इंदौर नगर निगम: MIC मेंबर, नेता प्रतिपक्ष के रिश्तेदार और पीए के परिजन के नाम पर गाड़ियां, निगम में अटैच
इंदौर नगर निगम में एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। अभी तक कांग्रेस इस तरह के आरोप लगाती थी, लेकिन इस बार इन आरोपों के घेरे में नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे भी हैं।
आरोप है कि चौकसे के साथ ही निगम के बीजेपी के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा उर्फ मामा, निरंजन चौहान, राजेश उदावत आदि निजी गाड़ियों से घूम रहे हैं। ये गाड़ियां इनके रिश्तेदार, पीए के परिजनों के नाम पर हैं। इन्हें निगम में कमर्शियल वाहन बताकर अटैच कराया गया है।
हर महीने हजारों रुपए और डीजल ले रहे
कायदे से कोई भी वाहन कमर्शियल ही अटैच किया जा सकता है। वहीं, ये निजी वाहन निगम में बिना किसी टेंडर के अटैच हुए हैं। इसके बदले में 13 वाहनों को हर माह 25 हजार का तो पांच चुनिंदा वाहनों को 35 हजार का भुगतान हो रहा है। हर महीने इन्हें 450 लीटर डीजल भी दिया जाता है। आरटीओ पहले भी इसे लेकर निगम को पत्र लिख चुका है, लेकिन निगम ने केवल खानापूर्ति की।
सभापति, नेता प्रतिपक्ष, एमआईसी सब शामिल
इस खेल में निगम के सभापति मुन्नालाल यादव, नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे के साथ ही कई एमआईसी मेंबर को आवंटित वाहन शामिल हैं। नेता प्रतिपक्ष की गाड़ी माधवी चौकसे के नाम पर आरटीओ में रजिस्टर्ड है, जिसे निगम रिकॉर्ड में इनोवा बताया है, लेकिन यह फॉर्च्यूनर है।
- MIC मेंबर मनीष शर्मा उर्फ मामा की गाड़ी एमपी 09 डब्ल्यूजी 8607 निगम के रिकॉर्ड में इनोवा है, जबकि यह मारुति अर्टिगा है।
- इसी तरह एमआईसी मेंबर राजेश उदावत की गाड़ी एमपी 09 जेडसी 1818 इनोवा बताई गई है, जबकि यह एमजी हेक्टर है।
- एमपी 09 डीजे 3694 प्रिया दांगी के पास है, जो इनोवा बताई गई, लेकिन यह स्कॉर्पियो है।
- एमआईसी मेंबर नंदकिशोर की एमपी 09 डब्ल्यूए 0873 इनोवा बताई, लेकिन यह एसयूवी है।
- नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की एमपी 09 डीजी 8811 इनोवा बताई, लेकिन यह फॉर्च्यूनर है। इसे मांगीलाल ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर बताया है, लेकिन आरटीओ रिकॉर्ड में माधवी चौकसे मालिक हैं।
- इसी तरह राजेंद्र राठौर के पास मौजूद गाड़ी इनोवा एमपी 09 सीवाय 2813 निगम में मालिक मंदीप सिंह टूटेजा है, लेकिन आरटीओ में शुभम कुमरावत है।
- एमआईसी मेंबर निरंजन सिंह चौहान की कार एमपी 09 डीयू 9199 आशुतोष व्यास के नाम पर है। वहीं, असल में यह उनके पीए मनीष शर्मा के भाई के नाम पर है।
निगम ने केवल नोटिस की खानापूर्ति की
यह मामला पहली बार निगम के सामने नहीं आया। इसे लेकर आरटीओ ने पहले भी निगम को बताया। आरटीओ ने इन वाहनों की कैटेगरी बदलकर कमर्शियल करने के लिए जुलाई 2025 में पत्र लिखा। निगम ने भी वाहन मालिकों को नोटिस जारी कर दिए और फिर शांत हो गए।
क्या बोल रहे महापौर और निगमायुक्त
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस मामले में कहा कि जांच के आदेश दे दिए हैं। भुगतान रोका जा रहा है। वहीं निगमायुक्त (आईएएस क्षितिज सिंघल) का कहना है कि सभी वाहन मालिकों को नोटिस दिए जा रहे हैं, अभी भुगतान नहीं किया जाएगा और न ही डीजल देंगे, जांच की जा रही है।
कांग्रेस ने ही लगाए आरोप
इस मामले में कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता और छत्तीसगढ़ में अल्पसंख्यक विभाग के इंचार्ज अमीनुल खान सूरी ने सोशल मीडिया पर निगम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने इस पूरे कांड में निगम महापौर और बीजेपी परिषद को घेरा है।
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