूचना
लोकायुक्त को सूत्रों से सूचना मिली थी कि शिवराम सेमिल ने अपने 33 साल के सेवाकाल में बहुत ज्यादा संपत्ति बनाई है। सूचना के मुताबिक यह संपत्ति उनकी वैध आय से कहीं अधिक थी। इसी सूचना के आधार पर लोकायुक्त टीम ने सर्च की योजना बनाई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
सिलिकॉन सिटी में बना भव्य आवास
आरोपी ने सिलिकॉन सिटी में सी-44 भूखंड पर तीन मंजिला भव्य घर बनवाया है। इस घर की अनुमानित लागत एक करोड़ 20 लाख रुपए आंकी गई है। यह घर आरोपी के मुख्य ठिकानों में से एक है, जहां आज सर्च चल रही है।
बेटे और परिवार के नाम कई फैक्ट्रियां
जांच में सामने आया कि आरोपी के बेटे शुभम के नाम पर पीथमपुर सेक्टर तीन में फैक्ट्री मिली है। यह फैक्ट्री शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम से चल रही है और यहां ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। फैक्ट्री करीब 880 वर्गमीटर क्षेत्र में बनी है। इसकी अनुमानित लागत एक करोड़ 25 लाख रुपए है।
आरोपी की बहू और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर कर्निश पावरजोन नाम की फर्म भी मिली है। इस फर्म की शेयर पूंजी 50 लाख रुपए है। इस फर्म ने पीथमपुर सेक्टर तीन में दो प्लॉट खरीदे हैं। एक प्लॉट पर पुरानी फैक्ट्री चल रही है और दूसरे पर नई फैक्ट्री बन रही है। इन पर करीब एक करोड़ रुपए खर्च होना पाया गया है।
दामाद और बेटे के नाम पर भी धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स नाम की फर्म चल रही पाई गई है। इसी नाम से एक और प्लॉट भी खरीदा गया है। इन पर करीब एक करोड़ 50 लाख रुपए खर्च होना अनुमानित है।
कृष्णा पावर नाम की फर्म के नाम पर भी धार जिले में एक भूखंड मिला है। यह भूखंड 560 वर्गमीटर का है और यहां फैक्ट्री का निर्माण अभी चल रहा है। इस पर अब तक करीब 10 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं।
एक और फैक्ट्री आरोपी के रिश्तेदार यानी समधी के नाम पर भी मिली है। यह फैक्ट्री ए वन इलेक्ट्रिकल के नाम से धार के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में चल रही है। यहां भी करोड़ों रुपए निवेश होना पाया गया है। हालांकि इस खर्च को अभी आरोपी के कुल व्यय में नहीं जोड़ा गया है।
इंदौर में कई कार्यालय भी मिले
आरोपी की फैक्ट्रियों के कई कार्यालय भी इंदौर शहर में पाए गए हैं। सप्तश्रृंगी नगर सिलिकॉन सिटी में एक कार्यालय भवन मिला है, जो आरोपी की पत्नी और बेटे सौरभ सेमिल के नाम पर है। इस भवन में शुभम इलेक्ट्रिकल का कार्यालय चल रहा है। इसकी गाइडलाइन कीमत 60 लाख रुपए आंकी गई है।
एक और कार्यालय अंजनी नगर एयरपोर्ट रोड पर पाया गया है, जहां कर्निश पावर जोन का दफ्तर चल रहा है। यहां भी सर्चिंग जारी है। इसके अलावा देवास नाका इलाके में सिद्धार्थ फार्म के पास एक और कार्यालय मिला है। यहां भी कर्निश पावरजोन का दफ्तर पाया गया है और टीम यहां भी सर्च कर रही है।
प्लॉट और महंगी इलेक्ट्रिक कार भी मिली
आरोपी ने अपने बेटों के नाम पर ओमेक्स सिटी में भी एक प्लॉट खरीदा है। यह प्लॉट गाइडलाइन के अनुसार 20 लाख रुपए में खरीदा गया है। इसके अलावा बेटे की फर्म शुभम इलेक्ट्रिकल के नाम पर एक महंगी महिंद्रा इलेक्ट्रिक कार भी खरीदी गई है। इस कार की कीमत करीब 15 लाख रुपए बताई जा रही है।
मुरैना में भी मकान, ग्वालियर टीम कर रही सर्च
जांच में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है। आरोपी का एक दोमंजिला मकान मुरैना के रविदास नगर में भी मिला है। इस मकान की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपए है। यहां ग्वालियर लोकायुक्त की टीम सर्च कर रही है।
कुल कितनी संपत्ति मिली
जांच के मुताबिक आरोपी को पूरे सेवाकाल में करीब दो करोड़ रुपए नेट वेतन मिला था। वहीं, उसने छह करोड़ 50 लाख रुपए से ज्यादा खर्च किया है। यदि जीवन यापन का खर्च नेट आय का 33 प्रतिशत भी जोड़ लिया जाए तो कुल खर्च सात करोड़ 16 लाख रुपए से ज्यादा बैठता है। यह आरोपी की आय से 258 प्रतिशत ज्यादा है। लोकायुक्त टीम का कहना है कि सर्चिंग अभी भी जारी है।
9 ठिकानों पर एक साथ चल रही कार्रवाई
यह पूरी सर्च कार्रवाई कुल 9 ठिकानों पर एक साथ चलाई जा रही है। इसमें इंदौर के चार ठिकाने शामिल हैं। पीथमपुर में दो ठिकानों पर सर्च चल रही है। धार जिले के उज्जैनी क्षेत्र में भी दो ठिकाने शामिल हैं। इसके अलावा मुरैना के एक ठिकाने पर भी टीम पहुंची है।
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