इंदौर में पुलिस आरक्षक लोकेश गाथे, जयवीर ने अब्दुल को दिया CPR, बचाई जान

Sanjay Gupta | Oct 04, 2025, 19:55 IST
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इंदौर के सीतलामाता बाजार में बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच, इंदौर पुलिस के दो जवानों लोकेश गाथे और जयवीर ने सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने अपनी बहादुरी से अब्दुल समद की जान बचाई, जिससे एक बार फिर शहर में भाईचारे की मिसाल पेश की गई है।

INDORE. इंदौर का सीतलामाता बाजार हिंदू-मुस्लिम राजनीति का केंद्र बन गया है, शहर में लगातार सद्भाव की जगह अलगाव की बात हो रही है। ऐसे में इंदौर पुलिस के दो जवानों ने अपने काम से फिर इंदौर में सद्भाव का संदेश दिया है। इंदौर पुलिस के पुलिस आरक्षक लोकेश गाथे और जयवीर के इस काम से अब्दुल समद की जान बची है।



इस तरह 30 सेकंड़ में बची जान

छोटी ग्वालटोली एरिया में गुलमोहर होटल में ठहरे अलीगढ़ निवासी अब्दुल समद की जान उस वक्त खतरे में पड़ गई, जब वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों जयवीर और लोकेश गाथे ने बिना देरी किए CPR देना शुरू किया। सिर्फ 30 सेकेंड में युवक की धड़कनें लौट आई।



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3 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी



👉इंदौर का सीतलामाता बाजार हाल में राजनीतिक तनाव का केंद्र बन गया है। यहां हिंदू-मुस्लिम राजनीति के बीच सद्भाव की बजाय अलगाव की बातें हो रही हैं। इस तनाव के बीच पुलिस ने एक प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है।

👉इंदौर पुलिस के आरक्षक लोकेश गाथे और जयवीर ने अपनी जान जोखिम में डाले बिना एक युवक की जान बचाई। युवक, अब्दुल समद, अचानक होटल में बेहोश होकर गिर पड़ा था।

👉दोनों पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए युवक को CPR देना शुरू किया, जिससे महज 30 सेकंड में उसकी धड़कनें वापस लौट आईं। यह पुलिस की तत्परता और पेशेवर प्रशिक्षण का परिणाम था।

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एंबुलेंस बुलाकर इलाज के लिए भेजा

इसके साथ ही पुलिस ने एंबुलेंस के लिए भी फोन कर दिया था। सांस लौटने के बाद युवक को एंबुलेंस से इलाज के लिए भेज दिया गया। अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। गाथे ने कहा कि पुलिस ट्रेनिंग के कारण ही हम युवक की जान बचाने में सफल रहे। आरक्षक लोकेश गाथे को इससे पहले भी 'जीवन रक्षक पदक' से सम्मानित किया जा चुका है। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर CPR समय पर न दिया गया होता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।



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