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INDORE. इंदौर में गांधी भवन कांग्रेस दफ्तर के बाहर शनिवार को हुए पथराव के बाद एक नहीं, दो नहीं, तीन एफआईआर हो गई हैं। इसमें एक-एक एफआईआर बीजेपी और कांग्रेस वालों की ओर से है। वहीं तीसरा केस पुलिस ने अपनी ओर से शासकीय काम में बाधा का दर्ज किया है, यह अज्ञात पर है।
पथराव के वीडियो में जय श्री राम के जयकारे
अब घटना का एक और वीडियो जारी हुआ है। यह कांग्रेस ने जारी किया है। इस वीडियो में बीजेपी के झंडे लहराते हुए प्रदर्शनकारी नजर आ रहे हैं। साथ ही युवक हाथ में पत्थर लिए हुए पथराव के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
वहीं कुछ अन्य लोग भी पत्थर चला रहे हैं। इस पथराव के दौरान जय-जय श्रीराम के जयकारे हो रहे हैं। इस भीड़ की ओर से जमकर पत्थर फेंके जा रहे हैं।
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कांग्रेस ने दिए थे बीजेपी के 32 नेताओं के नाम
इस घटनाक्रम में कांग्रेस के 20 पदाधिकारियों पर नामजद केस हुआ है। इसमें दंगे, बलवे जैसी धाराएं लगी हैं। वहीं कांग्रेस ने भी एफआईआर कराई है। इधर इंदौर कांग्रेस के संगठन महासचिव संजय बाकलीवाल के आवेदन पर अज्ञात पर केस हुआ है। कांग्रेस ने आवेदन में 32 बीजेपी व युवा मोर्चा के नेताओं के नाम लिखे हुए हैं।
कांग्रेस ने दिए थे यह नाम
रोहित चौधरी, सौगात मिश्रा, सुमित मिश्रा, सर्वजीत गौड़, हरप्रती बख्शी, आवेश राठौर, बिंदू चौहान, अक्षत चौधरी, कमलसिंह चौहान, मनोज परांजपे, निखिल खानविलकर, निक्की राय, चंदनसिंह बैस, यशव यादव, राजा कोठारी, हिमांशु मालवीय, लक्ष्मीनारायण पानेरी, दीपेश पचोरी, अनिल पाटिल, अरुण पेंढारकर, ए. पेंढारकर, मोईन अली, सन्नी तिवारी, मुकेश जायसवाल, नाना चौधरी, अशोक चौहान चांदू, शिवपाल, विनोद डींडावा, संजय कौशिक, गब्बर पहलवान, रजत शर्मा और विक्की कखरे।
डीसीपी ने एफआईआर पर यह कहा
डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने कहा कि बीजेपी के आए आवेदन में पाया गया कि इनके पीड़ितों को अधिक चोट आई है। मामला गंभीर है, इसलिए इसमें नामजद आरोपी बनाए गए हैं। लेकिन हम वीडियो फुटेज की जांच कर रहे हैं। जांच में हर आरोपी की भूमिका तय होगी। इसके बाद पाया जाता है कि भूमिका नहीं है तो नाम हटाए जाएंगे या जोड़े जाएंगे। ऐसे ही कांग्रेस के आवेदन में विवेचना भी होगी। वहीं, जिसकी भूमिका इस विवाद में पाई जाएगी उनके नाम जोड़े जाएंगे।
वहीं इसमें तीसरी एफआईआर अज्ञात पर शासकीय काम में बाधा का भी है। घटना में एसआई भी घायल हुए हैं और पुलिस के काम में भी हस्तक्षेप हुआ है। इसकी भी जांच की जाएगी।
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दूसरों पर फोड़ रहे ठीकरा
उधर इस घटना ने इंदौर की राजनीति को गरमा दिया है। बीजेपी और कांग्रेस नेता दोनों ही इस विवाद के लिए एक-दूसरे पर गुंडागर्दी के आरोप लगा रहे हैं।
बीजेपी नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कहा कि कांग्रेसियों ने पहले ही पथराव की तैयारी कर ली थी। महिला नेत्रियों पर गंदे इशारे किए। यह जिहादी मानसिकता है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से लेकर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी सभी ने इसे लेकर कांग्रेस को घेरा है।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि खून के एक-एक कतरे का हिसाब लिया जाएगा। शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि बीजेपी की यह गुंडागर्दी है। हमने बैरिकेडिंग से पहले ही आधा-एक किमी दूर करने के लिए कहा था, लेकिन पुलिस नहीं मानी।
उन्होंने आठ माह में यह तीसरी बार कांग्रेस भवन पर हमला किया है। दोनों ही पक्ष द्वारा इस मामले में एक-दूसरे की गलती बताते हुए वीडियो जारी किए जा रहे हैं।
कांग्रेस से यह हुई एफआईआर
कांग्रेस इंदौर के संगठन महासचिव संजय बाकलीवाल ने पंढरीनाथ थाने में एफआईआर कराई। इसके लिए शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे व अन्य पदाधिकारी भी गए थे। इसके बावजूद, पुलिस ने अज्ञात आरोपियों पर बीएनएस की धारा 115(2), 125, 191(2), 296(ए) व 324(2) के तहत केस दर्ज किया है।
बीजेपी की ओर से यह हुई एफआईआर
बीजेपी युवा मोर्चा की ओर से आवेश राठौर की शिकायत पर कांग्रेस पदाधिकारियों पर केस हुआ है।
इसमें जिलाध्यक्ष विपिन वानखेड़े के साथ ही शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित पटेल, पार्षद राजू भदौरिया, महिला मोर्चा अध्यक्ष सोनाली मिमरोट, युवा मोर्चा अध्यक्ष दौलत पटेल, सादिक खान, विवेक खंडेलवाल, गिरीश जोशी, निखिल वर्मा, महक नागर, दानिश खान, शैलू सेन, संजय बाकलीवाल, अमन बजाज, आकाश निजामपुरकर, जाकिर जक्कू, नफीस गब्बर, परवेज खान, जुनैद पर नामजद केस हुआ है।
इसके साथ ही अन्य कांग्रेस के कार्यकर्ता व पदाधिकारी को भी इसमें बिना नाम के एफआईआर में ओपन रखा है।
कांग्रेसियों पर इन धाराओं में हुआ केस दर्ज
कांग्रेस के सभी आरोपियों पर बीएनएस की धारा 115(2), 117(2), 189(1), 189(4), 189(9), 191(1), 296(ए), 61(2) के तहत केस दर्ज हुआ है। यह धाराएं संगठित होने, दंगा करने, किसी को नुकसान पहुंचाने आदि से जुड़ी हुई हैं।
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