इंदौर स्मार्ट सिटी की 40 करोड़ की धंसी सड़क पर निगमायुक्त को कानूनी नोटिस

Sanjay Gupta | Aug 21, 2026, 18:09 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE, इंदौर स्मार्ट सिटी की गौराकुंड में धंसी 40 करोड़ की सड़क पर 'द सूत्र' ने खुलासा किया था कि सड़क के लिए धोखेबाज कंपनी तीर्थ गोपीकान को ठेका था। इसमें 32 करोड़ का भुगतान भी हो चुका है। इस पर अब निगमायुक्त को कार्रवाई के लिए कानूनी नोटिस गया है।

इंदौर स्मार्ट सिटी कंपनी की चार साल पहले बनी 1.70 किमी की सड़क का एक हिस्सा पानी की लाइन टेस्टिंग में धंस गया। यह सड़क 184 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी में घिरी तीर्थ गोपीकान ने बनाई थी।



इस कंपनी के मालिक महेश कुंभानी जेल में हैं। इस सड़क का काम 40 करोड़ का था जिसमें कंपनी 32 करोड़ ले चुकी है। अब कंपनी के काम को लेकर कार्रवाई की मांग पर निगमायुक्त क्षितिज सिंघल को कानूनी नोटिस गया है।



इन्होंने भेजा कानूनी नोटिस

नगर निगम इंदौर के पूर्व पार्षद और जनप्रतिनिधि दिलीप कौशल ने यह कानूनी नोटिस इंदौर निगमायुक्त को भेजा है। इसमें दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार कंपनी के खिलाफ आपराधिक FIR दर्ज करने, वसूली करने और निलंबन की सख्त मांग उठाई है।



municipal commissioner notice


कंपनी को NOC बिना कैसे दिए 32 करोड़

नोटिस में कहा गया है कि स्मार्ट सिटी ABD क्षेत्र में नागरिकों से ₹72.70 करोड़ का अतिरिक्त विकास शुल्क वसूला गया है। लेकिन घटिया काम हुआ है। सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला 1.7 किलोमीटर सड़क निर्माण (कुल लागत ₹40 करोड़) में सामने आया है।



निर्माण एजेंसी मेसर्स तीर्थ गोपीकॉन को नियमानुसार 'कम्पलीशन सर्टिफिकेट' जारी ही नहीं हुआ था, इसके बावजूद अधिकारियों की मिलीभगत से 32 करोड़ का नियम विरुद्ध अवैध भुगतान कर दिया गया।



कानूनी कार्रवाई नहीं तो जाएंगे हाईकोर्ट

पूर्व पार्षद दिलीप कौशल ने कहा कि यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि जनता के पैसों का गबन और आपराधिक षड्यंत्र है। इसके तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 एवं अन्य कानूनों की निम्नलिखित धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।



साथ ही कहा कि सात दिन के भीतर कठोर कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई शुरू नहीं की गई, तो हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर करेंगे। साथ ही भ्रष्टाचार निवारण कोर्ट व सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 223 BNS के तहत आपराधिक परिवाद पेश करेंगे।



इन पर कार्रवाई की मांग

कानूनी नोटिस में प्रभारी कार्यपालन यंत्री सौरभ माहेश्वरी, असिस्टेंट इंजीनियर कपिल रघुवंशी, सब-इंजीनियरों एवं संबंधित स्मार्ट सिटी अधिकारियों को तुरंत निलंबित करने की मांग की है।



साथ ही दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार एजेंसी 'मेसर्स तीर्थ गोपीकॉन' के विरुद्ध BNS और EOW/ACB में आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई। कंपनी को दिए गए 32 करोड़ की वसूली करने औऱ ब्लैकलिस्ट करने की भी भी मांग इस नोटिस में की गई है।



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