यशवंत क्लब में द सूत्र के खुलासे के बाद विवाद, चेयरमैन-सचिव ने कमेटी सदस्यों को लिखा, आप बाधा डाल रहे
'द सूत्र' ने गुरुवार को किया था खुलासा
मप्र और इंदौर के सबसे बड़े क्लब में गिने जाने वाले यशवंत क्लब ( Yashwant Club ) में नव निर्वाचित कमेटी में ही मतभेद तीखे हो गए हैं। यह विवाद यहां 50 करोड़ के काम के लिए होने वाले टेंडर की प्रक्रिया, मास्टर प्लान व अन्य बातों को लेकर है।
'द सूत्र' ने गुरुवार 8 अक्टूबर को इसका खुलासा किया था। कमेटी के सह सचिव तेजवीर जुनेजा और कार्यकारिणी सदस्य राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ और विकास (बॉबी) थम्मन ने चेयरमैन जितेंद्र जैन और सचिव विजय कस्तूरी को आपत्ति पत्र दिया था।
इस पत्र का अब चेयरमैन और सचिव ने जवाब दिया है, लेकिन क्लब में मैनेजिंग कमेटी के खिलाफ संदेश चलने लगे हैं और वर्तमान कमेटी को खड़ाउ सरकार कहा जा रहा है। इसका मतलब है कि वर्तमान कमेटी पूर्व कमेटी के प्रभाव में काम कर रही है।
चेयरमैन और सचिव ने सदस्यों को पत्र में लिखा
चेयरमैन जैन और सचिव कस्तूरी ने कमेटी को पत्र लिखने वाले पांचों सदस्यों को संबोधित कर यह पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि सभी प्रक्रिया बिल्डिंग कमेटी द्वारा नियम से हो रही है। आम सभा में तय हुआ था कि एक सात सदस्यीय बिल्डिंग कमेटी होगी। इसमें अभी चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी है। इसमें दो इंजीनियर और सीए भी है।
यह भी तय हुआ था कि किसी भी मैनेजिंग कमेटी द्वारा तय मास्टर प्लान में बदलाव नहीं किया जाएगा। इसमें पत्र लिखने वाले सदस्य भी मौजूद थे और प्रस्ताव को सहमति दी थी।
अब आप पत्र लिखकर बाधा डाल रहे
जैन और कस्तूरी ने जवाबी पत्र में लिखा कि तेजवीर जुनेजा, राजेश तलवार, गुनीत सिंह चड्ढा, वैभव दुआ और विकास थम्मन (बॉबी) ने ऊपर कई मौकों पर अपनी सहमति दी थी। अब सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव को ध्यानपूर्वक पढ़े बिना बिल्डिंग कमेटी पर आरोप लगाकर विकास कार्य में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा करके आप सदन के निर्णय का भी अनादर कर रहे हैं।
हम (जैन और कस्तूरी) भी इस बिल्डिंग कमेटी में सदस्य है इसलिए आप हम पर भी आरोप लगा रहे हैं जो पूरी तरह से अनुचित है। आपने पत्र लिखने से पहले शंकाओं के लिए बिल्डिंग कमेटी से कभी संपर्क नहीं किया और अब यह पत्र लिख रहे हैं। हम बिल्डिंग कमेटी के निर्णय के अनुसार कार्य कर रहे हैं और उनका निर्णय सभी के लिए और वर्तमान एवं भविष्य की प्रबंध समिति के लिए भी बाध्यकारी है।
यशवंत क्लब में सदस्यों ने चलाए मैसेज
उधर क्लब में इस मामले को लेकर वर्तमान मैनेजिंग कमेटी को लेकर मैसेज चलने लगे हैं। इसमें लिखा गया है कि क्या यशवंत क्लब के बड़े निर्माण फैसले सिर्फ पुरानी कमेटी के निर्णयों से चलेंगे?
यदि वर्तमान चेयरमैन जीतू जैन जी के अनुसार सारे निर्णय पूर्व चेयरमैन टोनी सचदेवा जी, पूर्व सेक्रेटरी संजय गोरानी जी और हाउस द्वारा नियुक्त पुरानी कंस्ट्रक्शन कमेटी के आधार पर लिए जा रहे हैं, तो फिर जून 2026 में चुनकर आई वर्तमान मैनेजिंग कमेटी की भूमिका क्या है?
पत्र लिखने वाले सदस्य क्लब के लिए अच्छा करना चाहते हैं उन्हें क्लब के सदस्यों ने चुना है। इसलिए उनकी आवाज को सिर्फ "हाउस में पहले तय हो चुका है" कहकर अनसुना नहीं किया जा सकता। आज जब यही 5 निर्वाचित सदस्य क्लब के हित में सवाल उठा रहे हैं, तो उनकी आपत्ति पर गंभीरता से विचार होना चाहिए, न कि उसे नजरअंदाज किया जाना चाहिए।
हमारा समर्थन किसी व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के सम्मान और अधिकार के पक्ष में है। यदि किसी फैसले के लिए हाउस की मंजूरी जरूरी है, तो जरूर ली जाए। पर तब तक, अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए सवाल उठाने वाले इन 5 सदस्यों के साथ खड़ा होना हम सबका कर्तव्य है। वरना चुनाव का औचित्य क्या? चुनकर आए सदस्यों को सिर्फ नाम का सदस्य बनाकर रखना, क्या यह स्वस्थ लोकतंत्र है? क्लब किसी एक का नहीं, हम सभी 5000 सदस्यों का है।
यह हुआ है विवाद
दरअसल यशवंत क्लब ने लंबे समय बाद नई सदस्यता खोली और लक्ष्य था इससे 25 करोड़ रुपए जमा करना। इसके तहत 100 नए सदस्य बनाए गए। क्लब में करीब 50 करोड़ की राशि से नया भव्य भवन बनना है। इसके लिए नई कमेटी को काम शुरू करना था।
लेकिन 6 अक्टूबर को कमेटी ने काम के पहले चरण में एसटीपी निर्माण के लिए टेंडर बुलाने की सूचना क्लब के नोटिस बोर्ड पर लगा दी। यह काम सवा दो करोड़ का है। इसके लिए किसी भी अखबार में सूचना जारी कर खुले बाजार में टेंडर नहीं बुलाए और केवल नोटिस बोर्ड पर सूचना दी।
इसके बाद कमेटी सदस्यों ने दे दिया आपत्ति पत्र
इस पर नाराज होकर कमेटी के सदस्यों ने चेयरमैन और सचिव को तीखा आपत्ति पत्र लिखा। इसमें कहा गया कि चुने जाने के बाद हम लगातार तीन माह से नए कामों को लेकर जानकारी मांग रहे हैं। लेकिन आज तक कोई जानकारी नहीं दी गई है कि यह काम कैसे होगा क्या डिजाइन होगी, क्या लागत होगी क्या समयसीमा होगी आदि। ना ही आज तक इस पर कमेटी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई।
अब क्लब के नोटिस बोर्ड पर सूचना जारी कर टेंडर बुलाए जा रहे हैं, जो उच्च दर के हैं। इसे खुले में अखबारों में प्रकाशित किया जाना चाहिए था। किसी भी उच्च दर वाले टेंडर के पहले पूरी विकास योजना, मास्टर प्लान पर चर्चा होनाा थी। टेंडर का व्यापक प्रचार होना था, केवल क्लब के नोटिस बोर्ड पर सूचना से खुली प्रतिस्पर्धा नहीं होगी। सदस्यों ने साफ लिखा कि आगे कोई भी काम करने से पहले हमारी आपत्तियों का समाधान किया जाए।
चेयमरैन ने सचदेवा, गोरानी को बताया था जिम्मेदार
वहीं, इस मामले में चेयरमैन जितेंद्र जैन से जब 'द सूत्र' ने गुरूवार को सीधी बात की। उन्होंने कहा कि हमारे यहां साधारण सभा के जरिए बिल्डिंग कमेटी बनी है। इसमें चेयरमैन टोनी सचदेवा ( यह क्लब के पूर्व चेयरमैन है) व सचिव संजय गोरानी (यह पूर्व सचिव है) है। उन्हीं के द्वारा ही फैसला लिया गया है।
टेंडर क्लब के बोर्ड पर लगाना यह भी उन्हीं का फैसला है। अब जैन द्वारा लिखे गए पत्र में अपना और बिल्डिंग कमेटी दोनों का बचाव यह कहकर किया जा रहा है कि सारे प्रस्ताव आम सभा में पास हुए थे और सभी की सहमति थी, कमेटी सही काम कर रही है।
उधर नया नोटिस लगाया
वहीं, मैनेजिंग कमेटी ने क्लब के नोटिस बोर्ड पर लगाए गए टेंडर संबंधी सूचना को बदल दिया है। पहले इसमें केवल पांच दिन दिए थे, लेकिन अब टेंडर भरने के लिए समय बढ़ाया गया। नए समय के अनुसार टेंडर फार्म जारी करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर है। प्री बिड मीटिंग 17 अक्टूबर को होगी, टेंडर भरने की तारीख 22 अक्टूबर की शाम पांच बजे तक है और इसे उसी दिन शाम सात बजे खोला जाएगा।
FAQ:
- यशवंत क्लब टेंडर विवाद क्या है?
यशवंत क्लब टेंडर विवाद उस संघर्ष को संदर्भित करता है जिसमें नव निर्वाचित कमेटी के पांच सदस्यों ने चेयरमैन जितेंद्र जैन और सचिव विजय कस्तूरी पर 50 करोड़ रुपए के विकास कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया है। इस विवाद की शुरुआत 'द सूत्र' द्वारा टेंडर प्रक्रिया के बारे में की गई रिपोर्ट से हुई। - क्लब में हुए मतभेद के पीछे मुख्य कारण क्या है?
क्लब में हुए मतभेद मुख्य रूप से मास्टर प्लान, टेंडर प्रक्रिया और विकास कार्यों के बारे में Lack of communication और पूर्व कमेटी के प्रभाव से संचालित निर्णयों से संबंधित हैं। पत्र लिखने वाले सदस्यों ने कमेटी पर आरोप लगाया कि वे क्लब के सदस्यों की चिंताओं का समाधान नहीं कर रहे हैं। - टेंडर प्रक्रिया के बारे में क्या नई जानकारी उपलब्ध है?
टेंडर प्रक्रिया में बदलाव करते हुए, यशवंत क्लब की मैनेजिंग कमेटी ने नोटिस बोर्ड पर टेंडर संबंधी सूचना को अपडेट किया है। अब टेंडर पत्र भरने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है, प्री बिड मीटिंग 17 अक्टूबर को होगी, और टेंडर भरने की समापन तिथि 22 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक है।