बीजेपी नेता और संघ पदाधिकारी विवाद की FIR में विधायक मालिनी गौड़ के करीबियों पर ये गंभीर आरोप
इंदौर विधानसभा चार में बीजेपी नेता और संघ के पदाधिकारी के बीच में हुए विवाद ने राजनीति को गरमा दिया है। विधायक व पूर्व महापौर मालिनी गौड़ के करीबी नेता इसमें घिरा गए हैं।
पहली बार संघ से सीधे टकराव हुआ है। इसी के चलते पुलिस शनिवार रात को एफआईआर को टाल रही थी। वहीं रविवार शाम पांच बजे एफआईआर दर्ज हो गई।
एफआईआर में गंभीर आरोप लगे हैं। इसमें वीरेंद्र शेंडगे पर चाकू से हमला करने और पीए चित्तौड़ा द्वारा साथी को पिस्टल निकालने के लिए कहना भी लिखा हुआ है। साथ ही इसे चलाने की कोशिश भी हुई।
हालांकि चित्तौड़ा ने वीडियो जारी कर कहा है कि वह तो घटना के दौरान इंदौर में ही नहीं थे।
एफआईआर इनके द्वारा लिखवाई गई
यह एफआईआर जयानी आगार ने दर्ज करवाई है। इसमें आरोपी वीरेंद्र शेंडगे, गिरीश शेंडगे, शानू दिघे, मनीष ईमोलिया, प्रशांत सोनी, प्रणय चित्तौड़ा और अमित कोकाटे हैं।
इन पर बीएनएस धारा 109(1), 330(2), 296(ए), 62 व 3(5) के तहत केस हुआ है। इसमें-
- 109(1) के तहत – हत्या का प्रयास किया गया।
- 330(2) के तहत – किसी के घर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश।
- 296(ए) – अश्लील या अनुचित हरकतें।
- 3(5) – समूह बनाकर अपराध करना।
वीरेंद्र शेंडगे ने चाकू से किया हमला
एफआईआर में है कि जयानी मंदिर की ओर जा रही थी, तब उन्होंने देखा कि देवर सूजल के दोस्त चेतन पाटिल से मारपीट हो रही है। घटना 6 जून की रात 11.30 बजे उषा नगर की थी।
इस दौरान गणेशन पाठक भी साथ थे। वह मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। तभी शेंडगे ने उनका मोबाइल लेकर वीडियो डिलीट कर फेंक दिया। चेतन के साथ वीरेंद्र शेंडगे, गिरीश, शानू उर्फ सौरभ, मनीष ईमोलिया, प्रशांत, अमित व अन्य साथी थे।
जयानी ने बताया कि यह (आरोपी) मेरे देवर और पाटिल को मार रहे थे। वीरेंद्र ने चाकू निकाला और पाटिल से चेन और पैसे मांगे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि पैसे नहीं दिए तो जान से खत्म कर देंगे। जयानी ने आगे बताया कि चेतन पर वार भी किया, लेकिन वह हट गया। बाद में चेतन ने चेन और पैसे दे दिए।
प्रणय ने पिस्टल निकलवाई, मनीष ने चलाई
जयानी ने बताया कि वे रात करीब 12-12:30 बजे घर में पति, सहेली पूनम और उसके पति परमवीर के साथ बैठी थी। तभी वीरेंद्र, शानू, प्रशांत, गिरीश और कुछ लोग धक्का देकर जबरदस्ती घर के अंदर घुस आए।
शानू व साथियों ने कहा कि तेरा चेहरा बिगाड़ दूंगा। घर में तोड़फोड़ की और पति को भी मारा। वीरेंद्र ने मेरे सीने पर चाकू रखकर मारने की कोशिश की लेकिन मैं हट गई। इनके पास हथियार भी थे।
जयानी ने आगे बताया कि प्रणय के पास टामी थी। प्रणय बोला कि पिस्टल निकालो, इनको मार डालो। मनीष ने पति सुयश पर पिस्टल चलाने की कोशिश की, लेकिन वह चली नहीं। इसके चलते मेरे पति की जान बच गई।
जयानी महालक्ष्मी ने बताया किफिरइन लोगों नेकहा कि देवर सुजल व चेतन को समझा लेना नहीं तो जीवन खराब कर देंगे। अभी तो बच गए हो, नहीं तो आगे तुम्हारी और तुम्हारे परिवार की हत्या करनी होगी।
बिना नाम लिए विधायक गौड़ को भी घेरा
वहीं एफआईआर की आखिरी लाइन में बिना नाम लिए विधायक मालिनी गौड़ को भी घेरा गया है। एफआईआर के अंत में लिखा है कि ये सभी लोग बड़े नेता के समर्थक हैं। इसलिए डर के कारण रात में जयानी रिपोर्ट लिखवाने नहीं आ सकी।
विधायक के पीए चित्तौड़ा यह बोले
वहीं विधायक के पीए प्रणय चित्तौड़ा ने द सूत्र में उनके नाम एफआईआर में होने की खबर पढ़ने के बाद, रविवार रात मानपुर के पास से एक वीडियो जारी किया।
उन्होंने कहा कि एफआईआर में मेरा नाम गलत डाला गया है। मैं शनिवार शाम साढ़े सात बजे मेरे घर से महेश्वर के लिए निकला था। रविवार को भी दिन भर महेश्वर में था।
साथ ही उन्होंने बताया कि मैं अभी महेश्वर से इंदौर आ रहा हूं। अभी मुझे पता चला कि मेरा नाम एफआईआर में है। मैं इसके लिए उचित पटल पर बात रखकर कार्रवाई की मांग करूंगा।
कैसे शुरू हुआ विवाद
वहीं जानकारी के अनुसार घटना की शुरुआत शनिवार को हुई। शनिवार की रात 11 बजे करीब उषा नगर में रहने वाला नीतेश दो पहिया वाहन से कुत्तों को खाना डालने गया था। इस पर शेंडगे ने टोका कि यहां मत डालो। नीतेश ने फोन कर पिता को बुला लिया। साथ ही वीरेंद्र ने प्रशांत सोनी और अन्य को बुलाया।
वहीं नीतेश ने संघ के बस्ती पदाधिकारी चेतन पाटिल, परमवीर व अन्य को बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया। रात को मामला थाने पहुंचा। यहां पर हिंदरक्षक के संयोजक व विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ भी पहुंचे।
संघ की ओर से वीरेंद्र गोयल भी गए थे। फिर संघ के वासुदेव पाटीदार से चर्चा हुई और समझा-बुझाकर मामले को ठंडा किया गया।
वहीं रविवार सुबह फिर पाटिल के समर्थक भड़क गए और एफआईआर की मांग के साथ हंगामा हो गया। शेंडगे की मल्टी पर पथराव भी हुआ।
इसके बाद दोपहर में शानू दिघे के घर और एक बार फिर शेंडगे की मल्टी में अज्ञात लोग पहुंचे और पथराव हुआ। इसके बाद मामला नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा ने शेंडगे को विधानसभा प्रभारी पद से हटाने और साथ ही पार्टी से निष्कासन का नोटिस थमा दिया। वहीं शाम होते-होते एफआईआर हो गई।
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