इंदौर का 90% पानी जहरीला, जीतू पटवारी के आरोप पर महापौर बोले- ये कांग्रेस की ओछी राजनीति

Sanjay Gupta | May 29, 2026, 20:39 IST
Photograph: (THESOOTR)
INDORE. इंदौर के पानी को जहरीला बताने वाले कांग्रेस के आरोपों पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शहर को बदनाम करने की ओछी राजनीति कर रही है। महापौर ने सैंपल रिपोर्ट और जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • जीतू पटवारी ने दावा किया कि इंदौर का 90 फीसदी पानी जहरीला है।
  • कांग्रेस ने 29 वार्डों से 240 पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे।
  • रिपोर्ट में 98 फीसदी सैंपल फेल होने का दावा किया गया।
  • महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताया।
  • नगर निगम अब दोबारा सैंपल जांच कराने की तैयारी में है।

इंदौर में पेयजल को लेकर कांग्रेस और बीजेपी एक बार फिर आमने-सामने हैं। दिसंबर-जनवरी में हुए भागीरथपुरा कांड के बाद अब कांग्रेस फिर पानी का बड़ा मुद्दा बना रही है।



प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को इंदौर में कहा कि कांग्रेस ने इंदौर के 29 वार्डों से 240 पानी के सैंपल लिए और इसकी जांच कराई। इसमें 98 फीसदी सैंपल फेल हुए और 90 फीसदी पानी जहरीला मिला है। अब इस पर महापौर ने जवाब दिया है।



महापौर बोले, तीन माह तक क्यों दबाई रिपोर्ट

महापौर पुष्यमित्र भार्गव, एमआईसी मेंबर नंदू पहाड़िया और बबलू शर्मा ने शाम को इसका जवाब दिया। महापौर ने कहा कि यह सैंपल 5 और 6 फरवरी को लिए गए थे। इसकी रिपोर्ट 13 फरवरी को आ गई थी, लेकिन यह रिपोर्ट तीन माह तक क्यों दबाकर रखी गई। जब सैंपल 240 जगहों से ही लिए गए तो फिर शहर का 90 फीसदी पानी जहरीला किस आधार पर बताया जा रहा है।



पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यह रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा भर है। ना ही मानकों के तहत सैंपल लिए गए और ना ही निगम के अधिकारियों को साथ लिया गया। प्लास्टिक की बोतल में सैंपल लिए।



महापौर ने कहा कि लैब भी नोएडा की है, जबकि इंदौर में इसकी टेस्टिंग कराई जा सकती थी। यह पानी की सैंपलिंग का पूरा ठेका कांग्रेस ने दिया और उसी के अनुसार काम किया गया।



Indore water


यह ओछी और शहर को बदनाम करने की राजनीति

महापौर ने कहा कि कांग्रेस हमेशा शहर को बदनाम करने की ओछी राजनीति करती है। यदि रिपोर्ट आ गई थी तो कांग्रेस ने तीन माह तक इसे क्यों दबाकर रखा।



पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि यदि कांग्रेस को लग रहा था कि पानी जहरीला है तो इसकी जानकारी निगम को देना थी। निगम की लैब में तुरंत इन जगहों के सैंपल लेकर जांच कराई जा सकती थी।



महापौर ने कहा कि यदि कहीं कोई कमी होती तो उसे तत्काल ठीक किया जाता, ताकि जनता को सुरक्षित पानी मिल सके। उन्होंने कहा कि नगर निगम अब इन जगहों से दोबारा सैंपल लेकर जांच कराएगा।



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