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INDORE. इंदौर कलेक्टोरेट में अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने शनिवार दोपहर में अधिकारियों के काम में बदलाव कर दिया। विवाद अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य और संयुक्त कलेक्टर प्रदीप सोनी के बीच हुआ।
यह हुआ विवाद
विवाद शुक्रवार देर शाम को कलेक्टोरेटट में वैश्य के कक्ष में हुआ। जानकारी के अनुसार कॉलोनी सेल की कुछ फाइल रुकी हुई थी, यह फाइल चार-पांच बस्ते में थी। रिंकेश वैश्य शाम को अपर कलेक्टर कोर्ट की बोर्ड ले रहे थे।
करीब एक-डेढ़ घंटे की सुनवाई के बाद जैसे ही कक्ष में पहुंचे, तभी सोनी वहां पहुंचे और फाइल पर साइन करने की बात कही। इस पर वैश्य ने कहा कि अभी बोर्ड से आया हूं, बाद में कर दूंगा। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हुई। इसके बाद वैश्य ने स्टाफ को बुलाकर भी फटकार लगाई कि मैं बोर्ड से आया हूं यह बात एसडीएम को किसने बताई।
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फिर विवाद पहुंचा कलेक्टर के पास
बात यही नहीं थमी। कॉलोनी सेल और जूनी इंदौर दोनों के ही प्रभारी अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य है और वहीं संयुक्त कलेक्टर के तौर पर प्रदीस सोनी, कॉलोनी सेल प्रभारी है। साथ ही एसडीएम जूनी इंदौर भी है। सूत्रों के अनुसार वैश्य ने इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा से कह दिया कि आप या तो सोनी को हटा दो या फिर मुझे यहां से हटा दीजिए। इनके साथ मैं काम नहीं कर सकता हूं।
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शनिवार दोपहर फिर कलेक्टर ने बंगले से करे आर्डर
इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्थापना विभाग के अधिकारियों को बंगले पर बुलाया। इसके बाद कार्य विभाजन आदेश जारी किए। इसमें प्रदीप सोनी से कॉलोनी सेल और जूनी इंदौर एसडीएम दोनों के प्रभार ले लिए गए, क्योंकि इनके अपर कलेक्टर रिंकेश वैश्य है।
कॉलोनी सेल का प्रभारी संयुक्त कलेक्टर रोशनी पाटीदार को बनाया गया। वहीं जूनी एसडीएम एक बार फिर घनश्याम धनगर को बनाया गया। सांवेर से धनगर के हटने के बाद वहां संयुक्त कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी को एसडीएम किया गया है। वहीं सोनी को अब देपालपुर एसडीएम बनाया गया।
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कलेक्टर बोले सामान्य कार्यविभाजन
वहीं कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि प्रशासनिक सुविधा के लिए यह बदलाव किया गया है। इस बदलाव में कोई शिकायत या जांच वाली बात नहीं है। वहीं कलेक्टर ने साफ कहा कि सभी अधिकारियों को समयसीमा में जनहित में और शासन की नीतियों के क्रियान्वयन में लगना है। इसमें लापवाही नहीं चलेगी।
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