इंदौर कलेक्टर के अधिकार का उपयोग SDM ने कर लिया, ओम बड़कुल को नोटिस जारी
News in Short
- एसडीएम ओम बड़कुल पर अधिकार से बाहर काम करने का आरोप।
- नक्शा संशोधन बिना मंजूरी के किया गया।
- मामला पांच साल से पुराना था, फिर भी प्रक्रिया नहीं मानी गई।
- जांच में शिकायत सही पाई गई।
- कलेक्टर ने शोकाज नोटिस जारी कर जवाब मांगा।
News in Detail
जमीन के नक्शा सुधार के काम के लिए कलेक्टर की मंजूरी जारी होती है। जहां पर केस पांच साल और इससे पुराना हो, वहां पर एसडीएम को अपर कलेक्टर से भी मंजूरी लेना होती है। लेकिन कनाडिया के तत्कालीन एसडीएम ओम बड़कुल ने यह अपने स्तर पर ही कर लिया। शिकायत पर कलेक्टर ने जांच कराई। इसमें इसकी पुष्टि हुई। जिसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम को शोकॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
यह है मामला
कनाडिया के ग्राम अंडिया में सर्वे नंबर 208/2/1/2/1 व 208/2/1/2/2 कुल 0.364 हेक्टेयर जमीन है। लेकिन नक्शे में सर्वे नंबर गलत लिखा हुआ है। इसके संशोधन के लिए एसडीएम कोर्ट में केस पेश हुआ, जिसे मंजूरी के लिए एसडीएम ने कलेक्टर के पास भेजा।
इसे अपर कलेक्टर कोर्ट के पास भेजा गया। इसमें कुछ आपत्तियां लगाई गईं और आदेश दिए गए कि आपत्तियों का निराकरण कर फिर इसे कोर्ट भेजा जाए। लेकिन एसडीएम ने इस मामले में फिर आपत्तियों का निराकरण किए बिना ही अपने स्तर पर आदेश जारी कर दिया और नक्शा संशोधन मंजूर कर लिया। इस संबंध में 23 जनवरी 2026 को आदेश भी कर दिए।
कलेक्टर ने शोकॉज नोटिस में यह कहा
इस पर कलेक्टर को शिकायत मिली। इसकी जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि एसडीएम द्वारा अधिकार से परे जाकर यह काम किया गया। जबकि इसमें अपर कलेक्टर ने आपत्तियां लगाकर केस फिर बुलाया था और पांच साल की अवधि का था। ऐसे में बिना मंजूरी के यह केस एसडीएम स्तर पर नहीं सुना जा सकता था। साथ ही कलेक्टर के आदेश के बिना नक्शा संशोधन नहीं हो सकता है। ऐसे में शासकीय कर्तव्य में घोर लापरवाही की गई। कलेक्टर ने नोटिस में पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का प्रस्ताव संभागायुक्त को भेजा जाए। इस संबंध में नोटिस का जवाब सात दिन में अनिवार्य रूप से भेजा जाए, नहीं तो एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
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