शिशुकुंज स्कूल ने पानी और फूड के सैंपल खुद जांचे, रिपोर्ट प्रशासन ने की खारिज, किचन बंद रहेगा

Sanjay Gupta | Jul 24, 2026, 11:58 IST
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इंदौर के शिशुकुंज स्कूल के पानी में भागीरथपुरा कांड वाला बैक्टीरिया मिलने के बाद से किचन बंद है। स्कूल प्रबंधन लगातार इसे दोबारा शुरू कराने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए प्रबंधन ने अपने स्तर पर पानी और खाने के सैंपल की जांच कराई।

इंदौर के शिशुकुंज स्कूल के पानी में ई कोलाई और कोलीफॉर्म जैसे खतरनाक बैक्टीरिया मिले हैं। यही बैक्टीरिया भागीरथपुरा कांड की वजह भी बने थे। द सूत्र के खुलासे के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि इसी दूषित पानी के कारण स्कूल के 150 बच्चे बीमार हुए थे। इसके बाद स्कूल का किचन सील कर दिया गया। अब प्रबंधन किचन दोबारा खुलवाने की कोशिश में जुटा है। इसके लिए भोपाल से इंदौर तक अधिकारियों से फोन कराए जा रहे हैं।





खुद ही दूसरी रिपोर्ट कराकर भेजी

बैक्टीरिया मिलने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस दिया। साथ ही किचन की व्यवस्थाएं ठीक करने के निर्देश भी दिए। इस बीच प्रबंधन ने अपने स्तर पर पानी और खाने के सैंपल की जांच कराई। रिपोर्ट ठीक आने का दावा करते हुए उसे प्रशासन को सौंप दिया गया। इसके बाद किचन खोलने की मांग की गई। इसके लिए अधिकारियों से फोन भी कराए गए।



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लेकिन प्रशासन ने खारिज कर दी रिपोर्ट, फिर जांच होगी

इंदौर जिला प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन की जांच रिपोर्ट मानने से इनकार कर दिया है। प्रशासन ने पानी और खाने के सैंपल दोबारा जांच के लिए भेजे हैं। नियमों के अनुसार, पहली जांच में सैंपल फेल होने पर संबंधित पक्ष दोबारा जांच की मांग कर सकता है। दूसरी जांच में भी सैंपल फेल होता है, तो मामला अपर कलेक्टर कोर्ट में पेश किया जाता है।



फूड विभाग की टीम ने नए सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने और क्लीन चिट मिलने तक स्कूल का किचन बंद रहेगा। वहीं, अमूल आइसक्रीम कंपनी ने भी अपना सैंपल फेल होने के खिलाफ अपील की है।



यह सैंपल असुरक्षित पाए गए थे

  • आरओ का पानी: पीने लायक नहीं मिला। इसमें ई कोलाई और कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाए गए।
  • तुअर दाल: तय मानकों पर खरी नहीं उतरी। इसमें खराब और दोष वाले बीज ज्यादा मिले।
  • फीकी सेव और नमकीन: खाने के लिए सुरक्षित नहीं मिले। इनमें बदबू और जरूरत से ज्यादा हानिकारक तत्व पाए गए।
  • रिफाइंड सोयाबीन तेल: इस्तेमाल के लिए सुरक्षित नहीं मिला। इसमें तय सीमा से ज्यादा सीसा पाया गया।
  • अमूल स्ट्रॉबेरी आइसक्रीम: इसकी गुणवत्ता खराब मिली। जांच में कई कमियां सामने आईं।

यह सैंपल ठीक मिले थे

रिपोर्ट के मुताबिक शरबत, राजमा, चावल, मसाले, जीरा, राई और गेहूं के सैंपल जांच में सही मिले। प्रशासन की टीम (Indore News) ने स्कूल से कुल 23 सैंपल लिए थे। सबसे बड़ी गड़बड़ी पानी और आइसक्रीम में मिली। बताया गया कि इसी वजह से एक साथ 150 बच्चे बीमार हो गए थे।



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