इंदौर वंदे मातरम विवाद में ज्ञापन देने गिनती के बीजेपी पार्षद पहुंचे, फौजिया, रूबीना को बाहर करने की मांग
News in Short
- वंदेमातरम विवाद पर राजनीति जारी है।
- बीजेपी पार्षद ज्ञापन देने पहुंचे।
- 65 में से केवल 20 पार्षद ही पहुंचे।
- फौजिया और रूबीना पर आरोप लगाए गए।
- दोनों को निष्कासित करने की मांग हुई।
News in Detail
इंदौर में बुधवार को निगम के बजट सत्र से शुरू हुए वंदे मातरम विवाद को भुनाने में बीजेपी जुट गई है। उधर, कांग्रेस बैकफुट पर है। बीजेपी पार्षद गुरुवार शाम को संभागायुक्त सुदाम पी खाड़े के दफ्तर में ज्ञापन देने के लिए पहुंचे। निगम में बीजेपी के 65 पार्षद हैं, लेकिन मुश्किल से 20 ही ज्ञापन के लिए जमा हुए।
ज्ञापन में यह कहा गया
पार्षदों की ओर से वार्ड 11 के पार्षद कमल वाघेला द्वारा ज्ञापन दिया गया। यह वही वाघेला हैं, जिनके वार्ड भागीरथपुरा में दूषित पानी से 35 की मौत हुई थी। संभागायुक्त को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि बजट सत्र के दौरान पार्षद फौजिया शेख अलीम और पार्षद रूबीना इकबाल खान द्वारा वंदे मातरम का अपमान किया गया। इन्होंने कहा कि वंदे मातरम नहीं बोलूंगी, नहीं गाऊंगी, यह इस्लाम में मना है। तुम्हारे बाप में ताकत हो तो बुलवाकर बताओ जैसी बातें भरी सभा में की गईं।
दोनों को ही निष्कासित करने की मांग
पार्षद कमल वाघेला, राजीव जैन सहित बबलू शर्मा ने मांग की है। उन्होंने कहा है कि वंदे मातरम का अपमान करने वाली पार्षद फौजिया व रूबीना इकबाल खान को इस कृत्य के लिए निष्कासित किया जाए। साथ ही कठोर कार्रवाई की जाए। सभी बीजेपी पार्षद इनके काम की निंदा करते हैं।
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