मंत्री के करीबी एमआईसी मेंबर मनीष मामा को जान से मारने की धमकी, तीन थानों ने दर्ज नहीं किया केस
इंदौर नगर निगम में एमआईसी मेंबर और वार्ड 64 के पार्षद मनीष शर्मा उर्फ मामा को पुलिस ने तीन थानों में भटका दिया। मनीष को जान से मारने की धमकी मिली थी। वहीं वह इसी की शिकायत लेकर पहुंचे थे, लेकिन उन्हें हर थाने से आवेदन लेकर दूसरे थाने भेज दिया गया। बता दें कि मनीष शर्मा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के करीबी हैं।
ऐसे मिली थी जान से मारने की धमकी
रविवार, 05 अप्रैल की दोपहर को तीन इमली चौराहे पर उनके पोस्टर को किसी ने फाड़ दिया। जब वह मौके पर पहुंचे तो फटा पोस्टर देखा। इसमें एक चिट्ठी मिली, जिसमें उनके लिए अपशब्द लिखे थे। साथ ही जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसके बाद वह इसकी शिकायत कराने के लिए थाने गए।
इस तरह तीन थाने गए मामा
एमआईसी मेंबर मनीष मामा पहले भंवरकुआं थाने गए। वहां से एसीपी विजय चौधरी और एसआई धर्मवीर सिंह उनके साथ घटनास्थल पहुंचे। फिर उनसे लिखित आवेदन लिया और थाने की सील लगाकर लौटा दिया। कहा कि यह क्षेत्र आजाद नगर में आता है, इसलिए वहां जाएं।
इसके बाद वह आजाद नगर पहुंचे। वहां भी आवेदन लिया गया और सील लगाई गई। यहां से कहा गया कि संयोगितागंज थाना जाना होगा। फिर वह संयोगितागंज थाने गए, लेकिन यहां भी आवेदन पर सील लगाकर लौटा दिया गया। केस दर्ज नहीं किया गया।
फिर आम जन का क्या होता होगा?
इस पर मनीष मामा ने कहा कि मैं एक शिकायत दर्ज कराने तीन थानों में भटका हूं। जब एमआईसी मेंबर पार्षद का यह हाल है, तो आम लोगों का क्या होता होगा।
वहीं जानकारों का कहना है कि प्रावधान है कि यदि मामला संबंधित थाने का नहीं भी हो, तो जीरो पर केस दर्ज कर संबंधित थाने भेजा जाना चाहिए, लेकिन पुलिस फरियादी को ही भटका रही है।
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