इंदौर शहर काजी बोले- गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें, स्मार्टफोन से दूर रहें महिलाएं, बच्चे
इंदौर में मुख्य नमाज सदर बाजार के ईदगाह पर हुई। इसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग पहुंचे। शहर काजी इशरत अली ने समाज के लोगों के साथ नमाज अदा की और अमन और भाईचारे की दुआ मांगी। समाज को कई संदेश भी दिए।
गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करें
शहर काजी डॉ. इशरत अली ने कहा कि गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करना चाहिए। ताकि उसके कटने पर पाबंदी लग सके। इस पर समाज के लोगों ने हाथ उठाकर इस पर सहमति दी।
स्मार्टफोन से दूर रहें महिलाएं
साथ ही संदेश दिया कि स्मार्टफोन को परिवार की महिलाओं और बच्चों से दूर रखा जाए। यह नशे की तरह हावी हो रहा है। काजी ने शहर में जलसंकट पर भी बात की और कहा कि पानी को व्यर्थ नहीं बहने दें। इसे बचाएं और जल संरक्षण भी करें। वाटर रिचार्जिंग पर ध्यान दिया जाए। हमें शहर की बुनियादी सेवाओं का ध्यान रखना चाहिए।
हरियाली पर भी करें फोकस
साथ ही इंदौर शहर काजी ने हरियाली पर भी जोर दिया और कहा कि पेड़ों का संरक्षण करें। अधिक से अधिक पौधे लगाएं। सहजन की फली के पेड़ लगाएं, इससे लाभ होगा और शहर भी हरा-भरा होगा।
हिंदू परिवार ने 50 साल पुरानी परंपरा निभाई
ईद के मौके पर इंदौर में 50 साल से चली आ रही हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनोखी परंपरा भी निभाई गई। ईद के दिन शहर काजी को उनके घर से नमाज स्थल (सदर बाजार ईदगाह) तक लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी सत्यनारायण सलवाडिया और उनके परिवार ने निभाई।
शहर काजी अपने घर से बाहर आए। हिंदू परिवार ने फूलों का हार पहनाकर उनका स्वागत किया और ईद की मुबारकबाद दी। इसके बाद उन्हें खास तौर पर सजाई गई बग्घी/कार में ससम्मान ईदगाह लाया गया।
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