इंदौर ट्रैफिक पर हाईकोर्ट कमेटी की रिपोर्ट मैदान में नहीं पुलिसकर्मी, तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत

Sanjay Gupta | May 07, 2026, 23:01 IST
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Indore: इंदौर हाईकोर्ट में ट्रैफिक की समस्या पर सुनवाई हुई। यह सुनवाई विविध जनहित याचिकाओं को लेकर थी। हाईकोर्ट ने अधिवक्ताओं की 10 पेज की रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी मैदान में नजर नहीं आते।

इंदौर में ट्रैफिक व्यवस्था के हाल बेहाल है। हाईकोर्ट में जनहित याचिकाओं को लेकर हुई सुनवाई के दौरान गुरुवार 7 मई को ट्रैफिक कमेटी की रिपोर्ट पेश हुई। इसमें इंदौर ट्रैफिक के हाल बहुत बेकार बताए गए हैं। साथ ही सभी विभाग के अधिकाारियों के समन्वय करते हुए इसमें तत्काल कदम उठाने की जरूरत बताई गई। कमेटी में वरिष्ठ अधिवक्ता विनय जेलावत, विवेक पटवा और पियूष पाराशर थे। रिपोर्ट जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच में पेश हुई।



23 चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी की बहुत जरूरत

रिपोर्ट में इंदौर के 23 चौराहों पर तत्काल पुलिसकर्मियों की जरूरत बताई गई है। इसमें चाणक्यपुरी, कालानी नगर, बड़ा गणपति, महू नाका, मरीमात, गोपुर चौराहा, विजयनगर, रेडिसन, रसोम, एलआईजी, रोबोट चौराहा, पलासिया, गीता भवन, हाईकोर्ट नवलखा, व्हाइट चर्च, वायएन रोड, महू नाका, टावर चौराहा, आईटी पार्क, रेती मंडी और बंगाली चौराहा शामिल है।



इंदौर में 221 ट्रैफिक पुलिस वाले कम

रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल 881 पुलिसकर्मियों का स्टाफ ट्रैफिक के लिए है लेकिन 221 पद खाली है. इन्हें जल्द भरने की जरूरत है। इसी के चलते चौराहों पर पुलिस बल की कमी है।



यह भी बताई समस्याएं

यह भी बताया गया कि ट्रैफिक सिग्नल को सिस्टमेटिक करने् की जरूरत है जिससे सिग्नल पर अधिक नहीं रूकना पड़े और ट्रैफिक सुगम हो। फुटपाथ पर कब्जे हैं। रोड पर लोग पार्किंग कर रहे हैं। वनवे का पालन नहीं होता है। ई रिक्शा के कारण समस्या है, उन्हें ट्रेनिंग नहीं है और बेतरतीब चलाते हैं। रोड के काम को लेकर समन्वय नहीं है। पेंचवर्क की जरूरत है। खासकर अहम चौराहों पर जो काफी व्यस्त होते हैं।



सुनवाई में यह भी हुआ

वहीं सुनवाई के दौरान 'राजलक्ष्मी फाउंडेशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागड़िया और अधिवक्ता शिरीन सिलावट ने पैरवी की। याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी कहा गया कि, जब तक भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक यातायात प्रबंधन के लिए अंतरिम सहायता के तौर पर स्वयंसेवी संगठनों की मदद ली जा सकती है। हाईकोर्ट ने फुटपाथों और सड़कों पर अतिक्रमण तथा अवैध पार्किंग के मुद्दे पर भी संज्ञान लिया, और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इन्हें हटाने तथा इनकी रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इस मामले की अगली सुनवाई 14 मई 2026 को होगी।



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