शहराध्यक्ष इंदौर चिंटू चौकसे को बुलाया थाने, फरवरी में BJP-कांग्रेस के बीच पथराव का मामला

Sanjay Gupta | Jul 30, 2026, 20:20 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. इंदौर में एक बार फिर बीजेपी और कांग्रेस के बीच तन रही है। फरवरी में कांग्रेस दफ्तर गांधी भवन के बाहर हुए पथराव और उपद्रव मामले में शहराध्यक्ष कांग्रेस चिंटू चौकसे तलब हो गए हैं।

इंदौर कांग्रेस शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे पंढरीनाथ थाने पर तलब हुए हैं। चिंटू चौकसे को पांच घंटे से थाने बैठा रखा है। चिंटू को दोपहर साढ़े तीन बजे थाने पर बुलाया था। चिंटू से 5 घंटे से ज्यादा पूछताछ चली। इस दौरान उनसे 270 सवाल पूछे गए। पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।



मौके पर पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, पूर्व शहराध्यक्ष विपिन बाकलीवाल सहित अन्य नेता मौजूद है। मामला फरवरी में गांधी भवन कांग्रेस दफ्तर के बाहर हुए उपद्रव का है। इसमें कांग्रेस के 20 नेताओं पर 21 फरवरी को नामजद एफआईआर हुई थी, इसमें चिंटू भी आरोपी हैं।



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तीन नोटिस के बाद आए चौकसे

जानकारी के अनुसार चिंटू को एक नहीं पुलिस ने तीन-तीन नोटिस भेजे थे। तीसरे नोटिस के बाद चिंटू थाने पहुंचे हैं। इस मामले में उनसे पूछताछ हो रही है। फिलहाल इस केस में अभी हिरासत में लेने या गिरफ्तारी लेने की बात नहीं आई है।



चिंटू से पूछे 270 सवाल

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने कोई 10-20 सवाल नहीं चिंटू चौकसे से पूरे 270 सवाल का जवाब मांगा है। इसमें पूछा गया है कि जब पुलिस थी तो उपद्रव क्यों किया गया, पत्थर बाजी क्यों की गई और कौन-कौन नेता साथ में थे, किस तरह से पूरा घटनाक्रम हुआ।



इससे जुड़े हुए सवाल पूछे गए हैं। वहीं, कांग्रेस नेता इस शोषण बता रहे हैं। कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल ने कहा कि इतने सवाल तो शायद SIT ने राम मंदिर दान चोरी में भी नहीं पूछे थे जो शहर अध्यक्ष से पूछे जा रहे हैं।



छूटकर क्या बोले चिंटू चौकसे

चिंटू ने पूछताछ के बाद कहा कि मैं जब भंवरकुआं पर छात्रों के आंदोलन में गया और उनकी मदद शुरू की, उसी के अगले दिन ही नोटिस आया। छात्र आंदोलन में मदद करने के कारण ही पूछताछ के लिए नोटिस आया।



फरवरी का मामला साफ था कि बीजेपी ने हमला किया था, लेकिन वह अभी भी अज्ञात है। बीजेपी सरकार के दबाव में यह पुलिस ने किया है। निरंकुश सरकार हो गई। पांच घंटे तक पूछताछ की गई, लेकिन यह केवल मुझे और कांग्रेस को परेशान करने के लिए किया।



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डॉक्टर को ही पूछताछ के लिए बुला लिया

चिंटू ने कहा कि मुझे वायरल फीवर था। मैंने नोटिस पर कहा कि सात दिन बाद आउंगा, डाक्टर ने आराम के लिए कहा है। लेकिन इस पर शहर के प्रतिष्ठित डाक्टर प्रवीण ढाणी को ही पूछताछ के लिए पुलिस ने बुला लिया और दो घंटे तक पूछताछ की। यह सरासर अन्याय है।



यह बोले कांग्रेस नेता

पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि पूछताछ करनी थी तो तत्काल करते छोड़े देते, यह राजनीतिक केस है। यह बीजेपी का तंत्र पुलिस का उपयोग कर रही है। दिल्ली से लेकर इंदौर तक यही चल रहा है।



क्या बोल रहे हैं पुलिस अधिकारी

वहीं पुलिस अधिकारी ने कहा कि फरवरी के केस में इन्हें नोटिस देकर पूछताछ की गई। विस्तृत तौर पर कथन लिए गए हैं. इसलिए यह पूछताछ चली है। ताकि आगे निष्पक्ष तौर पर मामले की जांच की जा सके। जांच में आगे जो भी जरूरत लगेगी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत होगी तो आगे जिनकी आवश्यकता होगी, नियमानुसार कार्रवाई होगी।



यह सभी बने थे केस में आरोपी

बीजेपी युवा मोर्चा की ओर से आवेश राठौर की शिकायत पर कांग्रेस पदाधिकारियों पर केस हुआ था। इसमें जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े के साथ ही शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, पार्षद राजू भदौरिया, तत्कालीन महिला मोर्चा अध्यक्ष व वर्तमान में नेता निगम प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट, युवा मोर्चा अध्यक्ष दौलत पटेल, सादिक खान, विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी, निखिल वर्मा, महक नागर, दानिश खान, शैलू सेन, संजय बाकलीवाल, अमन बजाज, आकाश निजामपुरकर, जाकिर जक्कू, नफीस गब्बर, परवेज खान, जुनैद आरोपी है। इसके साथ ही अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता व पदाधिकारी को भी इसमें बिना नाम के एफआईआर में ओपन रखा हुआ है।



कांग्रेसियों पर इन धाराओं में है केस दर्ज

कांग्रेस के सभी आरोपियों पर बीएनएस की धारा 115(2), 117(2), 189(1), 189(4), 189(9), 191(1), 296(ए), 61(2) के तहत केस दर्ज हुआ है। यह धाराएं संगठित होने, दंगा करने, किसी को नुकसान पहुंचाने आदि से जुड़ी हुई है।



यह लिखा था एफआईआर में

एफआईआर में है कि दिल्ली में हुई एआई कांफ्रेंस के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत की छवि धूमिल करने के लिए अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया था। इसके विरोध में बीजेपी युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के द्वारा 21 फरवरी को शांति पूर्वक प्रदर्शन किया गया।



युवा मोर्चा के नगराध्यक्ष सौगात मिश्रा, मनोज सिंह ठाकुर के नेतृत्व में मच्छीबाजार चौराहे से पीवाय रोज रोड पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन किया गया। इसी दौरान कांग्रेस शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे वहां आए और युवा मोर्चा का महिला कार्यकर्ताओं को गंदी गालियां दी।



अपने साथी अमित पटेल, युवा कांग्रेस अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े, राजू भदौरिया, सोनाली मिमरोट, सादिक खान आधि से कहा गया कि कोई पीछे नहीं हटेगा। इनके द्वारा पत्थर, ईंट, फर्सी, बाटल में भरे द्वव से हमला किया गया। महिला कार्यकर्ताओं से अभद्रता की गई। इसमें कई लोगों को चोट आई। इन पर सख्त कार्रवाई हो।



बीजेपी पर अज्ञात में केस

उधर कांग्रेस की शिकायत पर बीजेपी नेताओं पर भी एफआईआर हुई लेकिन इसमें नाम सभी अज्ञात रखे गए। तब पुलिस ने कहा था कि वीडियो से पहचान करेंगे। लेकिन इसमें सभी आरोपी अभी भी अज्ञात है। वहीं कांग्रेसियों ने 30 से ज्यादा बीजेपी नेताओं के नाम लिखवाए थे।



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